वन घोषणा-पत्र आकलन, 2025 रिपोर्ट जारी की गई | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

In Summary

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि 2030 तक वनों की कटाई को समाप्त करने के वैश्विक प्रयास पटरी से उतर गए हैं, क्योंकि अत्यधिक विनाश, हानिकारक सब्सिडी और अपर्याप्त नीतियां वन बहाली और जैव विविधता लक्ष्यों में बाधा डाल रही हैं।

In Summary

यह रिपोर्ट फॉरेस्ट डिक्लेरेशन असेसमेंट ने जारी की है। इस रिपोर्ट में इस तथ्य को रेखांकित किया गया है कि विश्व 2030 तक वनों की कटाई को शून्य करने के लक्ष्य को हासिल करने से पीछे है।

इस रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर

  • वनों की कटाई की दर: 2024 में 8.1 मिलियन हेक्टेयर वन नष्ट हो गए थे, जो कि 2030 तक वनों की कटाई को रोकने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आवश्यक स्तर से 63% अधिक है।
  • वित्तीय प्रवाह में खामियां: इस संबंध में देखें तो हानिकारक सब्सिडी और हरित सब्सिडी के मध्य का अनुपात 200:1 है। यह हानिकारक सब्सिडी की तुलना में हरित सब्सिडी की अत्यंत काम मात्रा को दर्शाता है।  

वनों के नष्ट होने के मुख्य कारण

  • स्थायी कृषि: इसमें ऑयल पाम, कोको, बागवानी, नट्स, रबड़, मौसमी फसलों और चारागाह की खेती लगभग 86% निर्वनीकरण के लिए जिम्मेदार पाई गई है।
  • खनन क्षेत्रक: वैश्विक स्तर पर लगभग 77% खदानें प्रमुख जैव विविधता क्षेत्रों (KBAs) से 50 किमी से भी कम दूरी पर स्थित हैं।
  • पर्यावरण संबंधी अपराध: वनों की अवैध कटाई और इमारती लकड़ी की तस्करी से प्रतिवर्ष लगभग 281 बिलियन डॉलर की अवैध आय होती है।

वनों की कटाई को रोकने के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण बदलावों की आवश्यकता है 

  • स्वैच्छिक प्रतिबद्धता के लिए अनिवार्य विनियमन: इसमें जवाबदेही, ट्रेसेब्लिटी और अनुपालन सुनिश्चित करना चाहिए।
  • वनों का मूल्य निर्धारण और बाहरी प्रभावों को समाप्त करना: इसमें वनों की कटाई और निम्नीकरण की वास्तविक हानि का मूल्यांकन किया जाना चाहिए।
  • समावेशी निर्णय-निर्माण: इसके तहत देशज लोगों, स्थानीय समुदायों, महिलाओं और नागरिक समाज की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।

वनों की पुनर्बहाली के प्रमुख लक्ष्य

  • बॉन चैलेंज: 2020 तक 150 मिलियन हेक्टेयर निम्नीकृत और वन-उन्मूलन वाली भू-भाग की तथा 2030 तक 350 मिलियन हेक्टेयर भू-भाग की पुनर्बहाली करना।
    • भारत ने 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर भूमि को पुनः बहाल करने का संकल्प लिया है।
  • कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता फ्रेमवर्क (KM-GBF) (2022) का टारगेट 2: इसमें 2030 तक कम-से-कम 30% निम्नीकृत स्थलीय, अंतर्देशीय जल और तटीय एवं समुद्री पारिस्थितिकी-तंत्र क्षेत्रों की प्रभावी रूप से पुनर्बहाली करना शामिल है। 
Watch Video News Today
Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet