ईरानी परमाणु स्थलों पर संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था की रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र की अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने कथित इजरायली या अमेरिकी हमलों के परिणामस्वरूप ईरान की परमाणु सुविधाओं को संभावित नुकसान के संबंध में चिंताओं का समाधान किया है।
मुख्य कथन और अवलोकन
- IAEA का रुख:
- IAEA के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने बताया कि इन हमलों से ईरानी परमाणु सुविधाओं को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
- इस एजेंसी की ईरान में प्रत्यक्ष उपस्थिति नहीं है और यह निगरानी के लिए उपग्रह चित्रों पर निर्भर करती है।
- ईरान के दावे:
- IAEA में ईरान के राजदूत रजा नजाफी ने दावा किया कि नतान्ज परमाणु परिसर पर हमला हुआ था।
- ईरान ने नतान्ज़ में हुए नुकसान की सीमा के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी।
वर्तमान निगरानी और चुनौतियाँ
- पिछले हमलों के बाद से IAEA का ईरानी अधिकारियों के साथ सीमित संपर्क है और ईरान में कोई निरीक्षक तैनात नहीं है।
- IAEA ने सुविधाओं को हुए मामूली नुकसान का उल्लेख किया, जो पिछले हमलों की तुलना में महत्वपूर्ण नहीं था।
कूटनीतिक प्रयास और सिफारिशें
- ग्रॉसी ने ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच नए सिरे से संवाद शुरू करने का आह्वान किया।
- जेनेवा में ओमान की मध्यस्थता से हुई वार्ता की विफलता के बाद बातचीत फिर से शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
- IAEA का कहना है कि संगठित ईरानी परमाणु हथियार कार्यक्रम का कोई विश्वसनीय सबूत नहीं है।
समग्र आकलन परमाणु मुद्दे के समाधान के लिए राजनयिक संवाद और निरंतर निगरानी के महत्व को रेखांकित करता है।