हाल ही में, ऑस्ट्रेलिया स्थित थिंक टैंक लोवी इंस्टीट्यूट ने वार्षिक एशिया पावर इंडेक्स जारी किया।
एशिया पावर इंडेक्स 2025 के बारे में
- वार्षिक एशिया पावर इंडेक्स एशिया में देशों की सापेक्ष शक्ति का आकलन करने के लिए उनके संसाधनों और प्रभाव को मापता है।
- यह सैन्य क्षमता, आर्थिक क्षमता, कूटनीतिक और सांस्कृतिक प्रभाव सहित 8 मानदंडों के आधार पर एशिया के 27 देशों एवं क्षेत्रों की शक्ति का मूल्यांकन करता है।
- भारत ने 'प्रमुख शक्ति' का दर्जा प्राप्त करते हुए तीसरा स्थान (सुधार) हासिल किया है। हालांकि यह अभी भी संयुक्त राज्य अमेरिका (प्रथम) और चीन से काफी पीछे है।
- यह सुधार हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर से मिले आर्थिक एवं सैन्य बल के कारण हुआ है।
Article Sources
1 sourceBARC इंडिया ने अपने एक कर्मचारी द्वारा रिश्वत के बदले TRP रेटिंग में हेरफेर करने के आरोपों की जांच के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी नियुक्त की है।
ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) इंडिया के बारे में
- यह एक संयुक्त उद्योग निकाय है। इसकी स्थापना प्रसारकों, विज्ञापनदाताओं और विज्ञापन एवं मीडिया एजेंसियों का प्रतिनिधित्व करने वाले हितधारक निकायों ने की है।
- BARC इंडिया एक पारदर्शी, सटीक और समावेशी टीवी दर्शक मापन प्रणाली का स्वामित्व व प्रबंधन करता है।
- BARC का मुख्य कार्य यह मापन करना है कि कितने लोगों ने, कितनी देर तक, कौन-सा चैनल या कार्यक्रम देखा। यह दर्शकों की संख्या (Viewership), और उनके द्वारा चैनल पर बिताए गए समय का डेटा एकत्रित करता है।
- BARC का कार्य यह देखना नहीं है कि दर्शक चैनल पर कैसे या क्यों पहुंचे।
हाल ही में, भारत ने चक्रवात दित्वा से प्रभावित श्रीलंका की सहायता के लिए ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया।
चक्रवात दित्वा के बारे में
- यह एक उष्णकटिबंधीय चक्रवात है, जिसके कारण श्रीलंका और दक्षिण भारत में भारी वर्षा हो रही है।
- "दित्वा" नाम यमन द्वारा दिया गया है।
- विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) 'उष्णकटिबंधीय चक्रवात' शब्द का प्रयोग तब करता है, जब पवनों का वेग 'गेल फ़ोर्स या झंझावात बल' (न्यूनतम 63 किमी प्रति घंटा) से अधिक हो जाता है।
- चक्रवात निम्न दाब युक्त क्षेत्र के आसपास होने वाले वायुमंडलीय विक्षोभ होते हैं। ये तीव्र और अक्सर विनाशकारी वायु परिसंचरण द्वारा पहचाने जाते हैं।
- उत्तरी गोलार्ध में पवन वामावर्त दिशा में और दक्षिणी गोलार्ध में दक्षिणावर्त दिशा में अंदर की ओर प्रवाहित होती है।
दक्षिण एशिया और पूर्वी अफ्रीका में जलवायु-अनुकूल सौर सिंचाई प्रणालियों का विस्तार करने के लिए SoLAR चरण-II का शुभारंभ किया गया।
दक्षिण एशिया में कृषि अनुकूलनशीलता के लिए सौर सिंचाई (SoLAR) चरण-II के बारे में
- चरण II का शुभारंभ: नवंबर 2025 में। पहला चरण 2019-2024 के दौरान आयोजित किया गया था।
- अंतर्राष्ट्रीय जल प्रबंधन संस्थान (IWMI) और स्विस एजेंसी फॉर डेवलपमेंट एंड कोऑपरेशन (SDC) द्वारा कार्यान्वित।
- यह एक बहु-देशीय कार्यक्रम है। इसमें भारत, बांग्लादेश, केन्या और इथियोपिया शामिल हैं।
- उद्देश्य: लघु और सीमांत किसानों की सौर ऊर्जा संचालित कृषि तक समान व सतत पहुंच सुनिश्चित करना।
हाल ही में, NISAR उपग्रह प्रक्षेपण, तैनाती और कमीशनिंग के पहले चरण के बाद अपने अंतिम वैज्ञानिक संचालन चरण में प्रवेश कर गया।
NISAR के बारे में
- कक्षा: यह एक भू-पर्यवेक्षण उपग्रह (EOS) है। इसे निम्न भू कक्षा (LEO) में स्थापित किया जा रहा है।
- इसे सूर्य-तुल्यकालिक ध्रुवीय कक्षा में स्थापित किया गया है। यह एक विशेष प्रकार की ध्रुवीय कक्षा होती है। इसमें उपग्रह, ध्रुवों के ऊपर परिक्रमा करते हुए, सूर्य की समकालिक अवस्था में रहते हैं। इसका अर्थ है कि उपग्रह पृथ्वी पर एक ही स्थानीय सौर समय पर, लगभग प्रत्येक दिन, एक ही स्थान के ऊपर से गुजरेगा।
- सहयोग: यह इसरो और नासा द्वारा संयुक्त रूप से विकसित पहला उपग्रह है।
- प्रक्षेपण यान: भू-तुल्यकालिक उपग्रह प्रक्षेपण यान F16 (GSLV-F16)।
