भारत के लिए आर्थिक विकास के अनुमान और वैश्विक संदर्भ
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2026 में 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2025 में अनुमानित 7.4% वृद्धि दर से संशोधित है। वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर पिछले वर्ष के 2.8 प्रतिशत से घटकर इस वर्ष 2.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
भारत का आर्थिक दृष्टिकोण
- भारत सरकार के वार्षिक GDP अनुमानों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में 7.4% की वृद्धि का अनुमान है।
- भारतीय रिजर्व बैंक का अनुमान है कि GDP में वृद्धि दर 7.3% रहेगी, जबकि 2025 के लिए उसका अनुमान 6.5% था।
- प्रमुख बाजारों में मजबूत मांग भारत पर अमेरिकी टैरिफ बढ़ोतरी के प्रभाव को कम कर सकती है।
वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण
- वैश्विक व्यापार में इस वर्ष 2.2 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है, जबकि 2025 में यह 3.8 प्रतिशत था।
- अमेरिका में इस वर्ष 2 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है, जो 2025 में 1.9% थी।
- चीन की विकास दर इस वर्ष 4.6% और अगले वर्ष 4.5% रहने का अनुमान है।
- वैश्विक अर्थव्यवस्था को धीमी वृद्धि के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे व्यापक विकास संबंधी लाभ प्राप्त करने में विफलता हो सकती है।
चुनौतियाँ और जोखिम
- नीतिगत अनिश्चितता, भू-राजनीतिक जोखिम और राजकोषीय चुनौतियां वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण को धूमिल करती रहती हैं।
- 2025 में अमेरिका द्वारा बढ़ाए गए टैरिफ ने व्यापारिक माहौल को अस्थिर कर दिया, फिर भी विश्व अर्थव्यवस्था ने अप्रत्याशित लचीलापन दिखाया।
- कमजोर अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के कारण वैश्विक विकास में मंदी आने की उम्मीद है, जिसकी आंशिक रूप से भरपाई 2026 में जारी मौद्रिक नीति में ढील से होगी।
- मुद्रास्फीति में कमी आई है, लेकिन बढ़ती जीवन लागत परिवारों के बजट पर दबाव डाल रही है और असमानता को बढ़ा रही है।