रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर:
- वित्तीय अंतराल: विकासशील देशों को 2030 के मध्य तक अनुकूलन के लिए 310–365 अरब अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष की कमी का सामना करना पड़ेगा।
- वर्तमान वित्त-पोषण: वैश्विक अनुकूलन वित्त-पोषण केवल 26 अरब अमेरिकी डॉलर है, जो आवश्यकताओं से बहुत कम है।
- कार्यान्वयन में देरी: अधिकांश देशों के पास योजनाएं हैं, लेकिन उनके उचित क्रियान्वयन का अभाव है और उनकी गुणवत्ता भी कम बनी हुई है।
- तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता: वित्त-पोषण, नवोन्मेषी साधनों और बेहतर लोचशीलता योजनाओं में व्यापक पैमाने पर वृद्धि करने की आवश्यकता है।
- भारत से संबंधित तथ्य: भारत ने अपनी राष्ट्रीय अनुकूलन निधि और राज्य कार्य योजना को आगे बढ़ाया है, लेकिन फिर भी यह बहुत अधिक गर्मी, अनिश्चित मानसून और तटीय बाढ़ से अत्यधिक प्रभावित है।
Article Sources
1 sourceकैबिनेट सचिव ने बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवातों के संबंध में NCMC की बैठक की अध्यक्षता की।
NCMC के बारे में
- इसे आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत वैधानिक दर्जा प्रदान किया गया है।
- यह एक मुख्य वैधानिक निकाय है, जो गंभीर या राष्ट्रीय प्रभाव वाली प्रमुख आपदाओं से निपटने के लिए जिम्मेदार है।
- कैबिनेट सचिव इसका अध्यक्ष होता है। इसके अन्य सदस्य केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाते हैं।
- शक्तियां और कार्य:
- यह किसी भी आपदा या आपात स्थिति के लिए तैयारी का मूल्यांकन कर सकती है।
- यह राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया प्रयासों का समन्वय और निगरानी करती है।
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अधीन आने वाले उपभोक्ता मामलों के विभाग ने विधिक माप विज्ञान (पैकेज्ड कमोडिटीज) संशोधन नियम, 2025 को अधिसूचित किया।
संशोधन नियम 2025 के बारे में:
- ये नियम चिकित्सा उपकरणों के पैकेजों के लिए विशिष्ट प्रावधान करते हैं। इस प्रकार विधिक माप विज्ञान (पैकेज्ड कमोडिटीज) नियम, 2011 को चिकित्सा उपकरण नियम, 2017 के अनुरूप किया गया है।
- यह सुनिश्चित करता है कि अनिवार्य डिक्लेरेशन करने की अनिवार्यता बनी रहेगी, लेकिन चिकित्सा उपकरण नियमों के तहत निर्धारित फॉन्ट के आकार और आयाम संबंधी मानक लागू होंगे, न कि विधिक माप विज्ञान (पैकेज्ड कमोडिटीज) नियमों के तहत निर्धारित मानक।
- इसका उद्देश्य स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्रक में विनियामक सामंजस्य सुनिश्चित करना, अनुपालन में अस्पष्टता को कम करना और उपभोक्ता सुरक्षा को बढ़ाना है।
Article Sources
1 sourceहाल ही में, सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि 'विलय का सिद्धांत या डॉक्ट्रिन ऑफ मर्जर' एक कठोर और सार्वभौमिक रूप से उपयोग होने वाला सिद्धांत नहीं है।
विलय के सिद्धांत के बारे में
- तर्क: इस सिद्धांत के अनुसार, एक समय में एक ही विषय पर एक से अधिक डिक्री या आदेश लागू नहीं हो सकते।
- उपयोग: यह इस पर निर्भर नहीं करता कि अपीलीय अदालत ने निचली अदालत के फैसले या डिक्री की पुष्टि की है, उसे संशोधित किया है या उसे उलट दिया है।
- अर्थ: इसका अर्थ है कि जब एक उच्चतर न्यायालय, किसी अधीनस्थ अदालत के आदेश, डिक्री, या निर्णय को रद्द, संशोधित, या पुष्टि करते हुए निपटारा करता है, तो निचली अदालत के आदेश का अस्तित्व समाप्त हो जाता है और वह उच्चतर न्यायालय के आदेश में समाहित हो जाता है।
- उद्देश्य और लाभ: यह न्यायालयों और अधिकरणों के पदानुक्रम की गरिमा बनाए रखता है तथा न्यायिक फैसलों में अंतिम रूप सुनिश्चित करता है।
- महत्वपूर्ण निर्णय: स्टेट ऑफ मद्रास बनाम मदुरै मिल्स कंपनी लिमिटेड केस में, सर्वोच्च न्यायालय ने माना था कि विलय का सिद्धांत अपीलीय या पुनरीक्षण आदेश की प्रकृति और ऐसी अधिकारिता प्रदान करने वाले वैधानिक प्रावधानों के दायरे पर निर्भर करता है।
Article Sources
1 sourceहाल ही में, वर्ल्ड इनेक्वलिटी लैब द्वारा क्लाइमेट इनेक्वलिटी रिपोर्ट 2025 जारी की गई।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर:
- धनी वर्ग द्वारा असमान उत्सर्जन: शीर्ष 1% धनी लोगों का वैश्विक उपभोग आधारित उत्सर्जन में 15% का योगदान है, लेकिन निजी पूंजी स्वामित्व से उत्पन्न उत्सर्जन में इनका योगदान 41% है।
- उत्सर्जन में चरम असमानता: उपभोग के आधार पर शीर्ष 1% धनी लोगों का प्रति व्यक्ति उत्सर्जन, निचले वर्ग की 50% आबादी की तुलना में 75 गुना अधिक है।
- औद्योगिक उत्सर्जन का संकेंद्रण: लगभग 100 कंपनियां कुल औद्योगिक ग्रीनहाउस गैस (GHG) उत्सर्जन के 71% के लिए जिम्मेदार हैं।
गूगल ने घोषणा की है कि उसके क्वांटम प्रोसेसर "विलो" ने सबसे तेज सुपर कंप्यूटरों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए एक वेरिफिएबल क्वांटम एडवांटेज हासिल किया है।
- इस उपलब्धि के तहत, शोधकर्ताओं ने स्क्रैम्बल्ड डेटा के इको का पता लगाया। इससे एंटेंगलमेंट के माध्यम से सूचना प्रतिधारण सिद्ध हुआ।
क्वांटम इन्फॉर्मेशन स्क्रैम्बलिंग के बारे में
- परिभाषा: यह वह प्रक्रिया है, जिसमें सूचना पूरे क्वांटम सिस्टम में बहुत तेज़ी से फैल जाती है। इससे वह स्थानीय स्तर पर मापने योग्य नहीं रहती।
- तंत्र: इसमें एंटेंगलमेंट के माध्यम से क्वांटम डेटा को कई कणों के बीच वितरित कर दिया जाता है। इससे सूचना मिटती नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम में छिप जाती है।
- उदाहरण: जैसे पानी में एक बूंद रंग घुल जाने पर वह पूरे पानी में फैल जाता है, वैसे ही एक क्यूबिट में मौजूद सूचना कई क्यूबिट्स में फैल जाती है।
- महत्त्व: यह खोज न केवल वेरिफिएबल क्वांटम एडवांटेज को प्रदर्शित करती है, बल्कि क्वांटम प्रौद्योगिकियों की समझ को भी बढ़ाती है।
शोधकर्ताओं ने LMC में ST6 नामक एक नवनिर्मित तारे के आसपास कार्बन समृद्ध 5 यौगिकों की पहचान की है।
- इस खोज से यह पता चल सकता है कि ब्रह्मांड के प्रारंभिक समय में जीवन के निर्माण खंड कैसे बने होंगे।
लार्ज मैगेलैनिक क्लाउड (LMC) के बारे में
- यह मिल्की वे की एक उप-आकाशगंगा है, जो पृथ्वी से लगभग 200,000 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है।
- यह एक वामन आकाशगंगा (Dwarf Galaxy) है, जो पूर्णिमा के चंद्रमा से लगभग 20 गुना बड़े आकार में रात्रिकालीन दक्षिणी आकाश में दिखाई देती है।
- इसके भीतर मौजूद गैस के विशाल बादल धीरे-धीरे ढहकर नए तारों का निर्माण करते हैं।