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यूक्रेन ‘अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय’ की स्थापना करने वाली रोम संविधि (Rome Statute) का 125वां  पक्षकार राष्ट्र बन गया है। 

अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के बारे में

  • यह पहला स्थायी अंतरराष्ट्रीय न्यायालय है, जो ऐसे व्यक्तियों की जांच और अभियोजन करता है जिन पर गंभीर अंतरराष्ट्रीय अपराधों में शामिल होने का आरोप लगा होता है। 
  • यह निम्नलिखित मामलों में अभियोजन चलाता है:
    • नरसंहार (Genocide),
    • युद्ध अपराध (War Crimes),
    • मानवता के विरुद्ध अपराध (Crimes Against Humanity),
    • आक्रमण का अपराध (Crime of Aggression). 
  • इसकी स्थापना रोम संविधि (Rome Statute) के तहत हुई थी, जिसे 1998 में अपनाया गया और 2002 में लागू किया गया।
  • भारत रोम संविधि का पक्षकार देश नहीं है।
  • मुख्यालय: हेग (नीदरलैंड)।

भारत सरकार के ‘श्रम ब्यूरो’ ने ‘कृषि श्रमिकों और ग्रामीण श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI – AL & RL)’ नंबर के लिए आधार वर्ष को संशोधित करके 2019=100 कर दिया है।

CPI – AL/RL के बारे में

  • यह पुरानी CPI – AL/RL (आधार वर्ष 1986-87 = 100) सीरीज की जगह शुरू की गई है।
  • इसे केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत ‘श्रम ब्यूरो’ द्वारा संकलित किया जाता है।
  • उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI): यह सूचकांक निर्धारित अवधि में वस्तुओं और सेवाओं की सामान्य कीमतों में होने वाले बदलावों को मापता है, जिन्हें घरेलू उपभोक्ता अपनी खपत के लिए खरीदते हैं।
    • कृषि श्रमिक: वह व्यक्ति जो एक या अधिक कृषि कार्यों में संलग्न है, और नकद, वस्तु रूप में या दोनों के मिश्रित रूप में मजदूरी प्राप्त करता हो।
    • ग्रामीण श्रमिक: वह व्यक्ति जो ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि या गैर-कृषि कार्यों में शारीरिक श्रम करता है, और इसके बदले नकद, वस्तु या दोनों रूपों में मजदूरी प्राप्त करता है।

हाल ही में केंद्रीय कार्मिक लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्री ने ‘नेशनल स्टैंडर्ड्स फॉर सिविल सर्विस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स 2.0 (NSCSTI 2.0)’ फ्रेमवर्क जारी किया।

NSCSTI 2.0 फ्रेमवर्क के बारे में

  • विकास: क्षमता निर्माण आयोग (CBC) द्वारा।
  • उद्देश्य: फ्यूचर-रेडी सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थानों का निर्माण करना।
  • मुख्य विशेषताएँ: 
    • व्यवस्थित मूल्यांकन मापदंड, 
    • समावेशी डिज़ाइन, 
    • डिजिटल अनुकूल, 
    • हाइब्रिड लर्निंग मॉडल के साथ एकीकृत।

‘क्षमता निर्माण आयोग’ के बारे में

  • इसकी स्थापना 2021 में की गई। 
  • यह नेशनल प्रोग्राम फॉर सिविल सर्विसेज कैपेसिटी बिल्डिंग (NPCSCB) को लागू करने में अहम भूमिका निभाता है। NPCSCB को मिशन कर्मयोगी भी कहा जाता है। 
  • यह एक स्वायत्त संस्था के रूप में कार्य करता है। इसे पूर्ण कार्यकारी शक्तियाँ प्राप्त हैं। 

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) ने NMMS ऐप के दुरुपयोग और गड़बड़ियों की घटनाओं पर चिंता जताई है। इससे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठे हैं।

NMMS ऐप के बारे में

  • शुरुआत: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा,
  • उपयोग: मनरेगा श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए जियो-टैग्ड के साथ टाइम स्टैम्प्ड तस्वीरें प्रतिदिन अपलोड की जाती हैं।
  • उद्देश्य: फर्जी तरीके से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और फर्जी लाभार्थियों को दर्ज करने संबंधी गतिविधियों को कम करना
  • भाषा: यह ऐप वर्तमान में अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम जैसी भाषाओं में उपलब्ध है।

ऐप को लेकर चिंताएं:

