ऑपरेशन प्रोजेक्ट फ्रीडम और होर्मुज जलडमरूमध्य
डोनाल्ड ट्रंप ने 'ऑपरेशन प्रोजेक्ट फ्रीडम' की घोषणा की, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना है, जिसे अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए संघर्ष के बाद ईरान ने बंद कर दिया था।
अभियान की शुरुआत
- इस अभियान का उद्देश्य फंसे हुए व्यापारिक जहाजों को मार्गदर्शन देना और ईरान के किसी भी हस्तक्षेप का बलपूर्वक मुकाबला करना था।
- श्री ट्रम्प द्वारा जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रयासों का विरोध हुआ, जिसके परिणामस्वरूप ईरान की ओर से सैन्य प्रतिक्रिया हुई।
ईरान की प्रतिक्रिया और युद्धविराम
- ईरान ने दो अमेरिकी विध्वंसक जहाजों और एक यूएई टैंकर पर हमला किया, जो इस अभियान के प्रति उसके कड़े विरोध का संकेत था।
- संयुक्त अरब अमीरात ने दो बार हमले की सूचना दी और इस स्थिति के कारण पाकिस्तान ने युद्धविराम का अनुरोध किया।
संघर्ष के परिणाम
- यह अभियान 50 घंटे से भी कम समय तक चला और जलडमरूमध्य अभी भी बंद है।
- अमेरिका 40 दिनों के संघर्ष में अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में विफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप जलडमरूमध्य के बंद होने से संकट उत्पन्न हो गया।
रणनीतिक गलतियाँ और उनके परिणाम
- बयानबाजी के बावजूद, इस चल रहे संघर्ष में अमेरिका के पास बहुत कम फायदे हैं।
- ईरान अपने रुख पर अडिग है, और सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने मिसाइल और परमाणु क्षमताओं के साथ-साथ होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के नियंत्रण का दावा किया है।
- ईरान के बिना शर्त आत्मसमर्पण की ट्रंप की शुरुआती मांग धीरे-धीरे एक समझौते की तलाश में बदल गई, लेकिन ईरान से कोई ठोस रियायतें लिए बिना।
अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव
- यह लंबा संकट अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है और संभावित रूप से ट्रंप के राष्ट्रपति पद को कमजोर कर सकता है।
- संघर्ष फिर से शुरू होने से खाड़ी देशों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर विनाशकारी प्रभाव पड़ सकते हैं।
- आर्थिक अस्थिरता को रोकने के लिए वाशिंगटन को ईरान के साथ पारस्परिक मांगों और रियायतों को शामिल करते हुए एक समझौते पर बातचीत करने की आवश्यकता है।