एशिया में AI पारिस्थितिकी-तंत्र और विश्वास
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) में मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा और उत्पादकता जैसी वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने की अपार क्षमता है। हालांकि, दक्षिण एशिया, दक्षिणपूर्व एशिया और व्यापक एशिया-प्रशांत क्षेत्र जैसे क्षेत्रों में एआई का परिवर्तनकारी प्रभाव एक समान नहीं है।
AI पारिस्थितिकी-तंत्र में चुनौतियाँ
- सुरक्षा, पूर्वाग्रह और जवाबदेही से संबंधित एआई के फैसलों में अक्सर सबसे अधिक प्रभावित समुदायों को शामिल नहीं किया जाता है।
- विश्वसनीय AI पारिस्थितिकी-तंत्र की कमी से सामाजिक अस्वीकृति, सरकारी प्रतिरोध और दुरुपयोग हो सकता है।
- AI पारिस्थितिकी-तंत्र स्वाभाविक रूप से अंतर्राष्ट्रीय होते हैं, जो वैश्विक डेटा प्रवाह, हार्डवेयर की परस्पर निर्भरता और विविध साइबर सुरक्षा प्रथाओं से प्रभावित होते हैं।
राष्ट्रीय AI नीतियां
एशिया के देशों के AI को लेकर अलग-अलग एजेंडा हैं:
- दक्षिण कोरिया: AI आपूर्ति श्रृंखला के भीतर मेमोरी चिप्स में अपना प्रभुत्व बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करता है।
- सिंगापुर: AI गवर्नेंस में "प्रगतिशील" बनने का लक्ष्य रखता है।
- चीन: राज्य की संप्रभुता का सम्मान करते हुए AI शासन में वैश्विक नेतृत्व हासिल करना चाहता है।
- भारत: अपने IT कर्मचारियों के कौशल को बढ़ाने और अपने डिजिटल बाजार की वृद्धि का लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
- नेपाल: ऊर्जा-कुशल कंप्यूटिंग अवसंरचना प्रदान करने की आकांक्षा रखता है।
AI में विश्वास का निर्माण
उद्देश्यों में भिन्नता होने के बावजूद, ये देश हितधारकों के बीच विश्वास निर्माण पर जोर देते हैं। उदाहरण के लिए:
- भारत के AI गवर्नेंस दिशानिर्देश विश्वास को एक मूलभूत सिद्धांत के रूप में स्थापित करते हैं।
- दक्षिण कोरिया के AI बेसिक एक्ट का उद्देश्य विश्वसनीयता स्थापित करना है।
- संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने एआई प्रशासन में साझा समझ और सामान्य लाभों का आह्वान किया है।
विश्वसनीय AI पारिस्थितिकी-तंत्र के लिए ढांचा
एशिया भर में AI पारिस्थितिकी-तंत्र में विश्वास को मापने और मजबूत करने के लिए एक सामान्य ढांचे की आवश्यकता है, जिसमें निम्नलिखित बातों पर विचार किया जाए:
- विश्वसनीय डेटासेट: एशिया की विविधता को दर्शाने वाला वास्तविक समय का, उच्च गुणवत्ता वाला डेटा।
- लचीला AI अवसंरचना: कंप्यूट, ऊर्जा और क्लाउड संसाधनों तक विश्वसनीय पहुंच।
- AI कौशल और जन जागरूकता: जिम्मेदार उपयोग के लिए तकनीकी प्रतिभा और सामाजिक साक्षरता का विकास करना।
- वैश्विक AI मूल्य श्रृंखला: सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज और विनिर्माण क्षमताओं तक पहुंच।
- आनुपातिक AI शासन: नवाचार और जवाबदेही के बीच संतुलन बनाना, विकास में बाधा डाले बिना जोखिमों का समाधान करना।
- साइबर सुरक्षा: कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणालियों को खतरों और हमलों से बचाना।
भारत की भूमिका
भारत AI शासन के लिए एक साझा ढांचा स्थापित करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए उपयुक्त स्थिति में है, जिसमें एआई नवाचार और सुरक्षा उपायों के बीच संतुलन बनाए रखने का दृष्टिकोण अपनाया गया है। AI इम्पैक्ट समिट इस पहल को आगे बढ़ाने का एक अवसर है, जिसका उद्देश्य केवल जोखिमों को कम करने के बजाय विश्वसनीय पारिस्थितिकी-तंत्र का निर्माण करना है।