NTPC ने कर्नाटक के कुडगी में अत्याधुनिक CO₂ (कार्बन डाइऑक्साइड) ऊर्जा भंडारण बैटरी का उत्पादन शुरू किया | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

यह अत्याधुनिक परियोजना त्रिवेणी टर्बाइन लिमिटेड और एनर्जी डोम (इटली) के सहयोग से शुरू की गई है। इस परियोजना के तहत 160MWh (मेगावाट घंटे) की CO₂ बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली स्थापित की गई है। यह उपलब्धि दीर्घावधि ऊर्जा भंडारण (Long Duration Energy Storage: LDES) के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाती है।

  • दीर्घावधि ऊर्जा भंडारण में 8 घंटे से लेकर कई दिनों, हफ्तों या मौसमों तक की लम्बी अवधि के लिए ऊर्जा संग्रहित रहती है।

CO₂ बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली के बारे में

  • CO₂ बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली: जब ऊर्जा/ विद्युत प्रचुर मात्रा में होती है (चार्जिंग फेज) तो यह प्रणाली CO2 को संपीडित करने एवं द्रव रूप में बदलने का कार्य करती है। साथ ही, जब ऊर्जा की आवश्यकता होती है (डिस्चार्जिंग फेज) तो टरबाइन को चलाने के लिए इसे वापस गैस रूप में परिवर्तित करती है।
  • कार्य-प्रणाली: यह प्रणाली 'क्लोज्ड ब्रेटन थर्मोडायनेमिक साइकिल’ पर कार्य करती है। इसमें वाष्प से तरल अवस्था में CO2 के भौतिक मापदंडों में हेरफेर करके बिजली की चार्जिंग और डिस्चार्जिंग होती है।
  • अन्य बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के साथ तुलना: इलेक्ट्रो केमिस्ट्री पर आधारित बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली के विपरीत, यह विशेष इलेक्ट्रो-मैकेनिकल टर्बोमशीनरी पर कार्य करती है।
    • इसलिए, इसकी कार्यक्षमता में समय के साथ बहुत कम गिरावट आती है।

ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के बारे में 

  • ऊर्जा भंडारण प्रणालियां: इनका उपयोग ऊर्जा की कम मांग के समय अतिरिक्त ऊर्जा को संग्रहीत करने तथा जब उर्जा की मांग बहुत अधिक होती है, तब संग्रहीत उर्जा को वितरित करने के लिए किया जाता है।
  • महत्त्व: हरित एवं संधारणीय ऊर्जा परिवेश का विकास करना, इलेक्ट्रिक ग्रिड की स्थिरता एवं विश्वसनीयता को बनाए रखना आदि।
  • ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के मुख्य प्रकार:
    • रासायनिक ऊर्जा भंडारण प्रणालियां: ये रासायनिक ऊर्जा को संग्रहीत करती हैं और विद्युत रासायनिक अभिक्रियाओं का उपयोग करके इस रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करती हैं। उदाहरण के लिए- लिथियम-आयन बैटरी, सोडियम-आयन बैटरी, आदि।
    • उन्नत रासायनिक ऊर्जा भंडारण प्रणाली: रासायनिक ऊर्जा आधारित बैटरियों की नई पीढ़ी जो पारंपरिक बैटरियों की तुलना में अधिक दक्ष, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल होती हैं। उदाहरण के लिए- CO2 बैटरियां, आदि।
    • तापीय ऊर्जा भंडारण: यह ऊर्जा उपयोग के बाद में पुनः उपयोग के लिए तापीय ऊर्जा का भंडारण है। इस प्रणाली में भंडारण माध्यम को गर्म या ठंडा करके तापीय ऊर्जा को संग्रहित किया जाता है। उदाहरण के लिए- विद्युत तापीय ऊर्जा भंडारण, आदि।
Watch Video News Today
Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet