लद्दाख के जोजिला दर्रे में एक विशाल हिमस्खलन हुआ है।
जोजिला दर्रे के बारे में:
- ऊंचाई: समुद्र तल से लगभग 3528 मीटर (11,649 फीट)।
- प्रकृति: एशिया का सबसे लंबा द्विदिशीय दर्रा।
- अवस्थिति: लद्दाख और कश्मीर को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी, जो कश्मीर घाटी को द्रास घाटी से अलग करती है।
- यह श्रीनगर और लेह के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग 1 पर स्थित है। इस दर्रे को फौटू ला के बाद दूसरा सबसे ऊंचा दर्रा माना जाता है।
- 2018 में, जोजिला सुरंग परियोजना शुरू की गई थी।
G-7 ने मध्य पूर्व में युद्ध पर एक विज्ञप्ति जारी कर "नागरिकों और नागरिक अवसंरचनाओं के खिलाफ हमलों को तत्काल रोकने" का आह्वान किया।
G-7 के बारे में:
- स्थापना: ऊर्जा संकट के कारण आर्थिक और वित्तीय सहयोग के प्रत्युत्तर में 1975 में।
- प्रकृति: औद्योगिक लोकतांत्रिक देशों का एक अनौपचारिक समूह।
- सदस्य: फ्रांस, जर्मनी, इटली, यूनाइटेड किंगडम, जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा।
- रूस 1998 से 2014 तक इसका सदस्य था। उस दौरान इस मंच को G-8 कहा जाता था।
- मार्च 2014 में क्रीमिया पर रूस के कब्जे के कारण उसे इस समूह से निलंबित कर दिया गया।
- उद्देश्य: वैश्विक आर्थिक शासन, अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा नीति जैसे प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए प्रतिवर्ष बैठक करना।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 2014 के टीवी रेटिंग दिशानिर्देशों के स्थान पर टीवी रेटिंग नीति 2026 जारी की है।
टेलीविज़न रेटिंग पॉइंट के बारे में:
- परिभाषा: यह किसी टीवी कार्यक्रम की दर्शकों की संख्या को मापता है।
- यह किसी निश्चित समय पर कार्यक्रम देखने वाले लक्षित दर्शकों के प्रतिशत को इंगित करता है।
- इसकी गणना एक विशिष्ट लक्षित समूह (जैसे आयु, क्षेत्र आदि) के आधार पर की जाती है।
- उद्देश्य:
- यह प्रसारकों और विज्ञापनदाताओं को शो की लोकप्रियता का मूल्यांकन करने में मदद करता है।
- इसका उपयोग विज्ञापन दरों के निर्धारण और मीडिया प्लानिंग में किया जाता है।
Article Sources
1 sourceमध्य पूर्व क्षेत्र में युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से आपूर्ति में व्यवधान से वैश्विक कृषि के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है।
कृषि पर युद्ध का प्रभाव:
- उर्वरक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान: मध्य पूर्व क्षेत्र अमोनिया, यूरिया, फास्फेट और सल्फर सहित आवश्यक कृषि रसायनों के उत्पादन और निर्यात का महत्वपूर्ण केंद्र है।
- कृषि इनपुट लागत में वृद्धि: प्रमुख उर्वरक उत्पादों की कीमतों में उछाल।
- वैश्विक खाद्य मूल्य मुद्रास्फीति: ऊर्जा और उर्वरक की कीमतों में वृद्धि सीधे उत्पादन लागत को बढ़ाती है। इससे उपभोक्ता खाद्य कीमतें बढ़ जाती हैं और वैश्विक खाद्य वहनीयता पर चिंता उत्पन्न होती है।
मध्य पूर्व क्षेत्र में संघर्ष हीलियम की कमी का कारण बन रहा है, जिससे वैश्विक प्रौद्योगिकी से संबंधित आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही है।
हीलियम (He) के बारे में:
- यह गंधहीन, गैर-विषाक्त, रंगहीन, स्वादहीन और अक्रिय गैस है।
- यह ब्रह्मांड में दूसरा सबसे प्रचुर तत्व है लेकिन पृथ्वी पर दुर्लभ है।
- पृथ्वी पर अधिकांश हीलियम यूरेनियम और थोरियम के रेडियोधर्मी क्षय का उत्पाद है। यह अन्य प्राकृतिक गैसों के साथ भू-पर्पटी के नीचे पाया जाता है।
- वाणिज्यिक हीलियम को प्राकृतिक गैस से निकाला जाता है।
- अमेरिका, कतर और अल्जीरिया के पास विश्व में हीलियम के सबसे बड़े भंडार हैं।
- उपयोग: अंतरिक्ष अन्वेषण, राष्ट्रीय रक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, चिकित्सा प्रौद्योगिकी (MRI मशीनें), हाई-टेक विनिर्माण (अर्धचालक), गहरे समुद्र में गोताखोरी और ऊर्जा कार्यक्रम में।
केरल में शिगेलोसिस या शिगेला संक्रमण के प्रकोप का मामला दर्ज किया गया है।
शिगेलोसिस के बारे में:
- प्रकृति: शिगेला बैक्टीरिया के कारण होने वाला अत्यधिक संक्रामक रोग।
- संचरण: संक्रमित भोजन या जल या संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क के माध्यम से फेकल-ओरल मार्ग से।
- लक्षण: तीव्र दस्त (अक्सर खूनी), बुखार, क्रैम्प्स।
- संक्रमण-प्रवण समूह: पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्ति।
- चिंता: बढ़ता रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR) और किसी स्वीकृत टीके की अनुपलब्धता।
- रोकथाम: स्वच्छता, साफ-सफाई, सुरक्षित भोजन और पानी।
Article Sources
1 sourceरक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने पांच अतिरिक्त S-400 मिसाइल प्रणालियों सहित ₹2.38 लाख करोड़ के प्रस्तावों के लिए आवश्यकता की स्वीकृति (AoN) प्रदान की।
रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) के बारे में:
- यह सामरिक रक्षा अधिग्रहण योजना-निर्माण और निरीक्षण के लिए शीर्ष निकाय के रूप में कार्य करती है। यह भारत के रक्षा प्रतिष्ठान में समन्वित निर्णयन सुनिश्चित करती है।
- अध्यक्ष: केंद्रीय रक्षा मंत्री।
- कार्य: पूंजीगत अधिग्रहण को 'सैद्धांतिक' मंजूरी देना और प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी करना।
S-400 वायु रक्षा प्रणाली के बारे में:
- लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली।
- लक्ष्य क्षमता: 400 किमी तक की सीमा में विमानों, क्रूज मिसाइलों, ड्रोनों और बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराती है।
- यह एक साथ 36 लक्ष्यों को भेद सकती है।
भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA) के शोधकर्ताओं ने सौर रेडियो विस्फोटों (Solar Radio Burst) के संबंध में लंबे समय से चले आ रहे सौर-रहस्य को समझने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।
सौर रेडियो विस्फोट के बारे में:
- यह सूर्य से रेडियो तरंगों का तीव्र और अल्पकालिक उत्सर्जन है। यह सोलर फ्लेयर्स (सौर ज्वालाएं) और कोरोनल मास इजेक्शन जैसे सौर विस्फोटों के दौरान उत्सर्जित होता है।
- उत्पत्ति: सौर परिघटनाओं के दौरान उत्पन्न ऊर्जावान इलेक्ट्रॉन आस-पास के प्लाज्मा के साथ परस्पर अंतर्क्रिया करते हैं। इससे कणीय ऊर्जा विद्युत चुम्बकीय विकिरण (रेडियो तरंगों) में परिवर्तित हो जाती है।
- पृथ्वी पर प्रभाव: ये विस्फोट पृथ्वी पर नेविगेशन (GNSS/GPS) और रेडियो संचार में बाधा डाल सकते हैं।
- महत्व: कोरोना में शॉक तरंगों पर नजर रखने और अंतरिक्ष मौसम की भविष्यवाणी करने के लिए उपयोग किया जाता है।
सऊदी अरब ने 'सऊदी ग्रीन इनिशिएटिव' के तहत दस लाख हेक्टेयर निम्नीकृत भूमि को पुनर्बहाल किया है। इससे पता चलता है कि जल की कमी वाले क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर भूमि-पुनर्बहाली संभव है।
- भूमि-पुनर्बहाली के उपायों में क्लाउड सीडिंग, रेत और धूल भरी आंधी के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली तथा संरक्षित क्षेत्रों का विस्तार शामिल था।
क्लाउड सीडिंग:
- यह मौसम में कृत्रिम संशोधन की तकनीक है। इसके तहत बादलों में कृत्रिम कण (न्यूक्लियस) प्रवेश कराए जाते हैं, ताकि वर्षा या बर्फ बनने की प्रक्रिया को बढ़ाया जा सके।
- प्रक्रिया: इन कणों का विमान या जमीन पर लगे उपकरणों की मदद से बादलों में छिड़काव किया जाता है। इससे बर्फ के छोटे-छोटे कण बनते हैं, जो धीरे-धीरे बड़े होकर बारिश या बर्फ के रूप में जमीन पर गिरते हैं।
- कारक: सिल्वर आयोडाइड (AgI), शुष्क बर्फ, पोटेशियम आयोडाइड।
रक्षा मंत्रालय ने तुंगुस्का वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली की खरीद के लिए अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं।
तुंगुस्का वायु-रक्षा मिसाइल प्रणाली के बारे में:
- इसे इसके नाटो द्वारा दिए गए नाम “SA-19 "ग्रिसन" के नाम से भी जाना जाता है।
- विकासक्रम: यह सोवियत मूल की, ट्रैक्ड, स्व-चालित वायु रक्षा प्रणाली है। इसे स्थलीय बलों को कम ऊंचाई वाले हवाई खतरों से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- विशेषता: यह सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को दोहरी 30 मिमी ऑटो-कैनन के साथ एकीकृत करती है। यह विशेषता इसे विभिन्न श्रेणियों और ऊंचाइयों पर लक्ष्यों को भेदने में सक्षम बनाती है।
- रेंज:
- डिटेक्शन: 18 किमी दूर तक।
- लक्ष्य: 8-10 किमी तक की दूरी और 3,500 मीटर तक की ऊंचाई पर लक्ष्यों को भेद सकती है।
- महत्व: हाइब्रिड डिज़ाइन इसे हेलीकॉप्टरों, ड्रोनों और क्रूज मिसाइलों के खिलाफ प्रभावी बनाता है।