केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने एग्रीएनिक्स प्रोग्राम के तहत प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की घोषणा की है।
एग्रीएनिक्स प्रोग्राम के बारे में:
- यह MeitY का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है। यह कृषि और पर्यावरण के क्षेत्र में प्रौद्योगिकियों संबंधी अनुसंधान और विकास करने, तथा उसे लागू करने, उसका प्रदर्शन करने और उसके व्यावसायिक उपयोग से संबंधित है।
- इसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC), कोलकाता द्वारा नोडल एजेंसी के रूप में लागू किया जा रहा है।
Article Sources
1 sourceभारत ‘अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA)’ के माध्यम से अपनी प्रमुख योजना पीएम-कुसुम को बढ़ावा देने और विकासशील देशों में इसकी सफलता का लाभ प्रदान करने की योजना बना रहा है।
पीएम-कुसुम योजना के बारे में
- मंत्रालय: केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय।
- यह योजना 2019 में शुरू की गई थी। इसके उद्देश्य हैं; किसानों को ऊर्जा और जल सुरक्षा प्रदान करना, कृषि क्षेत्रक को डीजल-मुक्त बनाना और पर्यावरण प्रदूषण को कम करना।
- लक्ष्य: मार्च 2026 तक लगभग 34,800 मेगावाट (MW) की सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ना ।
- योजना के घटक:
- घटक-A: लघु सौर ऊर्जा संयंत्रों के माध्यम से 10,000 मेगावाट की सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित करना।
- घटक-B: स्टैंड-अलोन सोलर कृषि पंपों की स्थापना करना।
- घटक-C: ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों का सौरकरण करना, जिसमें फीडर स्तर का सौरकरण भी शामिल है।
महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के बावजूद अफ्रीका में ग्रेट ग्रीन वॉल परियोजना को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रेट ग्रीन वॉल इनिशिएटिव के बारे में:
- प्रारंभ: इसे 2007 में अफ्रीकी संघ द्वारा शुरू किया गया था।
- उद्देश्य:
- 2030 तक 100 मिलियन हेक्टेयर निम्नीकृत (डीग्रेडेड) भूमि का पुनरुद्धार करना; 250 मिलियन टन कार्बन को अवशोषित करना और 10 मिलियन ग्रीन जॉब्स (हरित रोजगार) उत्पन्न करना।
- साहेल क्षेत्र में कृषि योग्य भूमि का विस्तार करना। यह क्षेत्र अफ्रीका के सहारा रेगिस्तान से सटा हुआ है।
- जलवायु परिवर्तन, सूखा, अकाल, संघर्ष और प्रवास के लिए प्रभावी समाधान खोजना।
रूस की संसद के निचले सदन ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ प्लूटोनियम प्रबंधन और निपटान समझौता (PMDA) से हटने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
- गौरतलब है कि रूस ने 2016 में अमेरिकी प्रतिबंधों का हवाला देते हुए इस समझौते के कार्यान्वयन को निलंबित कर दिया था।
प्लूटोनियम प्रबंधन और निपटान समझौता के बारे में
- इस समझौता पर वर्ष 2000 में हस्ताक्षर किए गए थे।
- यह अमेरिका और रूस, दोनों को अपने पास रखे वेपंस-ग्रेड प्लूटोनियम में से प्रत्येक को कम-से-कम 34 मीट्रिक टन इस तरह से निपटान करने के लिए बाध्य करता है कि वापस इनका उपयोग नहीं किया जा सके।
- प्लूटोनियम: यह एक रेडियोएक्टिव सामग्री है जिसकी परमाणु संख्या 94 है। इसका गलनांक उच्च होता है। यह प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला सबसे भारी तत्व है।
- निपटान लक्ष्य: प्लूटोनियम को अधिक सुरक्षित रूपों में परिवर्तित करना (जैसे MOX ईंधन, रिएक्टर विकिरण में)।
हिम तेंदुओं में आनुवंशिक विविधता बहुत कम होती है। इसका संभावित कारण हाल की इनब्रीडिंग की बजाय उनके विकासवादी चरण में लगातार कम संख्या का होना है।
- आनुवंशिक विविधता: यह किसी आबादी या प्रजाति के अंदर विरासत में मिले गुण और विभिन्न जीनों की कुल विविधता होती है।
- यह किसी प्रजाति की पर्यावरण में बदलावों और तनावों के प्रति ढलने एवं जीवित रहने की क्षमता के लिए महत्वपूर्ण है।
हिम तेंदुए के बारे में:
- भौगोलिक क्षेत्र: दक्षिण और मध्य एशिया के पर्वतीय क्षेत्रों की प्रमुख प्रजाति। यह प्रजाति 12 देशों में प्राप्त होती है।
- भारत में यह प्रजाति जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड (पश्चिमी हिमालय), सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश (पूर्वी हिमालय) में पाई जाती है।
- संरक्षण स्थिति:
- IUCN रेड लिस्ट: वल्नरेबल।
- वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: अनुसूची I में सूचीबद्ध।
- इसे लद्दाख और हिमाचल प्रदेश का राजकीय पशु (स्टेट एनिमल) घोषित किया गया है।
- विशेषताएँ: ये दहाड़ते नहीं हैं, ये एकांत पसंद जीव हैं। ये अधिकतर सुबह और शाम के समय सक्रिय रहते हैं।
एनर्जी थिंक टैंक एम्बर की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में कोयले को पीछे छोड़ती हुई नवीकरणीय ऊर्जा विश्व में सबसे बड़ा बिजली स्रोत बन गई।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
- बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में जीवाश्म ईंधन उत्पादन: चीन और भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में जीवाश्म ईंधन से बिजली का उत्पादन घटा है। ऐसा इसलिए क्योंकि वहाँ स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की वृद्धि, बिजली की मांग में वृद्धि से अधिक है।
- उत्सर्जन: विश्व में बिजली की मांग में 2.6% की वृद्धि के बावजूद उत्सर्जन कम हुआ है।
- चीन में लगभग 46 मिलियन टन CO2 और भारत में लगभग 24 मिलियन टन CO2 उत्सर्जन कम हुआ है। वहीं यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका (US) में उत्सर्जन बढ़ा है।
- स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की वृद्धि: सौर ऊर्जा (+25%) और पवन ऊर्जा (+29%) में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। इससे कुल बिजली स्रोत में स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ी है।
नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन और नेशनल ई-गवर्नेंस सर्विसेज लिमिटेड (NeSL) ने e-बैंक गारंटी के लिए डिजिटल डॉक्यूमेंट प्रक्रिया को एकीकृत करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
- ‘नेशनल ई-गवर्नेंस सर्विसेज लिमिटेड (NeSL)’ भारत की पहली इनफार्मेशन यूटिलिटी है। यह इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ़ इंडिया (IBBI) के यहां पंजीकृत है। NeSL ऋणों और क्लेम के कानूनी साक्ष्य के रूप में काम करती है।
इलेक्ट्रॉनिक बैंक गारंटी (e-BGs) के बारे में:
- इसने कागजी दस्तावेज के रूप में बैंक गारंटी जारी करने की पारंपरिक प्रक्रिया की जगह ली है।
- यह बैंक गारंटी जारी करने और लाभार्थियों तक उसे पहुंचाने के समय को कम कर देती है।
- बैंक गारंटी वास्तव में एक वित्तीय साधन है। इसमें एक बैंक थर्ड पार्टी (लाभार्थी) को यह वादा करता है कि यदि उनके ग्राहक (आवेदक) किसी अनुबंध के दायित्व को पूरा करने में विफल रहते हैं, तो बैंक लाभार्थी को भुगतान करेगा।