डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए मानदंडों में ढील
भारत सरकार ने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (DSIR) से वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए मानदंडों में ढील देने की घोषणा की है।
मुख्य घोषणाएं
- तीन साल की व्यवहार्यता मानदंड को हटा दिया गया है, जिससे स्टार्टअप औद्योगिक अनुसंधान और विकास प्रोत्साहन कार्यक्रम (IRDPP) के तहत 1 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
- इस बदलाव का उद्देश्य डीप-टेक स्टार्टअप्स की पूरी तरह से स्थापित होने से पहले ही उन्हें वित्तीय सहायता प्रदान करके उनकी वृद्धि को गति देना और उसे बनाए रखना है।
- स्टार्टअप्स को अभी भी तकनीकी परिपक्वता से संबंधित मूल्यांकन मानकों का पालन करना होगा।
निहितार्थ और अपेक्षाएं
- इस नीतिगत बदलाव से होनहार परियोजनाओं और नवप्रवर्तकों को शुरुआती गति मिलने की उम्मीद है।
- सरकार का 1 लाख करोड़ रुपये का व्यापक अनुसंधान, विकास और नवाचार (RDI) कोष काफी रुचि पैदा कर रहा है, जो कुछ तकनीकी परिपक्वता स्तरों वाले स्टार्टअप्स को समर्थन दे रहा है।
- प्रारंभिक चरण के नवप्रवर्तकों के लिए, DST, CSIR और प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) जैसे विभागों में कई योजनाएं उपलब्ध हैं।