हाल ही में, प्रधान मंत्री ने कर्तव्य भवन को राष्ट्र को समर्पित किया। इसे GRIHA-4 ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है जिसमें सौर पैनल, वर्षा जल संचयन आदि सुविधाएं शामिल हैं।
- कर्तव्य भवन, सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत प्रशासनिक अधिकारियों के लिए बनाए जा रहे कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट बिल्डिंग्स का हिस्सा है।
GRIHA के बारे में
- GRIHA का आशय है: ग्रीन रेटिंग फॉर इंटीग्रेटेड हैबिटेट असेसमेंट।
- यह एक रेटिंग टूल है जो लोगों को उनके भवन के प्रदर्शन को राष्ट्रीय स्तर पर कुछ स्वीकार्य मानकों के आधार पर परखने में सहायता करता है।
- इसे TERI (ऊर्जा एवं संसाधन संस्थान) द्वारा विकसित किया गया है। इसे 2007 में राष्ट्रीय रेटिंग प्रणाली के रूप में अपनाया गया।
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1 sourceसंयुक्त राष्ट्र ने सूडान के शरणार्थी शिविरों में विश्व के सबसे भीषण मानवीय संकट उत्पन्न होने की चेतावनी दी है।
सूडान में शरणार्थी शिविर
- जमजम शिविर (Zamzam camp): यह सूडान के उत्तर दारफुर राज्य की राजधानी अल फाशर (El Fasher) नगर के दक्षिण में स्थित है।
- अबू शौक शिविर (नैवाशा शिविर): यह अल फाशर नगर के उत्तर-पश्चिम में स्थित है।
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1 sourceहाल ही में, सरकार ने लोक सभा में यह जानकारी दी है कि 85% से अधिक STPIs टियर 2 और टियर 3 शहरों में स्थापित किए गए हैं और उन्होंने गैर-मेट्रो शहरों में 2.98 लाख से अधिक नौकरियों का योगदान दिया है।
STPI के बारे में (मुख्यालय - नई दिल्ली)
- स्थापना: STPI की स्थापना 1991 में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत विज्ञान और प्रौद्योगिकी संबंधी एक संगठन के रूप में की गई थी।
- भूमिका: इसका मुख्य काम सूचना प्रौद्योगिकी (IT) उद्योग को बढ़ावा देना तथा नवाचार, अनुसंधान एवं विकास, स्टार्ट-अप्स, और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ब्लॉकचेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी उभरती तकनीकों के क्षेत्र में उत्पादों/ बौद्धिक संपदा के निर्माण को प्रोत्साहित करना है।
- विजन: इसका विजन राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर उत्पाद नीति (NPSP), 2019 के अनुरूप है।
- उद्देश्य:
- सॉफ्टवेयर और सॉफ्टवेयर सेवाओं के विकास और निर्यात को बढ़ावा देना।
- अनुकूल वातावरण बनाकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को बढ़ावा देना।
- सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क/ इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर टेक्नोलॉजी पार्क योजनाओं को लागू करके निर्यातकों को सेवाएं प्रदान करना।
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1 sourceESOP कंपनी के कर्मचारियों के लिए एक प्रकार की हितलाभ योजना है। इसमें कंपनियां अपने कर्मचारियों को एक निश्चित अवधि के बाद पूर्व-निर्धारित मूल्य पर कंपनी के शेयर खरीदने का विकल्प देती हैं। हालांकि, यह कर्मचारियों के लिए अनिवार्य नहीं है।
- परिभाषा: कर्मचारियों को इस विकल्प का लाभ उठाने के लिए तय अवधि तक कंपनी में कार्यरत रहना होता है। एक बार शेयर खरीदने के बाद कर्मचारी इन्हें शेयर बाजार में बेच सकते हैं।
- उद्देश्य:
- कर्मचारियों को पुरस्कृत और प्रोत्साहित करना,
