कृत्रिम बुद्धिमत्ता शासन और आर्थिक समूह (AIGEG)
भारत सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता शासन और आर्थिक समूह (AIGEG) की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य भाषा मॉडल और चैटबॉट सिस्टम विकसित करने वाली कंपनियों के लिए एक एकीकृत कानूनी ढांचा तैयार करना है।
प्रस्तावित ढांचा
- इस फ्रेमवर्क का उद्देश्य निम्नलिखित है:
- AI उत्पादों और सेवाओं के लिए स्पष्ट सीमाएं निर्धारित करना और नियामक सैंडबॉक्स स्थापित करना।
- AI टूल विकसित करने वाली कंपनियों के लिए जवाबदेही और घरेलू कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करना।
यह फ्रेमवर्क भारत में AI टूल्स और सेवाएं संचालित करने या प्रदान करने वाली सभी कंपनियों पर लागू होगा।
रणनीतिक फोकस क्षेत्र
- AI रणनीति संवर्धन:
- कुछ ऐसे उपयोग मामलों पर ध्यान केंद्रित करना जो 12 से 18 महीनों के भीतर मापने योग्य परिणाम देने में सक्षम हों।
- प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा, कृषि और शिक्षा शामिल हैं।
- कौशल विकास और उन्नत कौशल विकास:
- प्रभावित नौकरी प्रोफाइलों को पुनः प्रशिक्षित करके संभावित नौकरी हानि की समस्या का समाधान करना।
- प्रभावी पुनर्प्रशिक्षण रणनीतियों के लिए उद्योग समूहों और कंपनियों के साथ परामर्श करना।
AIGEG का गठन और संरचना
- इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Meity) द्वारा गठित।
- केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री की अध्यक्षता में।
- इसमें उच्च स्तरीय अधिकारी शामिल हैं:
- इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री उपाध्यक्ष के रूप में।
- सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार।
- नीति आयोग के मुख्य आर्थिक सलाहकार और मुख्य कार्यकारी अधिकारी।
- दूरसंचार, आर्थिक मामले, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा सूचना प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख विभागों के सचिव।
प्रौद्योगिकी और नीति विशेषज्ञ समिति
- AIGEG को तकनीकी और नीतिगत विशेषज्ञता प्रदान करने के लिए गठित किया गया।
- सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव के नेतृत्व में।
- सदस्यों में शामिल हैं:
- IIT मद्रास से बी. रवींद्रन और IIT गांधीनगर से रजत मूना।
- नैसकॉम, डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया और मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन फॉर इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी जैसे उद्योग निकायों के प्रतिनिधि।
- भूमिकाएँ:
- AI गवर्नेंस पर अंतर्दृष्टि प्रदान करना, क्षमताओं का आकलन करना, जोखिमों की पहचान करें और नियामक कमियों को दूर करना।
- उभरती हुई AI प्रौद्योगिकियों के प्रति भारत की नीतिगत प्रतिक्रिया को आकार देने में मदद करना।