IIT दिल्ली और IIT गांधीनगर के शोधकर्ताओं ने जिला बाढ़ गंभीरता सूचकांक विकसित किया है। यह बाढ़ की अवधि, ऐतिहासिक रूप से बाढ़ग्रस्त क्षेत्र आदि को ध्यान में रखकर बाढ़ के प्रभाव का आकलन करता है।
जिला बाढ़ गंभीरता सूचकांक (DFSI) के बारे में:
- इसे जिला स्तर पर बाढ़ की गंभीरता को मापने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो आपदा योजना और प्रबंधन के लिए भारत की प्रमुख प्रशासनिक इकाई है।
- समग्र DFSI में छह कारक शामिल हैं जिन्हें दो समूहों में वर्गीकृत किया गया है:
- बाढ़ की घटना की आवृत्ति को दर्शाने वाले चर: बाढ़ की घटनाओं की संख्या, बाढ़ की औसत अवधि, बाढ़ग्रस्त क्षेत्र और जनसंख्या;
- बाढ़ के कारण होने वाली क्षति को दर्शाने वाले चर: किसी जिले में लोगों की मृत्यु और घायल लोगों की संख्या।
हाल ही में माउंट लेवोटोबी लाकी लाकी ज्वालामुखी में दो बार विस्फोट हुआ, जिससे ज्वालामुखी से निकली राख 18,000 मीटर ऊंचाई तक पहुंच गयी।
माउंट लेवोटोबी के बारे में
- यह इंडोनेशिया के 127 सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है।
- माउंट लेवोटोबी दो सन्निकट स्ट्रैटवोल्केनो से बना है:
- लाकी-लाकी और पेरैंपुआन आपस में लगभग 2 किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित हैं।
- लाकी-लाकी ज्वालामुखी 19वीं शताब्दी से लगातार सक्रिय रहा है, जबकि पेरैंपुआन में अंतिम बार विस्फोट 1921 और 1935 में हुआ था।
- यह देश "रिंग ऑफ फायर" पर स्थित होने के कारण ज्वालामुखी विस्फोटों के प्रति अधिक प्रवण है।
- रिंग ऑफ फायर प्रशांत महासागर के किनारों के आस-पास ज्वालामुखियों और भूकंपीय गतिविधि या भूकंप के स्थलों की श्रृंखला है।
Article Sources
1 sourceवाशिंगटन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के एक नए अध्ययन के अनुसार, बारिश कभी-कभी कोल्ड पूल के कारण समुद्र की सतह को भारी और अधिक स्थिर बना देती है।
कोल्ड पूल के बारे में
- कोल्ड पूल ऐसे छोटे क्षेत्र होते हैं जहाँ वर्षा वाले बादलों के नीचे, वाष्पीकरण से ठंडी हुई हवा सतह पर फैलती है।
- प्रक्रिया:
- तूफ़ान के दौरान होने वाली बारिश का कुछ जल ज़मीन पर पहुँचने से पहले ही वाष्पित हो जाता है।
- यह वाष्पीकरण हवा को ठंडा कर देता है, जिससे वह भारी हो जाती है।
- यह ठंडी, भारी हवा नीचे की ओर आती है और सतह पर उथले, ठंडे बुलबुले की तरह फैल जाती है इसे ही कोल्ड पूल कहा जाता है।
हाल ही में, हार्वर्ड के वैज्ञानिकों की एक टीम ने नॉच सिग्नलिंग नामक एक प्रमुख कोशिकीय मार्ग के लिए एक सिंथेटिक उत्प्रेरक का निर्माण किया है।
नॉच सिग्नलिंग के बारे में
- यह एक कोशिका से दूसरी कोशिका के बीच संचार का एक महत्वपूर्ण तंत्र है। यह बहुकोशिकीय जीवों में कई विकास प्रक्रियाओं और होमियोस्टैसिस के लिए बहुत जरूरी है।
- होमियोस्टेसिस वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा जीवित जीव बाहरी वातावरण में बदलावों के बावजूद अपने शरीर के आंतरिक अंगों और उनके क्रिया-कलापों को स्थिर बनाए रखते हैं।
