हाल ही में, अंबाजी मार्बल को जीआई टैग प्राप्त हुआ है।
अंबाजी मार्बल के बारे में
- उत्पादन: गुजरात के बनासकांठा जिले में।
- मुख्य विशेषताएं: दूधिया सफेद रंग, प्राकृतिक सौंदर्य और टिकाऊपन। इसका उपयोग मंदिरों, स्मारकों और भव्य इमारतों में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
भौगोलिक संकेतक (GI Tag) के बारे में
- अर्थ: यह एक प्रमाणीकरण है। इस टैग का इस्तेमाल ऐसे उत्पादों पर किया जाता है, जिनकी एक विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति होती है। इसी उत्पत्ति के कारण इन उत्पादों में विशिष्ट गुण या प्रतिष्ठा होती है।
- अधिनियम: यह वस्तुओं का भौगोलिक संकेतक (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 1999 के तहत प्रदान किया जाता है।
- वैधता: इसकी वैधता 10 वर्ष तक होती है।
- नोडल विभाग: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग।
हिमाचल प्रदेश का रौलाने उत्सव अपनी प्राचीन आस्था और परंपरा को संरक्षित करता है।
रौलाने उत्सव के बारे में
- अवलोकन: यह हिमाचल प्रदेश के किन्नौर क्षेत्र का 5,000 वर्ष पुराना प्राचीन उत्सव है। सौनी नामक रहस्यमय दिव्य परियों को सम्मानित करता है।
- मुख्य अनुष्ठान: इस उत्सव में दो पुरुष प्रतीकात्मक दूल्हे और दुल्हन (रौला व रौलने) की भूमिका निभाते हैं। ये पूरी तरह से किन्नौरी ऊनी परिधानों से ढके होते हैं। यह अनुष्ठान दिव्यता से जुड़ाव को दर्शाता है।
- शोभा-यात्रा: प्रतीकात्मक दूल्हा और दुल्हन नागिन नारायण मंदिर तक जाता है और वहां एक मंद संचालन वाला भक्तिपूर्ण नृत्य प्रस्तुत करते हैं।
COP-30 में जलवायु परिवर्तन और व्यापार पर एकीकृत मंच (IFCCT) का शुभारंभ किया गया।
IFCCT के बारे में
- लक्ष्य: एक स्थायी व राजनीतिक रूप से समर्थित मंच तैयार करना, जहां देश व्यापार संबंधी नीतियों और जलवायु कार्रवाई के बीच बढ़ते विवाद को समाप्त कर सकें।
- यह मंच विश्व व्यापार संगठन (WTO) और UNFCCC दोनों से संस्थागत रूप से स्वतंत्र रहेगा।
- मंच की सह-अध्यक्षता ब्राजील और एक भागीदार विकसित देश द्वारा की जाएगी, और यह UNFCCC के सभी पक्षों के लिए खुला होगा।
- यह मंच निम्नलिखित कार्य नहीं करेगा-
- बाध्यकारी परिणामों पर वार्ता;
- मौजूदा समझौतों की व्याख्या;
- विवादों का न्यायनिर्णयन;
- विशिष्ट राष्ट्रीय उपायों का मूल्यांकन आदि।
Article Sources
1 sourceमौसम और जलवायु डेटा पर विश्व का पहला इम्पैक्ट बॉण्ड, सिस्टमैटिक ऑब्जर्वेशन इम्पैक्ट बॉण्ड (SOIB) योगदान के लिए खोला गया।
सिस्टमैटिक ऑब्जर्वेशन इम्पैक्ट बॉण्ड (SOIB) के बारे में
- इसे COP30 (UNFCCC) एक्शन एजेंडा के एक भाग के रूप में घोषित किया जाना है।
- लक्ष्य: यह एक वित्त-पोषण साधन है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर में समुत्थानशीलता (resilience) और पूर्व चेतावनियों को मजबूत करना है।
- इसका लक्ष्य 2026 के अंत तक 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर का प्रारंभिक पूंजीकरण प्राप्त करना है।
- विकासकर्ता: इसे सिस्टमैटिक ऑब्जर्वेशन फाइनेंसिंग फैसिलिटी (SOFF) द्वारा विकसित किया गया है।
- SOFF एक संयुक्त राष्ट्र कोष है। इसे संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP), विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO), और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) द्वारा बनाया गया है।
- महत्त्व: यह 30 अल्प विकसित देशों (LDCs) और लघु द्वीपीय विकासशील देशों (SIDS) की ग्लोबल बेसिक ऑब्जर्विंग नेटवर्क (GBON) मानकों को पूरा करने में मदद करेगा।
Article Sources
1 sourceफ़ूड वेस्ट ब्रेकथ्रू (FWB) पहल को 2030 जलवायु समाधान के रूप में COP30, बेलेम में शुरू किया गया। इस पहल को वैश्विक जलवायु कार्रवाई हेतु मर्राकेश भागीदारी के तहत आरंभ किया गया है।
FWB के बारे में
- परिचय: यह पहल सरकारों, शहरों और नागरिक समाज को एक ऐसे मुद्दे पर कार्रवाई करने के लिए एकजुट करेगी, जो वैश्विक भुखमरी एवं जलवायु परिवर्तन के केंद्र में है।
- लक्ष्य:
- वैश्विक खाद्य अपशिष्ट को आधा करना; तथा
