भारत के कृषि निर्यात और आयात (2025-26)
कृषि निर्यात का अवलोकन
अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ के बावजूद, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के कृषि निर्यात में साल-दर-साल 2.3% की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 53.1 बिलियन डॉलर हो गया।
- कुल माल निर्यात में हुई 0.9% की वृद्धि की तुलना में वृद्धि दर अधिक थी।
- अमेरिकी टैरिफ के कारण जिन वस्तुओं की कीमतों में भारी गिरावट आई, उनमें दवाइयां, रेडीमेड कपड़े, सोना और आभूषण तथा चमड़े के उत्पाद शामिल हैं।
निर्यात बाजारों का विविधीकरण
- समुद्री उत्पादों के निर्यात में 13.9% की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 8.4 अरब डॉलर से अधिक हो गया।
- भैंस के मांस के निर्यात में 25.6% की वृद्धि हुई और यह 5.1 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
- कॉफी का निर्यात पहली बार 2 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया।
प्रमुख कृषि आयात वस्तुएँ
- वनस्पति तेल का आयात 169.4 लाख टन तक पहुंच गया, जिसका मूल्य 19.5 अरब डॉलर था।
- दालों का आयात 59.6 लाख टन रहा, जिसका मूल्य 3.6 अरब डॉलर था।
- ताजे फलों का आयात 3.5 अरब डॉलर से अधिक का है, जिसमें अमेरिका एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।
व्यापार संतुलन में बदलाव
उत्पादन में कमी के कारण भारत कच्चे कपास का शुद्ध निर्यातक होने से आयातक बन गया है।
- 2025-26 में कच्चे कपास का आयात कुल 1.9 बिलियन डॉलर रहा, जो निर्यात से अधिक था।
निष्कर्ष: व्यापार अधिशेष में कमी
कृषि व्यापार में अधिशेष 2013-14 में 27.7 बिलियन डॉलर से घटकर 2025-26 में 12.7 बिलियन डॉलर हो गया है, जो इस अंतर के कम होने का संकेत देता है।
भारत कृषि उत्पादों का अधिशेष व्यापारी बना हुआ है, हालांकि यह अंतर धीरे-धीरे कम हो रहा है।