मंत्रिस्तरीय सम्मेलन WTO में सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय है। यह सम्मेलन वैश्विक व्यापार नियमों पर निर्णय लेने के लिए प्रत्येक दो वर्षों में आयोजित होता है।
MC14 में लिए गए प्रमुख निर्णय
- लघु अर्थव्यवस्थाओं का एकीकरण: सदस्य देशों के प्रतिनिधि मंत्रियों ने लघु अर्थव्यवस्थाओं को वैश्विक व्यापार प्रणाली में बेहतर तरीके से एकीकृत करने पर सहमति जताई।
- विशेष एवं विभेदक व्यवहार (Special & Differential Treatment: S&DT) सिद्धांत को मजबूत करना: सैनिटरी और फाइटो-सैनिटरी (SPS) उपायों तथा व्यापार में तकनीकी बाधाओं (TBT) पर समझौतों में S&DT के प्रावधानों के कार्यान्वयन को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
- सैनिटरी और फाइटो-सैनिटरी समझौता खाद्य पदार्थों की सुरक्षा (फूड सेफ्टी) तथा पशु और पादपों के स्वास्थ्य मानकों के लिए मूलभूत नियम निर्धारित करता है।
- सैनिटरी (मानव और पशु स्वास्थ्य) तथा फाइटोसैनिटरी (पादप स्वास्थ्य) उपाय घरेलू स्तर यानी देश में उत्पादित खाद्य पदार्थ या स्थानीय पशु एवं पादप की बीमारियों पर लागू होते हैं। साथ ही ये उपाय अन्य देशों से आने वाले उत्पादों पर भी लागू होते हैं।
- व्यापार में तकनीकी बाधाओं (TBT) पर समझौते का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तकनीकी विनियम, मानक और अनुरूपता मूल्यांकन प्रक्रियाएं भेदभावपूर्ण न हों और व्यापार में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न न करें।
- सैनिटरी और फाइटो-सैनिटरी समझौता खाद्य पदार्थों की सुरक्षा (फूड सेफ्टी) तथा पशु और पादपों के स्वास्थ्य मानकों के लिए मूलभूत नियम निर्धारित करता है।
- मात्स्यिकी सब्सिडी पर समझौता वार्ता: सदस्य देशों के मंत्रियों ने मात्स्यिकी सब्सिडी पर व्यापक नियम तैयार करने के लिए 15वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC15) तक वार्ता जारी रखने पर सहमति व्यक्त की।
14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (MC14) में लंबित प्रमुख मुद्दे
|