- इसमें एक द्वि-आवृत्ति बैंड (नासा द्वारा L बैंड और इसरो द्वारा S बैंड) सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) है।
- SAR उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले चित्र बनाने के लिए रडार एंटीना की गति का उपयोग करता है।
हाल ही में, एक छोटे से इतालवी शहर के ऊपर लाल रंग के प्रकाश का एक चमकीला प्रभामंडल तैरता हुआ देखा गया। यह ELVEs नामक एक दुर्लभ वायुमंडलीय घटना के कारण हुआ है।
- ELVEs: विद्युत-चुंबकीय स्पंद स्त्रोत के कारण प्रकाश का उत्सर्जन और अति निम्न आवृत्ति अव्यवस्थाएं।
ELVEs के बारे में
- ELVEs प्रकाश उत्सर्जन के तेजी से फैलने वाले वलय होते हैं, जिनका व्यास लगभग 300 किलोमीटर तक हो सकता है। ये पृथ्वी के निचले आयनमंडल में बनते हैं। ये तड़ित (lightning) के रिटर्न स्ट्रोक से उत्पन्न होने वाले विद्युत चुम्बकीय स्पंद (Electromagnetic Pulse: EMP) से सृजित होते हैं।
- जब एक शक्तिशाली बिजली चमकती है और जमीन से टकराती है, तो यह "रिटर्न स्ट्रोक" नामक अत्यधिक तीव्र विद्युत प्रवाह उत्पन्न करती है।
- इसकी खोज बोएक (Boeck) ने की थी।
- ELVEs महासागरों के ऊपर अधिक पाए जाते हैं। ये EMP से उत्पन्न विद्युत क्षेत्र के कारण मुक्त इलेक्ट्रॉन्स के गर्म होने के परिणामस्वरूप बनते हैं।
पश्चिम अफ्रीका में पहला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) परिसर नाइजीरिया में स्थापित किया जा रहा है।
- पहला बैच 2026 में शुरू होने की उम्मीद है। इसमें इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
- यह पहल भारत की वैश्विक शिक्षा पहुंच में एक बड़ा कदम है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का हिस्सा है। यह नीति भारतीय विश्वविद्यालयों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
- नया परिसर IIT मद्रास-जंज़ीबार मॉडल का अनुसरण करेगा।
- IIT मद्रास-जंज़ीबार परिसर 2023 में संपूर्ण अफ्रीका के छात्रों के लिए शुरू हुआ था।
- IIT दिल्ली-अबू धाबी परिसर, 2024 में शुरू हुआ है। यह स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कोर्सेज़ प्रदान करता है।
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1 sourceइतालवी संसद ने एक ऐसे कानून को मंजूरी दी है, जो स्त्री-हत्या को विशेष अपराध के रूप में मान्यता देता है।
स्त्री-हत्या के बारे में
- स्त्री-हत्या को लैंगिक प्रेरणा से जानबूझकर की गई हत्या के रूप में परिभाषित किया गया है।
- इसे महिलाओं को लक्षित करके किए जाने वाले अपराधों की सबसे गंभीर अभिव्यक्तियों में से एक माना जाता है।
- विविध संयुक्त राष्ट्र निकायों ने 2022 में एक फ्रेमवर्क विकसित किया था। इस फ्रेमवर्क ने स्त्री-हत्या को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है। ये श्रेणियां महिलाओं के उनके हमलावरों के साथ संबंधों पर आधारित हैं। निम्नलिखित द्वारा जानबूझ कर की गई महिलाओं व लड़कियों की हत्या को स्त्री-हत्या माना गया है-
- अंतरंग साथी; या
- परिवार के अन्य सदस्यों (रक्त संबंधियों और विवाह या दत्तक ग्रहण संबंधी रिश्तेदारों); या
- अन्य अपराधियों द्वारा हत्या।
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1 sourceहाल ही में, रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना द्वारा संचालित एमएच 60आर हेलीकॉप्टर्स के रखरखाव और निरंतर समर्थन के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ प्रस्ताव व स्वीकृति-पत्र पर हस्ताक्षर किए।
- इस समझौते के तहत, आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने के लिए भारत में रखरखाव और समर्थन सुविधाएं भी स्थापित की जाएंगी।
एमएच-60आर हेलीकॉप्टर के बारे में
- यह एक अत्याधुनिक नौसैनिक हेलीकॉप्टर है। इसका उपयोग अमेरिकी नौसेना और उसके सहयोगी देश करते हैं।
- इसका निर्माण लॉकहीड मार्टिन कॉर्पोरेशन करता है। यह सभी मौसमों में परिचालन करने वाला हेलीकॉप्टर है। इसे अत्याधुनिक वैमानिकी और सेंसर्स के साथ विविध मिशनों में सहायता के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- क्षमताएं: पनडुब्बी-रोधी युद्ध, सतह-रोधी युद्ध, समुद्री निगरानी, बचाव अभियान आदि।