तकनीकी शिक्षा में बहुविषयक शिक्षा और अनुसंधान सुधार (MERITE) योजना | Current Affairs | Vision IAS
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘मल्टी डिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च इम्प्रूवमेंट इन टेक्निकल एजुकेशन’ यानी MERITE योजना के लिए बजटीय सहायता को मंजूरी दी ।

MERITE योजना के बारे में

  • योजना का प्रकार: केंद्रीय क्षेत्रक योजना
  • नोडल मंत्रालय: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय
  • उद्देश्य: सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता, प्राप्ति में समानता और गवर्नेंस में सुधार करना।
    • यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है।
  • बजट: 2025-26 से 2029-30 तक की अवधि के लिए 4200 करोड़ रुपये।
    • विश्व बैंक से ऋण के रूप में 2100 करोड़ रुपये की बाह्य सहायता शामिल है।
  • लाभार्थी: 275 तकनीकी संस्थान, जिनमें 175 इंजीनियरिंग संस्थान और 100 पॉलिटेक्निक संस्थान शामिल हैं।
  • महत्व: मेकर लैब्स, कौशल केन्द्र, रोजगारपरकता आदि के लिए समर्थन। 

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय पीएम ई-ड्राइव योजना की अवधि 31 मार्च 2026 से आगे दो वर्ष बढ़ाकर 31 मार्च 2026 तक कर दी है।

पीएम ई-ड्राइव योजना के बारे में

  • उद्देश्य: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाने में तेजी लाना, चार्जिंग अवसंरचना का निर्माण करना और देश में EV विनिर्माण क्षमता को बढ़ाना।
  • योजना का प्रकार: केंद्रीय क्षेत्रक योजना।
  • लक्ष्य: इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन, इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन, ई-एम्बुलेंस, ई-ट्रक और ई-बस के संचालन को प्रोत्साहन देना।
  • योजना के मुख्य घटक:
    • इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन, इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन, ई-एम्बुलेंस, ई-ट्रक और अन्य नई EV श्रेणियों की मांग के आधार पर आर्थिक प्रोत्साहन। 
    • पूंजीगत परिसंपत्ति की स्थापना के लिए अनुदान: ई-बसों के लिए फंडिंग, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना और भारी उद्योग मंत्रालय की परीक्षण एजेंसियों का आधुनिकीकरण।
    • प्रशासनिक सहायता: सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) गतिविधियों में आर्थिक सहायता प्रदान करना तथा परियोजना प्रबंधन एजेंसी शुल्क। 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को  2025-26 तक 14.2 किलोग्राम के प्रत्येक एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी जारी रखने को मंजूरी दी। यह सब्सिडी एक वर्ष में अधिकतम 9 रिफिल तक दी जाएगी। 

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के बारे में

  • शुरुआत: 2016 में।
  • कार्यान्वयन मंत्रालय: केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय।
  • उद्देश्य: ग्रामीण और वंचित परिवारों को खाना पकाने का स्वच्छ ईंधन (LPG) उपलब्ध कराना।
  • पात्र लाभार्थी: गरीब परिवारों की वयस्क महिलाएं
  • लक्ष्य: मार्च 2020 तक ग्रामीण गरीबों को 8 करोड़ LPG कनेक्शन देना (सितंबर 2019 में लक्ष्य प्राप्त कर लिया)।
    • 1 जुलाई 2025 तक, देश भर में PMUY के तहत लगभग 10.33 करोड़ LPG कनेक्शन दिए जा चुके हैं। 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने असम और त्रिपुरा के लिए विशेष विकास पैकेज के अंतर्गत 4 नए घटकों को मंजूरी दी है।

  • नए घटक असम में जनजातीय, दिमासा, उल्फा (ULFA) क्षेत्रों तथा त्रिपुरा में जनजातीय समुदायों के विकास पर केंद्रित हैं।

असम और त्रिपुरा के लिए ‘विशेष विकास पैकेज’ के बारे में

  • योजना का प्रकार: केंद्रीय क्षेत्रक योजना
  • उद्देश्य:
    • कमजोर और वंचित समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना।
    • युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार अवसर, स्वास्थ्य देखभाल सेवा, शिक्षा, कौशल और आजीविका के साधन को बढ़ावा देना।
    • अधिक पर्यटकों को आकर्षित करना, रोजगार के अतिरिक्त अवसर सृजित करना।

यह योजना बोडो और कार्बी समूहों के लिए हुए पूर्व में ‘समझौता-आधारित’ विकास पैकेज की तरह है, जिनसे पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति स्थापना के बेहतर परिणाम सामने आए हैं।  

भारत के पहले अत्याधुनिक ‘पशु स्टेम सेल बायोबैंक और प्रयोगशाला’ का उद्घाटन राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (NIAB), हैदराबाद में किया गया।

  • स्टेम कोशिकाएं किसी भी प्रकार की नई कोशिकाओं में तब्दील हो सकती हैं। इनमें स्व-पुनर्नवीकरण क्षमता और  पोटेंसी के आधार पर अलग-अलग प्रकार की कोशिकाएं में बदलने की क्षमता अन्तर्निहित होती हैं। 

पशु स्टेम सेल बायोबैंक के बारे में

  • मुख्य विशेषताएं: स्टेम सेल कल्चर यूनिट, 3D बायोप्रिंटर, बैक्टीरियल कल्चर लैब, क्रायोस्टोरेज, आदि।
  • महत्व: पशुधन के लिए रीजेनरेटिव मेडिसिन और सेल थेरेपी पर ध्यान केंद्रित करना; डिजिज मॉडलिंग, टिशू इंजीनियरिंग आदि में अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देना।
  • सहायता: इसे जैव प्रौद्योगिकी विभाग और ‘जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (BIRAC)’ की राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन (NBM) के तहत सहायता प्रदान की जाएगी।
    • NBM को 2017 में उद्योग और अकादमिक जगत के मध्य सहयोग आधारित मिशन के रूप में मंजूरी दी गई थी। इसका उद्देश्य बायोफार्मास्यूटिकल विकास को तेज करना है।

इंडियाAI मिशन ने कैंसर एआई एंड टेक्नोलॉजी चैलेंज (CATCH) शुरू करने की घोषणा की है।

  • ‘इंडिया AI मिशन’ केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) का एक प्रमुख मिशन है ।

कैंसर AI एंड टेक्नोलॉजी चैलेंज (CATCH) ग्रांट प्रोग्राम के बारे में

  • उद्देश्य: भारत में कैंसर देखभाल क्षेत्र में AI समाधानों के सत्यापन और उपयोग को तेजी से आगे बढ़ाना।
  • सहयोग: यह राष्ट्रीय कैंसर ग्रिड (NCG) के साथ साझेदारी में एक संयुक्त नवाचार अनुदान प्रोग्राम के रूप में शुरू किया गया।
  • समर्थन:  चुने गए प्रोजेक्ट्स को तय किए गए चरणों की उपलब्धियों के आधार पर 50 लाख रुपए तक की पायलट फंडिंग मिलेगी। 
    • साथ ही उन्हें मार्गदर्शन (मेंटॉरशिप), कैंसर के इलाज से जुड़े क्लीनिकल वेलिडेशन साइट्स तक पहुंच, और अपने कार्य को NCG नेटवर्क व इंडिया AI समर्थित सार्वजनिक चैनलों के जरिए प्रसार का अवसर मिलेगा।

हाल ही में नशा मुक्त भारत अभियान (NMBA) की शुरुआत की 5वीं वर्षगांठ मनाई गई

  • नोडल मंत्रालय: केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (MoSJE)।
  • शुरुआत: इसे 2020 में  “नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन (NAPDDR) ” के अंतर्गत एक प्रमुख पहल के रूप में शुरू किया गया।
    • संविधान का अनुच्छेद 47 राज्यों को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नशीले पदार्थों के सेवन को रोकने का निर्देश देता है।
  • उद्देश्य: लोगों को नशीले पदार्थों का सेवन करने से रोकना, प्रभावित लोगों का इलाज और पुनर्वास करना। 
  • कवरेज: शुरुआत में इसका लक्ष्य 272 सबसे अधिक प्रभावित जिलों को कवर करना था। हालांकि, अब यह देशभर के सभी जिलों में लागू है।
  • तीन-सूत्रीय रणनीति:
    • मादक पदार्थों की आपूर्ति रोकना: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा संचालित।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग ने SHINE प्रोग्राम का आयोजन किया।

SHINE कार्यक्रम के बारे में

  • उद्देश्य: विद्यार्थियों को स्वास्थ्य देखभाल और जैव-चिकित्सा अनुसंधान से परिचित कराना। साथ ही, युवाओं को विज्ञान और लोक स्वास्थ्य के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना।
  • गतिविधियां: गाइडेड लैब टूर, शोध प्रदर्शनी, पोस्टर वॉक आदि शामिल हैं।
  • भागीदारी: इस कार्यक्रम में 9वीं से 12वीं कक्षा तक के 13,000 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया।
  • महत्त्व: यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा जगाने, नवाचार को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य क्षेत्र में शोधकर्ताओं की आगामी पीढ़ी को प्रेरित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। 
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