जनगणना 2027 का प्रारंभ
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनगणना 2027 के प्रारंभिक चरण के लिए अपनी स्व-गणना पूरी कर ली है, जिसे गृह सूचीकरण और आवास जनगणना (HLO) के नाम से जाना जाता है।
- इस चरण में आवास की स्थितियों, उपलब्ध सुविधाओं और घरेलू संपत्तियों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
- डेटा संकलन पहली बार डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है।
मोदी ने नागरिकों से स्वयं जनगणना करके जनगणना प्रक्रिया में भाग लेने का आग्रह किया है।
स्व-गणना प्रक्रिया
- जनगणना 2027 का पहला चरण 1 अप्रैल को स्व-गणना के साथ शुरू हुआ।
- इसके बाद 16 अप्रैल से घर-घर जाकर मकानों की सूची जारी करने का अभियान चलाया जाएगा।
- पहले चरण को अप्रैल और सितंबर 2026 के बीच 30 दिनों की अवधि में पूरा करने का कार्यक्रम निर्धारित है।
जनगणना कवरेज
- जनगणना में निम्नलिखित बातें शामिल होंगी:
- 784 जिले
- 5,127 वैधानिक नगर
- 4,580 जनगणना नगर
- 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 6,39,902 गाँव
प्रशासनिक विवरण
- जनगणना एक केंद्रीय विषय है, जो भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची में क्रमांक 69 पर सूचीबद्ध है।
- केंद्र सरकार ने 16 जून को जनगणना 2027 आयोजित करने के लिए एक अधिसूचना जारी की।
- भारत के रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय (RGI) ने देश के अधिकांश हिस्सों के लिए संदर्भ तिथि 1 मार्च, 2027 अधिसूचित की है।
- लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे बर्फ से ढके और गैर-समकालिक क्षेत्रों के लिए, संदर्भ तिथि 1 अक्टूबर, 2026 है।