- कंपनी में कर्मचारियों को बनाए रखना,
- कर्मचारियों में इस भावना को बढ़ावा देना कि शेयर-धारक होने के नाते वे भी कंपनी के स्वामी हैं, आदि।
- विनियमन:
- एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनियों के लिए: सेबी (शेयर आधारित कर्मचारी हितलाभ और स्वेट इक्विटी) विनियम, 2021 के तहत विनियमित।
- गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के लिए: कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत विनियमित।
- कराधान के लिए: आयकर अधिनियम, 1961 के तहत।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अगस्त 2025 की बैठक में रेपो दर को 5.5% पर यथावत रखा, और अपनी नीतिगत रुख को ‘न्यूट्रल’ बनाए रखा।
मौद्रिक नीति समिति (MPC) के बारे में
- संरचना: रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45ZB (2016 में संशोधित) के तहत गठित।
- उद्देश्य: मुद्रास्फीति को पूर्व-निर्धारित लक्ष्य तक नियंत्रित रखने के लिए नीतिगत रेपो दर तय करना।
- सदस्य संख्या: कुल 6 सदस्य (3 सदस्य RBI से और 3 सदस्य केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत)।
- बैठक के लिए कोरम: कम से कम 4 सदस्य आवश्यक।
- अध्यक्ष: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर (पदेन अध्यक्ष)।
- बैठकें: एक वर्ष में कम से कम 4 बार।
- निर्णय हेतु मतदान प्रक्रिया: प्रत्येक सदस्य के पास एक मत होता है; यदि किसी विषय पर पक्ष और विपक्ष में मतों में समानता हो तो गवर्नर के पास निर्णायक मत होता है।
केंद्र सरकार के अनुसार, भारतजेन AI पहल 2026 तक सभी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं को कवर करेगी।
- वर्तमान में, यह 9 भाषाओं में कार्यरत है।
भारतजेन AI के बारे में
- परिचय: यह भारत का अपनी तरह का पहला, स्वदेशी रूप से विकसित, सरकारी वित्त-पोषित, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित, मल्टीमॉडल लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) है। यह भारतीय भाषाओं में टेक्स्ट, स्पीच और विज़न-लैंग्वेज सिस्टम आदि तैयार करता है।
- कार्यान्वयन: इसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स पर राष्ट्रीय मिशन (NM-ICPS) के तहत कार्यान्वित किया जा रहा है।
- इसका नेतृत्व IIT बॉम्बे के IoT और IoE के लिए टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (TIH) द्वारा किया जा रहा है।
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1 sourceओपनAI ने दो ओपन-वेट लैंग्वेज मॉडल्स जारी किए हैं जो एडवांस्ड रीजनिंग में उत्कृष्ट हैं और इन्हें लैपटॉप पर चलाने के लिए विशेष रूप से अनुकूलित (ऑप्टिमाइज़्ड) किया गया है।
ओपन-वेट रीजनिंग मॉडल के बारे में
- ओपन वेट रीजनिंग मॉडल्स का आशय ऐसे मॉडल्स से है जिनके केवल पहले से प्रशिक्षित वेट्स या पैरामीटर्स को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाता है, ताकि उपयोगकर्ता इन्हें अपने उद्देश्यों के अनुसार इन्फरेंस (निर्णय प्रक्रिया) या फाइन-ट्यूनिंग (अनुकूलन) के लिए उपयोग कर सकें।
- ओपन सोर्स मॉडल्स के विपरीत, इसमें ट्रेनिंग कोड, मूल डेटासेट, मॉडल आर्किटेक्चर की पूरी जानकारी और ट्रेनिंग मेथडोलॉजी उपलब्ध नहीं कराई जाती।
- महत्त्व: ये मॉडल विकेंद्रीकृत AI उपयोग को बढ़ावा देते हैं, क्योंकि लोग इन्हें लोकल रूप से चला सकते हैं। इससे गोपनीयता, लचीलापन और पहुंच में वृद्धि होती है।