- यह कोशिका के भविष्य तय करने, कोशिका की वृद्धि, कोशिका के विशिष्ट रूप में परिवर्तित होने और कोशिका की मृत्यु में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- इस प्रक्रिया में गड़बड़ी के कारण जन्म संबंधी दोष और कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
भारत को स्पेन से 16 एयरबस C-295 सैन्य परिवहन विमानों का आखिरी बेड़ा मिल गया है।
C-295 परिवहन विमान के बारे में
- यह एक नई पीढ़ी का सामरिक एयरलिफ्टर है, जो हल्के और मध्यम श्रेणी के विमानों में आता है।
- इसे एयरबस ने बनाया और डिज़ाइन किया है। एयरबस एक यूरोपीय बहुराष्ट्रीय एयरोस्पेस कंपनी है।
- प्रमुख विशेषताएं:
- यह एक बहुत ही कुशल सामरिक परिवहन विमान है।
- यह 11 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है।
- यह विमान भारतीय वायुसेना के पुराने एव्रो बेड़े की जगह लेगा।
Article Sources
1 sourceकोपिली नदी पर राष्ट्रीय जलमार्ग (NW)-57 को मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 और पीएम गति शक्ति के अनुरूप कार्गो परीक्षणों के साथ असम में चालू किया गया।
- असम में ब्रह्मपुत्र (NW 2), बराक (NW 16), धनसिरी (NW 31) और कोपिली (NW 57) सहित चार राष्ट्रीय जलमार्ग अब चालू हो गए हैं।
कोपिली नदी के बारे में
- कोपिली नदी ब्रह्मपुत्र नदी में बायीं तरफ से मिलने वाली महत्वपूर्ण सहायक नदियों में से एक है।
- कोपिली नदी पूर्वोत्तर भारत में एक अंतर्राज्यीय नदी है जो मेघालय और असम राज्यों से होकर बहती है।
- इसका उद्गम मेघालय के दक्षिण पूर्व में स्थित सैपोंग रिजर्व फॉरेस्ट से होता है।
Article Sources
1 sourceगुरुग्राम में अरावली पहाड़ियों में 750 एकड़ का शहरी वन विकसित करने के लिए मातृ वन पहल शुरू की गई है।
- यह पहल 'एक पेड़ माँ के नाम' कार्यक्रम का हिस्सा है।
- इसका उद्देश्य पारिस्थितिकी संरक्षण को बढ़ाना और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है, जो शहरी संधारणीयता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- इसके तहत पारिस्थितिकी पुनर्बहाली संबंधी घटकों में आक्रामक प्रजातियों को हटाना, देशी वृक्ष प्रजातियों का रोपण करना और अरावली-विशिष्ट जैव विविधता की पुनर्बहाली शामिल है।
Article Sources
1 sourceओडिशा और छत्तीसगढ़ ने महानदी जल विवाद को 'सौहार्दपूर्ण' ढंग से सुलझाने की इच्छा व्यक्त की है।
- वर्ष 2016 में महानदी के निचले प्रवाह मार्ग में पड़ने वाले राज्य ओडिशा ने आरोप लगाया था कि छत्तीसगढ़ ने नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में एकतरफा रूप से कई बैराजों का निर्माण किया है और इससे गैर-मानसून वाले मौसम में जल का प्रवाह कम हो गया है।
- इसके परिणामस्वरूप, अंतर्राज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1956 के तहत महानदी जल विवाद अधिकरण (MWDT) 2018 का गठन किया गया।
- अभी अंतिम निर्णय आना बाकी है।
अंतर्राज्यीय नदी जल विवाद से संबंधित संवैधानिक प्रावधान
- अनुच्छेद 262 संसद को ऐसे विवादों पर निर्णय लेने का अधिकार देता है।
- अंतर्राज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1956 केन्द्र सरकार को जल विवाद अधिकरण गठित करने का अधिकार देता है।
- नदी बोर्ड अधिनियम, 1956 में अंतर्राज्यीय नदी विकास पर सलाह देने के लिए नदी बोर्डों की स्थापना का प्रावधान है।