भारतीय वायु सेना (IAF) स्पेन में आयोजित अभ्यास 'ओशन स्काई 2025' में शामिल हुई।
अभ्यास ओशन स्काई के बारे में
- प्रकृति: यह स्पेनिश वायु सेना द्वारा आयोजित एक बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है।
- उद्देश्य: इसमें भाग लेने वाले देशों के बीच पारस्परिकता को बढ़ाना, हवाई युद्ध कौशल को तेज करना और पारस्परिक लर्निंग को बढ़ावा देना।
- महत्त्व: यह पहली बार है कि कोई गैर-नाटो देश इस अभ्यास में भाग ले रहा है, जो भारत-स्पेन के बीच बढ़ते संबंधों को दर्शाता है।
रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग 79,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी।
- नाग मिसाइल प्रणाली Mk-II; मटेरियल हैंडलिंग क्रेन के साथ उच्च गतिशीलता वाहन (HMVs) जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (AoN) प्रदान की गई है।
रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) के बारे में
- परिचय: यह सामरिक रक्षा खरीद की योजना निर्माण और निगरानी के लिए सर्वोच्च संस्था है। यह भारत के रक्षा प्रतिष्ठानों के बीच समन्वित तरीके से निर्णय लेने को सुनिश्चित करता है।
- अध्यक्ष: केंद्रीय रक्षा मंत्री।
- कार्य:
- दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य योजना (Long Term Perspective Plan) के तहत पूंजीगत खरीद को ‘सैद्धांतिक मंजूरी’ देना।
- प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करना।
- खरीद प्रस्तावों के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (Acceptance of Necessity) प्रदान करना।
Article Sources
1 sourceखेलों में डोपिंग के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय अभिसमय के CoP के 10वें सत्र में भारत को ब्यूरो फॉर एशिया-पेसिफिक का पुनः उपाध्यक्ष चुना गया।
- अज़रबैजान को अध्यक्ष चुना गया।
खेलों में डोपिंग के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय अभिसमय के बारे में
- पृष्ठभूमि: यह एक बहुपक्षीय संधि है, जिसमें देश डोपिंग को रोकने और समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय उपाय अपनाने पर सहमत होते हैं।
- उद्भव: यह संधि यूनेस्को द्वारा 2005 में अपनाई गई थी और यह 2007 में प्रभावी हुई थी।
- लक्ष्य: खेलों में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर डोपिंग रोधी कानूनों, नियमों और विनियमों में समन्वय सुनिश्चित करना।
- सदस्य: 192 देश (भारत भी इसका हस्ताक्षरकर्ता है)।
एक हालिया अध्ययन से पता चला है कि कैराबिड बीटल्स मिट्टी में माइक्रोप्लास्टिक प्रदूषण को ट्रैक करने के लिए जैव संकेतक के रूप में काम कर सकते हैं।
कैराबिड बीटल्स के बारे में
- कैराबिड बीटल्स कैराबिडे फैमिली से संबंधित हैं। इन्हें आमतौर पर ग्राउंड बीटल्स के रूप में जाना जाता है।
- ये निशाचर शिकारी होते हैं, जो स्लग, कैटरपिलर और घोंघे जैसे जीवों का भक्षण करते हैं।
- ये दुनिया भर के लगभग सभी स्थलीय पर्यावासों में पाए जाते हैं।
भारत की उदारीकृत विप्रेषण योजना (LRS) के अंतर्गत विदेशों में शिक्षा के लिए भारत से विप्रेषण की राशि आठ वर्षों में सबसे कम स्तर पर आ गई है।
उदारीकृत विप्रेषण योजना (LRS) के बारे में
- आरंभ: यह योजना 2004 में शुरू की गई थी।
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य भारत से विप्रेषण की प्रक्रिया को सरल और सुव्यवस्थित बनाना था।
- लाभ: सभी निवासी व्यक्तियों (जिनमें नाबालिक भी शामिल हैं) को किसी भी अनुमेय चालू या पूंजी खाते के लेन-देन या दोनों के संयोजन के लिए प्रति वित्त वर्ष 250,000 डॉलर तक की राशि स्वतंत्र रूप से भेजने की अनुमति है।
- इसके तहत विप्रेषण की बारंबारता पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
- यह योजना कॉर्पोरेट्स, साझेदारी फर्मों, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), ट्रस्ट आदि के लिए उपलब्ध नहीं है।
WTO ने भारत की ड्यूटी-फ्री टैरिफ प्रेफरेंस (DFTP) योजना की सराहना की है, जो अल्प विकसित देशों (LDCs) के निर्यात को बढ़ावा देने में मदद कर रही है।
ड्यूटी-फ्री टैरिफ प्रेफरेंस (DFTP) योजना के बारे में
- DFTP योजना 2008 में शुरू की गई थी। यह LDCs से भारत में आयात होने वाले उत्पादों के लिए शुल्क मुक्त या अधिमान्य प्रशुल्क व्यवहार सुनिश्चित करती है।
- इस योजना का उद्देश्य LDCs की आर्थिक संवृद्धि को बढ़ावा देना, निर्यात में विविधित लाना, और व्यापार संबंधों को मजबूत करना है।