- 2030 तक मीथेन उत्सर्जन में 7% तक की कमी लाना।
- वित्तीय समर्थन: वैश्विक पर्यावरण सुविधा (GEF) ने 3 मिलियन अमेरिकी डॉलर देने की प्रतिबद्धता जताई है।
- भागीदारी: भागीदार देशों में ब्राजील, जापान और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं। साथ ही, कई वैश्विक शहर और निजी क्षेत्रक के भागीदार भी इसमें शामिल हैं।
हाल ही में, भारत और यूरेशियाई आर्थिक संघ (EAEU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर वार्ता की प्रगति की समीक्षा की गई।
EAEU के बारे में
- अवलोकन: यह क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है।
- उत्पत्ति: इसकी स्थापना यूरेशियाई आर्थिक संघ पर संधि के द्वारा हुई है। इस संधि पर 2014 में हस्ताक्षर किए गए थे।
- सदस्य: आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और रूस।
- विशेषता: यह वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी और श्रम की मुक्त आवाजाही को सक्षम बनाता है। इसे समन्वित, सामंजस्यपूर्ण और एकीकृत नीतियों द्वारा समर्थन मिलता है।
नासा का एस्केपेड (ESCAPADE) अंतरिक्ष यान ब्लू ओरिजिन के न्यू ग्लेन रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया।
- एस्केपेड/ ESCAPADE: एस्केप एंड प्लाज्मा एक्सीलेरेशन एंड डायनेमिक्स एक्सप्लोरर्स (Escape and Plasma Acceleration and Dynamics Explorers)।
एस्केपेड (ESCAPADE) मिशन के बारे में
- उद्देश्य: यह जांच करना कि सौर पवन मंगल के चुंबकीय वातावरण के साथ कैसे अंतर्क्रिया करती है। साथ ही, यह भी परीक्षण करना कि यह अंतर्क्रिया ग्रह के वायुमंडलीय पलायन (atmospheric escape) को कैसे संचालित करता है।
- मंगल ग्रह का चुंबकमंडल (magnetosphere) एक प्राचीन कोर से बचे हुए चुंबकीय क्षेत्रों और इसके ऊपरी वायुमंडल के एक कमजोर चुंबकीय क्षेत्र से बना है।
- इस अंतरिक्ष यान को पृथ्वी के लैग्रेंज पॉइंट-2 के चारों ओर मौजूद "लॉइटर" कक्षा (loiter orbit) में प्रक्षेपित किया गया है।
- लैग्रेंज प्वाइंट्स पर द्रव्यमान युक्त दो बड़े पिंडों का गुरुत्वाकर्षण बल ठीक उसी केंद्रापसारी बल (centripetal force) के बराबर होता है, जो एक लघु पिंड को उनके साथ गतिमान रहने के लिए आवश्यक होता है। दूसरे अर्थों में दो खगोलीय पिंडों का गुरुत्वाकर्षण खिंचाव और अंतरिक्ष यान या उपग्रह आदि पर लगने वाला केन्द्रापसारी बल लगभग बराबर हो जाता है।
- लैग्रेंज प्वाइंट्स का उपयोग किसी कृत्रिम उपग्रह आदि के नियत स्थिति में बने रहने के लिए आवश्यक ईंधन की खपत को कम करने हेतु किया जाता है।
- लैग्रेंज प्वाइंट्स पर द्रव्यमान युक्त दो बड़े पिंडों का गुरुत्वाकर्षण बल ठीक उसी केंद्रापसारी बल (centripetal force) के बराबर होता है, जो एक लघु पिंड को उनके साथ गतिमान रहने के लिए आवश्यक होता है। दूसरे अर्थों में दो खगोलीय पिंडों का गुरुत्वाकर्षण खिंचाव और अंतरिक्ष यान या उपग्रह आदि पर लगने वाला केन्द्रापसारी बल लगभग बराबर हो जाता है।
Article Sources
1 sourceसंयुक्त राज्य अमेरिका नार्को आतंकवाद के खिलाफ कैरेबियन सागर में ऑपरेशन सदर्न स्पीयर संचालित कर रहा है। इस ऑपरेशन के हिस्से के रूप में लड़ाकू जेट और निर्देशित-मिसाइल विध्वंसक पोत एनेगाडा पैसेज से गुज़रे हैं।
एनेगाडा पैसेज के बारे में
- अवस्थिति: यह वेस्ट इंडीज में एक चैनल है, जो अटलांटिक महासागर को कैरेबियन सागर से जोड़ता है।
- यह 65 किलोमीटर चौड़ा है और ब्रिटिश वर्जिन द्वीप समूह (पश्चिम) को लीवार्ड द्वीप समूह (दक्षिण-पूर्व) से अलग करता है।
- यह उन दो मार्गों में से एक है, जिनके माध्यम से उप-सतही जल (subsurface water) कैरेबियन सागर में प्रवेश करता है।
- दूसरा मार्ग विनवार्ड पैसेज (Windward Passage) है।

हाल ही में, चीन के तटरक्षक जहाजों का एक दल जापान-प्रशासित सेनकाकू द्वीप समूह के आसपास के जलक्षेत्र से गुजरा।
- सेनकाकू द्वीप समूह को लेकर जापान और चीन के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है।
सेनकाकू द्वीप समूह के बारे में
- अवस्थिति: यह पूर्वी चीन सागर में स्थित हैं।
- यह ओकिनावा प्रांत का हिस्सा है।
- इसे चीनी भाषा में दियाओयू कहा जाता है।