बिल ऑफ लैडिंग बिल 2025 | Current Affairs | Vision IAS
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हाल ही में, संसद ने ‘बिल ऑफ लैडिंग विधेयक 2025’ पारित किया।

बिल्स ऑफ लैडिंग बिल 2025 के बारे में

  • इसका उद्देश्य शिपिंग डाक्यूमेंट्स के लिए कानूनी फ्रेमवर्क को अपडेट करना और सरल बनाना है।
  • इसे इंडियन बिल्स ऑफ लैडिंग एक्ट, 1856 की जगह लाया गया है। 
  • बिल ऑफ लैडिंग एक ऐसा डॉक्यूमेंट होता है जो मालवाहक कंपनी (freight carrier) द्वारा भेजने वाले (shipper) को जारी किया जाता है।
    • इसमें अग्रलिखित जानकारियाँ शामिल होती हैं:  भेजी जाने वाली वस्तु का प्रकार, वस्तु की मात्रा, स्थिति, गंतव्य स्थान।

ISA की बैठकों के बावजूद नए डीप सी माइनिंग नियमों पर आम सहमति नहीं बन पाई है।

अंतर्राष्ट्रीय समुद्र नितल प्राधिकरण (ISA) के बारे में

  • मुख्यालय: किंग्स्टन (जमैका)।
  • परिचय: यह एक स्वायत्त अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसकी स्थापना संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून अभिसमय (UNCLOS) 1982 और समुद्री कानून पर संयुक्त राष्ट्र अभिसमय के भाग XI के कार्यान्वयन से संबंधित समझौता (1994 एग्रीमेंट) के तहत की गई थी।
    • ISA वह संगठन है जिसके माध्यम से UNCLOS के पक्षकार देश "एरिया" में खनिज संसाधनों से संबंधित सभी गतिविधियों का आयोजन और नियंत्रण करते हैं, ताकि समस्त मानवता के हित में उनका लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
  • मुख्य कार्य: डीप सी बेड (गहरा समुद्र नितल) से संबंधित गतिविधियों से उत्पन्न होने वाले हानिकारक प्रभावों से समुद्री पर्यावरण की प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित करना।
  • सदस्य: 170 (भारत सहित)।

भारत निर्वाचन आयोग ने कहा कि अनुच्छेद 324 के तहत प्रदत्त शक्तियां उसे निर्वाचक नामावली (Electoral rolls) तैयार करने सहित चुनाव के सभी पहलुओं के अधीक्षण और निर्देशन का पूर्ण अधिकार प्रदान करती हैं।

  • अनुच्छेद 324(1): संसद, प्रत्येक राज्य के विधानमंडल, तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के चुनावों के लिए निर्वाचक नामावली तैयार करने तथा इन चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण का अधिकार निर्वाचन आयोग के पास होगा।
    • उपर्युक्त किसी भी चुनाव में मतदाता के रूप में पंजीकृत होने के लिए अनुच्छेद 326 के तहत भारतीय नागरिकता की आवश्यकता निर्धारित की गई है।
  • अनुच्छेद 326: इसके अनुसार, कोई भी भारतीय नागरिक जिसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक है, मतदान कर सकता है। 
    • हालांकि, संविधान या किसी कानून के तहत अयोग्य घोषित नहीं होने पर वह मताधिकार का उपयोग करने के लिए पात्र नहीं रह जाता है। 

केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद डार्क पैटर्न्स ट्रिक्स OTT प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स को अवांछित सब्सक्रिप्शनछिपे हुए शुल्कों (हिडन चार्ज) में फंसा रही हैं।

डार्क पैटर्न्स के बारे में

  • ये डिज़ाइन और चॉइस बनावटों का उपयोग कर उपभोक्ताओं को ऐसे निर्णय लेने के लिए प्रेरित करते हैं, जो उनके हित में नहीं होते। इनका उद्देश्य उपभोक्ताओं को भ्रमित करना, मजबूर करना या गुमराह करना होता है।
    • डार्क पैटर्न्स में कई प्रकार की हेरफेर करने वाली गतिविधियां शामिल होती हैं। उदाहरण के लिए- ड्रिप प्राइसिंग, प्रच्छन्न विज्ञापन, बेट एंड स्विच, फॉल्स अर्जेंसी आदि।
  • 2023 मेंकेंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने "डार्क पैटर्न की रोकथाम और विनियमन हेतु दिशा-निर्देश, 2023" की अधिसूचना जारी की थी। 
    • इसके माध्यम से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अंतर्गत 13 प्रकार के डार्क पैटर्न्स को अनुचित व्यवसाय-व्यवहार घोषित किया गया। 

मोबाइल एप्लिकेशन “मेरी पंचायत” को प्रतिष्ठित वर्ल्ड समिट ऑन द इन्फॉर्मेशन सोसाइटी (WSIS) प्राइज 2025-चैंपियन पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

मेरी पंचायत एप्लिकेशन के बारे में

  • उद्देश्य: यह भारत की पंचायतों के लिए m-गवर्नेंस प्लेटफार्म है। इसका उद्देश्य 2.65 लाख ग्राम पंचायतों में 25 लाख से अधिक निर्वाचित प्रतिनिधियों को सशक्त बनाना है, जिससे ग्रामीण शासन में डिजिटल तकनीक का समावेश हो सके और पारदर्शिता लाई जा सके।
  • क्रियान्वयन मंत्रालय: यह केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय तथा केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) की पहल है।
  • लाभ:
    • रियल टाइम में पंचायत बजट की जानकारी उपलब्ध कराना,
    • ग्राम पंचायत विकास योजनाएं (GPDPs) उपलब्ध कराना,
    • ग्राम पंचायत स्तर पर मौसम पूर्वानुमान प्रदान करना,
    • सोशल ऑडिट टूल्स, फंड के उपयोग से संबंधित डेटा उपलब्ध कराना,
    • शिकायत निवारण प्रणाली जिसमें जियो-टैग्ड और जियो-फेंस सुविधाएं शामिल हैं। 

केंद्रीय मंत्री ने असम के लिए MOVCDNER की क्रियान्वयन अवधि को एक साल के लिए बढ़ाने की घोषणा की है। 

पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए जैविक मूल्य श्रृंखला विकास मिशन (MOVCDNER) के बारे में 

  • इसे 2015-16 में लॉन्च किया गया।
  • लक्ष्य: भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में जैविक खेती की (Organic farming) अपार क्षमता का उपयोग करना।
  • कार्यान्वयन: यह योजना अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा में लागू की जा रही है।
  • उद्देश्य: प्रमाणित जैविक उत्पादन को वैल्यू चेन मॉडल में विकसित करना ताकि ऑर्गेनिक वस्तुओं के उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच प्रत्यक्ष और सशक्त संबंध स्थापित हो सके।
  • कवरेज: यह कार्यक्रम जैविक बीजों और उत्पाद प्रमाणपत्रों के प्रदान करने से लेकर जैविक उत्पादों के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन के लिए सुविधाएं स्थापित करने तक की सभी प्रक्रियाओं को शामिल करता है। 

हाल ही में ‘भारत NCX 2025’ का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया गया,

राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा अभ्यास (भारत NCX 2025) के बारे में

  • यह राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) द्वारा राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU) के सहयोग से आयोजित किया गया।
  • उद्देश्य: 
    • देश की साइबर सुरक्षा क्षमता और साइबर अटैक से निपटने तैयारी को मजबूत करना, और 
    • वास्तविक साइबर अटैक जैसी स्थितियों का अभ्यास कराना।
  • मुख्य विशेषताएं: लाइव-फायर साइबर सिमुलेशन, AI-एकीकृत साइबर डिफेंस प्रशिक्षण। 

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने नेशनल लिस्ट ऑफ एसेंशियल डायग्नोस्टिक्स (NLED) को अपडेट किया है।

नेशनल लिस्ट ऑफ एसेंशियल डायग्नोस्टिक्स (NEDL) के बारे में 

  • पहली बार NEDL को 2019 में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा जारी किया गया था। 
  • उद्देश्य: यह विभिन्न स्वास्थ्य-देखभाल केंद्रों; जैसे कि ग्रामीण, उप-स्वास्थ्य केंद्र/आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) आदि पर उपलब्ध न्यूनतम आवश्यक डायग्नोस्टिक टेस्ट्स की सूची  प्रदान करती है। 
  • संशोधित NEDL सूची में उप-स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर सिकल सेल एनीमिया, थैलेसीमिया, हेपेटाइटिस B और सिफलिस के लिए त्वरित डायग्नोस्टिक टेस्ट उपलब्ध कराना शामिल हैं। 
    • इसमें उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर डेंगू की जांच के लिए सैंपल एकत्र करने की भी सिफारिश की गई है।  
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