प्रवासी भारतीय दिवस (PBD) के अवसर पर, प्रधान मंत्री ने भारतीय प्रवासियों की भूमिका को सांस्कृतिक राजदूतों (राष्ट्रदूतों) के रूप में रेखांकित किया।
- प्रवासी भारतीय दिवस एक द्विवार्षिक (प्रत्येक दो वर्षों में होने वाला) एक प्रमुख कार्यक्रम है। यह 9 जनवरी को मनाया जाता है। 1915 में इसी तिथि को महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत वापस लौटे थे।
भारतीय प्रवासियों के बारे में
- यह उन लोगों के लिए प्रयोग किया जाने वाला पद है, जो उन क्षेत्रों से प्रवास कर गए हैं, जो वर्तमान में भारत की सीमाओं के भीतर हैं।
- इनमें शामिल हैं: अनिवासी भारतीय (NRI); भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) और विदेशी भारतीय नागरिक (OCI)
- 2015 में, भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) कार्ड योजना को OCI के साथ मिला दिया गया था और सभी PIO कार्डधारकों को OCI कार्डधारक मान लिया गया।
- भारतीय प्रवासियों की वर्तमान स्थिति: जनवरी 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार भारतीय प्रवासियों की संख्या 34.35 मिलियन है। इनमें 17.17 मिलियन NRIs शामिल हैं।
भारतीय प्रवासियों का महत्त्व

- सॉफ्ट पावर: प्रवासी विश्व भर में भारत की सांस्कृतिक विरासत (जैसे- योग, दिवाली जैसे त्यौहार) को प्रचारित करते हैं और लोगों के बीच परस्पर संबंधों को मजबूत करते हैं।
- आर्थिक योगदान: भारत विप्रेषण (Remittances) प्राप्त करने वाला विश्व का सबसे बड़ा देश है। वित्त वर्ष 2025 में लगभग 135 बिलियन अमेरिकी डॉलर का विप्रेषण प्राप्त हुआ था।
- व्यापार और निवेश सेतु: उदाहरण के लिए- प्रवासी उद्यमी भारत-संयुक्त राज्य अमेरिका सूचना प्रौद्योगिकी (IT) तथा सेवा व्यापार को सुगम बनाते हैं।
- राजनयिक प्रभाव: प्रवासियों की महत्वपूर्ण उपस्थिति परस्पर संबंधों को बढ़ाने में मदद करती है और वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को सकारात्मक रूप से आकार देती है। उदाहरण के लिए- भारत-पश्चिम एशिया संबंध।
- राजनीतिक समर्थन: प्रवासी भारतीय भारत के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी स्थानीय सरकारों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों पर दबाव डाल सकते हैं।
भारतीय प्रवासियों के लिए शुरू की गई पहलें
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