केंद्र ने डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) नियम, 2025 अधिसूचित किए | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

In Summary

केंद्र ने डेटा गोपनीयता अधिकारों को सुदृढ़ करने और भारत के भीतर और बाहर डिजिटल व्यक्तिगत डेटा प्रसंस्करण को विनियमित करने के लिए डीपीडीपी अधिनियम, 2023 को क्रियान्वित करते हुए डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण नियम, 2025 को अधिसूचित किया है।

In Summary

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने DPDP नियम, 2025 (इन्फोग्राफिक देखें) अधिसूचित किए हैं। इससे DPDP अधिनियम, 2023 पूर्ण रूप से प्रवर्तित हो जाएगा।

  • ये नियम उच्चतम न्यायालय के 2017 के.एस. पुट्टास्वामी बनाम भारत संघ वाद निर्णय के अनुपालन में एक महत्वपूर्ण कदम है। उल्लेखनीय है कि इसी वाद में उच्चतम न्यायालय ने निजता के अधिकार को मूल अधिकार के रूप में मान्यता दी थी।  

DPDP अधिनियम, 2023 के बारे में

  • यह डिजिटल व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए एक व्यापक ढांचा स्थापित करता है। इसमें ऐसे डेटा का प्रबंधन करने वाली संस्थाओं (डेटा फिड्यूशरी) के दायित्वों और व्यक्तियों (डेटा प्रिंसिपल्स या स्वामी) के अधिकारों एवं कर्तव्यों को निर्धारित किया गया है।
  • दायरा:
    • यह अधिनियम डिजिटल व्यक्तिगत डेटा की प्रोसेसिंग को विनियमित करता है, भले ही वह डेटा भारत में कहीं भी एकत्र किया गया हो। वह डेटा डिजिटल रूप में हो सकता है; गैर-डिजिटल रूप में हो सकता है या बाद में डिजिटाइज़्ड किया गया हो सकता है।     
    • भारत के बाहर व्यक्तिगत डेटा की प्रोसेसिंग को भी विनियमित करता है, यदि वह डेटा भारत में वस्तुओं या सेवाओं की पेशकश से संबंधित है।
  • डेटा फिड्यूशरी या वैश्वासिक (Data Fiduciaries) के दायित्व:
    • उपयोगकर्ता सहमति: व्यक्तिगत डेटा को संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त करने के बाद ही प्रोसेस किया जा सकता है।
    • बच्चों/ दिव्यांग व्यक्तियों के व्यक्तिगत डेटा की प्रोसेसिंग: इसमें माता-पिता या कानूनी अभिभावक की सत्यापन योग्य सहमति अनिवार्य है।
  • प्रवर्तन: डेटा संरक्षण बोर्ड (DPB) को व्यक्तिगत डेटा उल्लंघन की शिकायतों की जांच के लिए दीवानी अदालत की शक्तियां प्राप्त होंगी।

DPDP नियम, 2025 के मुख्य उपबंधों पर एक नजर

  • डेटा प्रिंसिपल: व्यक्तियों के अपने व्यक्तिगत डेटा तक पहुंचने, उसे सही करने, अपडेट करने या मिटाने के अधिकारों को मजबूत किया गया है। 
  • चरणबद्ध कार्यान्वयन: 18 महीने की अनुपालन अवधि प्रदान की गई है। इससे संगठनों को सुचारू रूप से नियमानुसार परिवर्तन करने का समय प्राप्त होगा।
  • सहमति नोटिस: डेटा फिड्यूशरी को स्पष्ट, स्वतंत्र व उद्देश्य-विशिष्ट सहमति नोटिस जारी करने होंगे। साथ ही, ये नोटिस सरल भाषा में लिखे हुए होने चाहिए।
  • डेटा संरक्षण बोर्ड: यह एक पूर्णतया डिजिटल संस्था के रूप में कार्य करेगा। इससे नागरिक ऑनलाइन (पोर्टल और मोबाइल ऐप पर) शिकायतें दर्ज व ट्रैक कर सकेंगे।
Watch Video News Today
Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet