हाल ही में उच्चतम न्यायालय ने 'शीश राम और अन्य बनाम सुरजीत' मामले में गृहिणियों के योगदान को 30,000 रुपये प्रति माह निर्धारित किया है।
निर्णय के मुख्य बिंदु
- गृहिणी द्वारा किया जाने वाला घरेलू कार्य मोटर वाहन दुर्घटना क्लेम में मुआवजे के एक पृथक और मान्य आधार के रूप में माना जाएगा।
- गृहिणियां राष्ट्र-निर्माता हैं: न्यायालय ने कहा कि महिलाओं द्वारा किया जाने वाला अवैतनिक देखभाल एवं घरेलू कार्य भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 15% से 17% योगदान करता है।
- यदि गृहिणी किसी रोजगार में कार्यरत है, तो उसके वेतन के अतिरिक्त घरेलू देखभाल के नुकसान के लिए ₹30,000 का मुआवजा भी प्रदान किया जाएगा।
- इस राशि के वास्तविक मूल्य को बनाए रखने के लिए, इसे प्रत्येक तीन वर्ष में संचयी रूप से 10% बढ़ाया जाएगा।
- त्वरित निपटान: मोटर वाहन दुर्घटना संबंधी क्लेम उच्च न्यायालयों में चार वर्ष से अधिक समय तक लंबित नहीं रहने चाहिए।
हाल ही में, NPPA ने कैंसर रोधी दवाओं; कार्बोप्लेटिन और सिस्प्लैटिन के अधिकतम मूल्य में 50% की वृद्धि की घोषणा की है।
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) के बारे में
- यह दवा मूल्य निर्धारण के लिए एक स्वतंत्र विनियामक है। इसका उद्देश्य दवाओं की उपलब्धता, सुलभता और वहनीयता सुनिश्चित करना है।
- स्थापना: एक सरकारी संकल्प (1997) के माध्यम से गठित।
- संबंधित मंत्रालय: केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्रालय।
- कार्य:
- औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश (DPCO) 2013 के प्रावधानों के अनुरूप दवाओं की कीमतें तय करना और उसमें बदलाव करना।
- विनियमित दवाओं की बाजार में उपलब्धता और उनके नियमों के अनुपालन की निगरानी करना।
- दवाओं के मूल्य निर्धारण जैसे विषयों पर सरकार को सलाह देना।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) के विद्यार्थियों के लिए लैम रिसर्च के "सेमीवर्स (Semiverse)" प्लेटफॉर्म की सुविधा प्रदान करने की घोषणा की है।
सेमीवर्स प्लेटफॉर्म के बारे में
- यह 'डिजिटल ट्विन' आधारित सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और प्रशिक्षण प्रणाली है।
- डिजिटल ट्विन भौतिक जगत की किसी वस्तु या प्रणाली का एक आभासी (वर्चुअल) प्रतिरूप होता है, जो वास्तविक समय के डेटा का उपयोग करके उसके वास्तविक दुनिया के व्यवहार, प्रदर्शन और स्थिति को प्रतिबिंबित करता है।
- सेमीवर्स एक हाइब्रिड भौतिक-आभासी दुनिया है जिसके माध्यम से विद्यार्थी आभासी दुनिया में (3D) में सेमीकंडक्टर चिप संरचनाओं का अध्ययन कर सकते हैं।
- दुनिया भर के शोधकर्ता, विद्यार्थी एवं अन्य उपयोगकर्ता किसी जगह पर शारीरिक रूप से उपस्थित हुए बिना किसी भी उपकरणों तक पहुँच प्राप्त कर सकते हैं और दूर रहते हुए भी प्रयोग एवं अनुसंधान कार्य कर सकते हैं।
Article Sources
1 sourceभारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने IS 20201:2026 नामक एक स्वैच्छिक मानक जारी किया है, जो सामुदायिक बीज बैंकों की स्थापना और प्रबंधन के लिए दिशानिर्देश प्रदान करता है।
- भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) भारत की राष्ट्रीय मानक निर्धारण संस्था है। यह संस्था मानकों का निर्माण, गुणवत्ता प्रमाणन, प्रयोगशालाओं का प्रत्यायन तथा उपभोक्ता संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार है।
सामुदायिक बीज बैंक के बारे में
- ये समुदाय द्वारा प्रबंधित बीज भंडार हैं जो स्थानीय बीज किस्मों का संरक्षण, पुनरुत्पादन और वितरण करते हैं।
- ये कृषि-जैव विविधता के लिए स्वस्थाने (इन-सीटू) संरक्षण तंत्र के रूप में कार्य करते हैं।
- जलवायु अनुकूलन में सहायता करते हैं और संधारणीय कृषि को बढ़ावा देते हैं।
महत्व:
- देशज और पारंपरिक फसल किस्मों के संरक्षण में मदद करते हैं।
- सूखे, गर्मी के कारण तनाव और अनियमित वर्षा जैसे जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करते हैं।
Article Sources
1 sourceसंयुक्त राष्ट्र महासचिव ने मस्कट कार्य-योजना का शुभारंभ किया।
मस्कट कार्य-योजना के बारे में
- उद्देश्य: हेट-स्पीच से निपटना, नरसंहार और अन्य क्रूर अपराधों को रोकना, तथा मध्यस्थता, संवाद और स्थानीय स्तर पर शांति की स्थापना के माध्यम से शांति को बढ़ावा देना।
- यह ओमान, संयुक्त राष्ट्र नरसंहार निवारण एवं सुरक्षा उत्तरदायित्व कार्यालय (UNOSAPG), और धार्मिक एवं पारंपरिक शांति निर्माताओं के नेटवर्क के नेतृत्व में शुरू की गई एक बहु-हितधारक प्रक्रिया का परिणाम है।
- यह हेट-स्पीच से निपटने और क्रूर अपराधों को रोकने में पारंपरिक और स्वदेशी हितधारकों की भूमिका पर जोर देती है।
Article Sources
1 sourceनवीनतम वैश्विक आर्थिक संभावनाएं (Global Economic Prospects: GEP) रिपोर्ट में भारत के लिए 2026-27 में आर्थिक संवृद्धि का अनुमान 6.5% से बढ़ाकर 6.6% कर दिया गया।
- भारत के विश्व की सर्वाधिक संवृद्धि वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बने रहने का अनुमान है।
वैश्विक आर्थिक संभावनाएं (GEP) रिपोर्ट के बारे में
- जारीकर्ता: यह विश्व बैंक समूह द्वारा अर्धवार्षिक आधार पर (जनवरी और जून में) जारी की जाती है।
- उद्देश्य: वैश्विक आर्थिक संवृद्धि और संभावनाओं का व्यापक विश्लेषण करना।
रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु:
- वैश्विक संवृद्धि अनुमान: इसे घटाकर 2.5% (2025 में 2.9% से) कर दिया गया है, जो कोविड-19 महामारी के बाद से सबसे कम आर्थिक संवृद्धि दर है।
- बढ़ता राजकोषीय और बाहरी दबाव: उच्च ऊर्जा सब्सिडी और कमजोर भुगतान संतुलन के कारण भारत सहित दक्षिण एशियाई अर्थव्यवस्थाओं को व्यापक राजकोषीय घाटे का सामना करना पड़ सकता है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने घोषणा की है, कि सशस्त्र बल विशेष शक्तियां अधिनियम (AFSPA), 1958 को एक या दो राज्यों को छोड़कर, अगले वर्ष तक पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों से वापस ले लिया जाएगा।
- पूर्वोत्तर में, यह वर्तमान में नागालैंड, असम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश में लागू है।
AFSPA के बारे में
- इसके तहत, विधि और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 'अशांत क्षेत्रों' में सशस्त्र बलों को कुछ विशेष शक्तियां प्रदान की जाती हैं।
- उदाहरण: संदेह के आधार पर बिना वारंट के गिरफ्तार करना और किसी परिसर में प्रवेश/ तलाशी लेना।
- अशांत क्षेत्र की घोषणा (धारा 3): यदि राज्यपाल, प्रशासक या केंद्र सरकार को ऐसा प्रतीत होता है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है, जहाँ नागरिक प्राधिकारों की सहायता के लिए सशस्त्र बलों की आवश्यकता है, तो वे किसी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र के कुछ हिस्से या पूरे हिस्से को "अशांत क्षेत्र" घोषित कर सकते हैं।
वैश्विक शांति सूचकांक (Global Peace Index-GPI), 2026 में भारत 127वें स्थान पर रहा।
वैश्विक शांति सूचकांक (GPI) 2026 के बारे में
- जारीकर्ता: इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP), जो एक स्वतंत्र और गैर-पक्षपाती थिंक टैंक है।
- संस्करण: यह GPI का 20वां संस्करण है जिसमें 163 देशों को शामिल किया गया है।
- उद्देश्य: वैश्विक शांति और उसके आर्थिक प्रभाव को मापना।
- शीर्ष प्रदर्शनकर्ता: आइसलैंड लगातार 19वें वर्ष पहले स्थान पर रहा; उसके बाद न्यूजीलैंड, स्विट्जरलैंड, स्लोवेनिया और आयरलैंड का स्थान है।
- खराब प्रदर्शन करने वाले देश: रूस इस सूची में अंतिम स्थान पर रहा, उसके बाद सूडान, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, यूक्रेन और इजरायल का स्थान आता है।
- सूचकांक तैयार करने की पद्धति: यह तीन क्षेत्रों (सामाजिक सुरक्षा और संरक्षा, जारी घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय संघर्ष, तथा सैन्यीकरण) के 23 संकेतकों पर आधारित है।