  • जवाबदेही और वित्तीय गड़बड़ियों की आशंका: गलत फोटो अपलोड करना या अलग-अलग जॉब कार्ड्स से एक ही मजदूर की फोटो बार-बार अपलोड करना।
  • इंटरनेट कनेक्टिविटी और सॉफ़्टवेयर समस्याएं: इनकी  वजह से वास्तविक लाभार्थी योजना का लाभ उठाने से वंचित रह जाते हैं। 

हाल ही में, भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN) संवाद के दौरान 'पैक्ट फॉर फ्यूचर' के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

'पैक्ट फॉर फ्यूचर' के बारे में

  • इसे 2024 में “समिट ऑफ़ द फ्यूचर” में अपनाया गया।
  • ‘पैक्ट फॉर फ्यूचर’ में निम्नलिखित शामिल हैं:
    • ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट: यह डिजिटल क्षेत्र में सहयोग के लिए पहला व्यापक वैश्विक फ्रेमवर्क है, और
    • डिक्लेरेशन ऑन फ्यूचर जेनरेशन्स। 
  • मुख्य विशेषता: यह अलग-अलग मुद्दों पर स्पष्ट प्रतिबद्धताएं सुनिश्चित करता है और ठोस परिणामों को प्राप्त करने का लक्ष्य रखता है। 
    • इन प्रतिबद्धताओं में मानवाधिकार, लैंगिक समानता और सतत विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। 
  • यह निम्नलिखित क्षेत्रों में कई प्रतिबद्धताएं तय करता है:
    • सतत विकास और विकास के लिए वित्तीय प्रबंधन,
    • अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा,
    • विज्ञान और प्रौद्योगिकी; इनोवेशन और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग,
    • युवा और अगली पीढ़ियां, और 
    • ग्लोबल गवर्नेंस में बदलाव।

केंद्र सरकार ने नेक्स्ट जनरेशन के एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) इंडिया कार्यक्रम के उत्पादन को मंजूरी प्रदान की। इसे ‘नेत्र MkII’ प्रोग्राम भी कहा जाता है।

नेत्र MkII के बारे में

  • इसे एयरबस A321 प्लेटफॉर्म पर लगाया जाएगा।
  • विशेषताएं:
    • यह लंबी दूरी तक खतरों का पता लगाने और  ट्रैक करने तथा उनकी निगरानी करने में सक्षम है।
    • यह सिर्फ एक विमान नहीं , बल्कि एक उड़ता हुआ कमांड सेंटर है, जो खतरों पर नजर रखने की देश की क्षमता को और मजबूत करेगा।
    • इसमें एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैनड एरे (AESA) रडार और मिशन कंट्रोल सिस्टम लगे होंगे।  

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और यूनाइटेड किंगडम की फ्रेजर-नैश ने INVICTUS परियोजना की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य हाइपरसोनिक तकनीकों का विकास करना है।

INVICTUS परियोजना के बारे में:

  • यह पूरी तरह से दोबारा उपयोग किए जाने वाला एक्सपेरिमेंटल एयरोस्पेस यान है। यह मैक 5 (ध्वनि की गति से पाँच गुना) की गति से उड़ान भर सकता है।
  • वित्त-पोषण: यह ESA के जनरल सपोर्ट टेक्नोलॉजी प्रोग्राम (GSTP) और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एलिमेंट (TDE) द्वारा वित्त-पोषित है।
  • मुख्य विशेषताएं:
    • यह वायुमंडल में निरंतर हाइपरसोनिक गति पर उड़ान भर सकता है।
    • यह अपग्रेड करने योग्य यान है, जिससे उड़ान परीक्षण अभियानों के बीच में ही सामग्री, सॉफ़्टवेयर और प्रणोदन प्रणाली (propulsion system) को बदला जा सकता है।
  • महत्त्व: इस परियोजना का उद्देश्य हाइड्रोजन-ईंधन आधारित प्रीकूल्ड एयर-ब्रीदिंग प्रणोदन प्रणाली की उपयुक्तता सिद्ध करना है, जो पुन: उपयोग वाले यानों में क्षैतिज (हॉरिजॉन्टल) टेक-ऑफ और हाइपरसोनिक उड़ान के लिए उपयुक्त हो।  

भारत ने देश में ही जैवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) के सह-उत्पादन के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका को अनुरोध पत्र प्रस्तुत किया है।

जैवलिन ATGM के बारे में

  • यह मध्यम दूरी की टैंक-रोधी मिसाइल प्रणाली है। इसे एक व्यक्ति अपने कन्धों पर भी वहन कर सकता है। 
  • यह मिसाइल "फायर-एंड-फॉरगेट" सिद्धांत पर कार्य करती है यानी लॉन्च होने के बाद स्वतः अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ती है। 
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