यह डेटा यूनेस्को की 'ग्लोबल एजुकेशन मॉनिटरिंग रिपोर्ट 2026: एक्सेस एंड इक्विटी, काउंटडाउन टू 2030' पर आधारित है। रिपोर्ट के अनुसार, तीन में से केवल दो विद्यार्थी ही माध्यमिक शिक्षा पूरी कर पाते हैं।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
- स्कूल से बाहर बच्चे: वर्ष 2024 में 27.3 करोड़ बच्चे, किशोर और युवा स्कूल से बाहर थे। इस डेटा में संघर्षों से सर्वाधिक प्रभावित 10 देशों के अनुमानित 1.3 करोड़ अतिरिक्त बच्चे शामिल नहीं हैं।
- माध्यमिक शिक्षा: सतत विकास लक्ष्य 4 (SDG-4) के तहत एक घोषित उद्देश्य होने के बावजूद, व्यावहारिक रूप से किसी भी देश ने अपने युवाओं के लिए सार्वभौमिक माध्यमिक शिक्षा पूरी होने का लक्ष्य हासिल नहीं किया है।
- शिक्षा तक पहुंच बनाम सीखने के परिणाम: शिक्षा तक पहुँच से अल्पकाल में सीखने के परिणामों में सुधार तो होता है, लेकिन इसे हमेशा गुणवत्तापूर्ण सीखने की गारंटी नहीं माना जाता। अर्थात, स्कूल में दाखिला मिल जाने से यह जरूरी नहीं कि बच्चे सच में अच्छी तरह समझकर सीख रहे हों।
शिक्षा तक पहुंच और समानता सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख सिफारिशें
- प्रणालीगत स्तर पर सुधार:
- विधिक प्रावधान: ‘शिक्षा का अधिकार’ को विधिक मान्यता देने की आवश्यकता है। अनिवार्य स्कूली शिक्षा पर कानून बनाना चाहिए तथा शुल्क समाप्ति की संभावना पर विचार करना चाहिए।
- उदाहरण के लिए, भारत का शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009।
- सरकार द्वारा वित्तपोषण: डेनमार्क ने ऐसी शिक्षा प्रणाली बनाई जिसमें निर्णय लेने की शक्ति स्थानीय स्तर पर है, कुछ सेवाएं निजी क्षेत्र को सौंपी गई हैं, लेकिन उनका खर्च सरकार वहन करती है। इसका उद्देश्य असमानता को बढ़ने से रोकना है।
- विधिक प्रावधान: ‘शिक्षा का अधिकार’ को विधिक मान्यता देने की आवश्यकता है। अनिवार्य स्कूली शिक्षा पर कानून बनाना चाहिए तथा शुल्क समाप्ति की संभावना पर विचार करना चाहिए।
- मांग पक्ष के स्तर पर सुधार:
- नकद अंतरण: ग्रामीण कर्नाटक में प्री-स्कूल शुल्क को शामिल करने वाली छात्रवृत्तियों की वजह से शिक्षा में भागीदारी में 20% की वृद्धि दर्ज की गई।
- अन्य सुधार: स्कूल में अध्ययन सामग्रियां, पोशाक, बैग इत्यादि उपलब्ध कराना; बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और पोषण स्थिति सुनिश्चित करना, आदि।
- आपूर्ति पक्ष के स्तर पर सुधार:
- सार्वजनिक अवसंरचना में सुधार: सरकारी प्री-स्कूलों में सीटों की संख्या बढ़ाने तथा माता-पिता की महंगे निजी स्कूलों पर निर्भरता कम करने के लिए स्कूली अवसंरचना विकास पर जोर देना चाहिए।
- मुक्त और दूरस्थ शिक्षा (Open and distance education): विश्व के सबसे बड़े मुक्त विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों के नामांकन ने उच्च शिक्षा के प्रसार में वृद्धि की है।
- अन्य प्रमुख सिफारिशें:
- देशों को एक वैश्विक फ्रेमवर्क के तहत अपने-अपने राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित करने की आवश्यकता है; जैसे— वैश्विक तापमान में वृद्धि को 1.5°C तक सीमित रखना, डेटा का प्रभावी तरीके से उपयोग करना, और समानता पर आधारित नीतियां बनाना।