लैंसेट की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत विश्व में सर्वाधिक मातृ मृत्यु दर वाले देशों में शामिल है | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

In Summary

  • भारत में 2023 में 24,700 मातृ मृत्यु दर्ज की गईं, जो वैश्विक स्तर पर कुल 2.4 लाख मातृ मृत्यु में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
  • इसके प्रमुख कारणों में रक्तस्राव, संक्रमण, उच्च रक्तचाप संबंधी विकार, सांस्कृतिक कारक और उपचार तक विलंबित पहुंच शामिल हैं।

In Summary

वर्ष 2023 में वैश्विक स्तर पर हुई 2.4 लाख मातृ मृत्युओं में से लगभग 24,700 मामले भारत में दर्ज किए गए।

मातृ मृत्यु (Maternal Mortality) के बारे में

  • आशय: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मातृ मृत्यु वह है जिसमें किसी महिला की मृत्यु गर्भावस्था के दौरान या गर्भ-समाप्ति के 42 दिनों के भीतर होती है, चाहे गर्भ की अवधि या स्थान कुछ भी हो, बशर्ते मृत्यु का कारण गर्भावस्था या उससे संबंधित देखभाल/प्रबंधन हो; इसमें दुर्घटना या आकस्मिक कारणों से हुई मृत्यु शामिल नहीं होती।
  • मातृ-मृत्यु अनुपात (MMR): यह मातृ-मृत्यु मापने का प्रमुख संकेतक है। इसे एक निश्चित अवधि के दौरान प्रति 1,00,000 जीवित जन्मों पर होने वाली मातृ मृत्यु की संख्या के रूप में परिभाषित किया गया है।  
    • सतत विकास लक्ष्य (SDG) 3.1 का लक्ष्य वैश्विक मातृ-मृत्यु अनुपात को प्रति 1,00,000 जीवित जन्मों पर 70 से कम करना है।

भारत में उच्च मातृ मृत्यु के प्रमुख कारण

  • चिकित्सीय कारण: प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव, उसके बाद संक्रमण और गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप विकार।
  • सांस्कृतिक और सामाजिक कारक: पारंपरिक मान्यताएं और सामाजिक मानदंड, पारिवारिक दबाव, निर्धनता और शिक्षा की कमी।
  • स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं में कमी: गर्भवती महिला को सही समय पर सही अस्पताल में नहीं भेजा जाता (गलत या देर से रेफरल), या आपातकालीन स्थिति के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं होती। इससे इलाज में देरी होती है, जिससे खतरा बढ़ जाता है।

भारत में मातृ मृत्यु दर कम करने के उपाय

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (NHP) 2017 के लक्ष्य की प्राप्ति:  भारत ने वर्ष 2020 तक MMR को प्रति 1,00,000 जीवित जन्म पर 100 से कम करने का लक्ष्य हासिल किया।
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और मातृ स्वास्थ्य: इसके अंतर्गत 'प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल, किशोर स्वास्थ्य, और पोषण' (RMNCAH+N) रणनीति शामिल है। इसके अंतर्गत संचालित प्रमुख कार्यक्रम हैं:
    • जननी सुरक्षा योजना (JSY): इसके तहत गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में प्रसव कराने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।
    • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY): इसका उद्देश्य मातृत्व हितलाभ (नकद सहायता) प्रदान करना है।
  • राज्यों के श्रेष्ठ उदाहरण: 
    • तमिलनाडु की 'आपातकालीन प्रसूति देखभाल' सुविधा।
    • मध्य प्रदेश का समुदाय संचालित 'दस्तक अभियान'।  
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY)

यह एक मातृत्व लाभ योजना है जो पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं को आंशिक वेतन प्रतिस्थापन के रूप में नकद प्रोत्साहन प्रदान करती है, ताकि वे अपने पहले बच्चे के जन्म के संबंध में स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता को पूरा कर सकें।

जननी सुरक्षा योजना (JSY)

A safe motherhood intervention program under the National Health Mission. It aims to reduce maternal and neonatal mortality by providing financial incentives to pregnant women for institutional delivery.

प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल, किशोर स्वास्थ्य, और पोषण (RMNCAH+N)

यह एक व्यापक स्वास्थ्य रणनीति है जो प्रजनन, मातृ, नवजात, बाल और किशोर स्वास्थ्य के साथ-साथ पोषण संबंधी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करती है, जिसका उद्देश्य समग्र स्वास्थ्य परिणामों में सुधार करना है।

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet