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गैर-सरकारी संगठन (NGO) 'एजुकेट गर्ल्स' ने 2025 का रेमन मैग्सेसे पुरस्कार जीता है।  यह पुरस्कार जीतने वाला ‘एजुकेट गर्ल्स’ भारत का पहला संगठन है।

रेमन मैग्सेसे पुरस्कार के बारे में

  • स्थापना: 1957 में
  • पहला पुरस्कार: यह 1958 में दिया गया था। इसे एशिया का सर्वोच्च सम्मान और एशिया का नोबेल पुरस्कार भी माना जाता है।
  • कब दिया जाता है: प्रतिवर्ष।
  • यह फिलीपींस के पूर्व राष्ट्रपति रेमन मैग्सेसे की स्मृति में और उनके नेतृत्व कौशल के सम्मान में दिया जाता है।
  • मान्यता और सम्मान: यह पुरस्कार एशिया के उन व्यक्तियों और संगठनों को दिया जाता है, जिन्होंने नृजाति, पंथ, लिंग या राष्ट्रीयता की सीमा से परे जाकर, किसी सार्वजनिक मान्यता की अपेक्षा रखे बिना उदारतापूर्वक दूसरों की मदद की है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने गुजरात में भारत का पहला मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम लागू करने के लिए समझौता किया है।

मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) के बारे में:

  • यह एक प्रकार का टोल सिस्टम है जिसमें वाहनों को रोके बिना टोल वसूल लिया जाता है। इसमें FASTag और वाहन पंजीकरण संख्या (VRN) को हाई-परफॉर्मेंस RFID रीडर्स और कैमरों से पढ़ा जाता है। 
  • इसे केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने शुरू किया है।
  • महत्व:
    • बाधा रहित टोल वसूली: टोल वसूलने के लिए वाहनों को रोकने की  आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
    • टोल पर भीड़-भाड़ में कमी आएगी और यात्रा में कम समय लगेगा। इससे ईंधन दक्षता में वृद्धि होगी एवं उत्सर्जन में कमी आएगी।
    • टोल वसूली में सुधार होगा और पारदर्शी बढ़ेगी। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क अधिक स्मार्ट और तेज बनेगा।  

केंद्र सरकार ने भारतीय बीमा कंपनियां (विदेशी निवेश) संशोधन नियम, 2025 का ड्राफ्ट जारी किया है।

ड्राफ्ट नियम के बारे में

  • जारी करने वाला: केन्द्रीय वित्त मंत्रालय का वित्तीय सेवाएं विभाग। इसे बीमा अधिनियम, 1938 के तहत प्रदत्त शक्तियों के तहत जारी किया गया है।
  • विदेशी निवेश की ऊपरी सीमा में बदलाव: बीमा क्षेत्रक में  FDI की ऊपरी सीमा 74% से बढ़ाकर 100% करने का प्रावधान है, हालांकि इसके लिए संसद की मंजूरी लेनी होगी।
  • FDI की अनुमति का माध्यम:  ऑटोमेटिक रूट के माध्यम से; भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) इसकी निगरानी करेगा।
  • उद्देश्य: बीमा क्षेत्रक की विकास क्षमता को सामने लाना  और इसके अनुमानित 7.1% वार्षिक विकास दर की प्राप्ति में मदद करना।

केंद्र सरकार ने वस्त्र निर्यातकों को राहत प्रदान करने के लिए एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत उत्पादों के लिए निर्यात दायित्व पूरा करने की अवधि बढ़ा दी है।

एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के बारे में

  • आशय: यह एक प्रकार का निर्यात प्रोत्साहन कार्यक्रम है, जो निर्यात उत्पाद में भौतिक रूप से शामिल होने वाले इनपुट (सामान्य अपशिष्ट की अनुमति सहित) के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति देता है। इसके लिए अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCO) के अनुपालन की आवश्यकता नहीं होती है।
  • इसमें ‘विनिर्माता निर्यातक’ अथवा  सहायक विनिर्माता निर्यातक से जुड़े मर्चेंट निर्यातक शामिल किए गए हैं।
  • किसी दिए गए उत्पाद के लिए अनुमत इनपुट की मात्रा उस निर्यात उत्पाद के लिए परिभाषित विशिष्ट मानदंडों पर आधारित होती है।

ब्लू ड्रैगन्स के कारण स्पेन के कई समुद्र तट बंद कर दिए गए।

ब्लू ड्रैगन्स के बारे में:

  • ब्लू ड्रैगन (ग्लौकस एटलांटिकस) आकार में छोटे (4 सेमी लंबे) और तैरते हुए समुद्री स्लग होते हैं, जो महासागरों की सतह पर रहते हैं।
  • प्राप्ति: वे आम तौर पर प्रशांत, अटलांटिक और हिंद महासागर के गर्म उष्णकटिबंधीय जल में पाए जाते हैं।
  • मनुष्यों पर प्रभाव: ब्लू ड्रैगन का डंक मनुष्यों के लिए बेहद दर्दनाक हो सकता है और इससे त्वचा पर लालिमा और सूजन का कारण बन सकती है तथा मतली और उल्टी हो सकती है। हालांकि, इससे मृत्यु नहीं होती।

अफ्रीकी संघ ने  ‘करेक्ट दी मैप' अभियान का समर्थन किया है ताकि मर्केटर प्रोजेक्शन पर बने मानचित्र के स्थान पर इक्वल अर्थ मैप जैसे विकल्पों को अपनाया जा सके।

मर्केटर प्रोजेक्शन आधारित मानचित्र के बारे में

  • उत्पत्ति एवं उद्देश्य: इसे जेरार्डस मर्केटर द्वारा 1569 में डिजाइन किया गया था। मर्केटर प्रोजेक्शन आधारित मानचित्र का उद्देश्य समतल मानचित्र पर सीधी रेखाओं के रूप में रंब लाइन्स को प्रदर्शित करके नेविगेशन संबंधी समस्याओं को हल करना था।
    • रंब लाइन्स: भूपृष्ठ पर एक रेखा जो सभी देशांतर रेखाओं को समान (एक ही) कोण पर काटती है। मर्केटर प्रक्षेप पर यह रेखा एक सीधी रेखा के रूप में दर्शाई जाती है ।
  • विशेषताएँ: यह एक कन्फॉर्मल मानचित्र है, जो स्थानीय आकृतियों और कोणों को सही दिखाता है तथा उत्तर-दक्षिण स्केल को बढ़ाकर दिखाया जाता है।
  • विकृतियाँ: यह मापन मानचित्र पर किसी देश के आकार और विस्तार को बिगाड़ देता है। यह ध्रुवों के पास के भू-भागों को वास्तविकता से बड़ा और भूमध्यरेखीय क्षेत्रों को छोटा दिखाता है। उदाहरण के लिए, अफ्रीका, ग्रीनलैंड जितना ही बड़ा दिखाई देता है, जबकि वास्तव में अफ्रीका उससे 14 गुना बड़ा है।

नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) ने डिजिलॉकर और ई-डिस्ट्रिक्ट प्लेटफॉर्म्स पर लगभग 2000 ई-सरकारी सेवाओं के अखिल भारतीय एकीकरण को सफलतापूर्वक सक्षम किया है।

  • NeGDधारा 8 के तहत एक गैर-लाभकारी कंपनी है। इसे केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के तहत एक स्वतंत्र व्यावसायिक प्रभाग के रूप में स्थापित किया गया है। 

डिजिलॉकर के बारे में

  • उद्देश्य: यह MeitY की एक प्रमुख पहल है, जो नागरिकों को प्रामाणिक डिजिटल दस्तावेज़ प्रदान करके उनका  'डिजिटल सशक्तिकरण' सुनिश्चित करती है।
  • कानूनी स्थितिडिजिलॉकर पर उपलब्ध डाक्यूमेंट्स को  IT (डिजिटल लॉकर सुविधाएं प्रदान करने वाले मध्यवर्तियों द्वारा सूचना का संरक्षण और प्रतिधारण) नियम, 2016 के अनुसार मूल डाक्यूमेंट्स के समान कानूनी दर्जा प्राप्त हैं।
  • लाभ:
    • यह नागरिकों के लिए किसी भी समय, कहीं भी पहुँच और तेज़ी से सेवा वितरण सुविधाएं प्रदान करता है।
    • यह एजेंसियों के लिए प्रशासनिक बोझ को भी कम करता है और रियल टाइम सत्यापन के साथ डाक्यूमेंट्स का सुरक्षित रूप से आदान-प्रदान को को सुविधाजनक बनाता है।

भारतीय थल सेना ने पूर्वी हिमालय के कामेंग क्षेत्र में ‘युद्ध कौशल 3.0’  अभ्यास आयोजित किया।

‘युद्ध कौशल’ अभ्यास के बारे में

  • इस अभ्यास का मुख्य आकर्षण नवगठित अश्नी (ASHNI) प्लाटून की पहली  ऑपरेशनल तैनाती थी। इसे अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को पारंपरिक युद्ध कौशल के साथ एकीकृत करके युद्धक्षेत्र में निर्णायक बढ़त हासिल करने के लिए बनाया गया है। 
  • यह अभ्यास भारतीय रक्षा उद्योग की सक्रिय भागीदारी की शुरुआत का भी संकेत है, जो आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण के तहत स्वदेशी इनोवेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है। 

APK स्कैम आज देश में सबसे तेजी से बढ़ते साइबर अपराध खतरों में से एक बन गया है।

APK स्कैम के बारे में

  • यह एक प्रकार की धोखाधड़ी है। इसमें अपराधी सोशल इंजीनियरिंग का उपयोग करके लोगों को उनके मोबाइल फोन पर मैलिशियस एंड्रॉइड पैकेज किट (APK) फ़ाइलें इंस्टॉल करने के लिए बहकाते हैं।
    • स्कैम करने वाले सोशल इंजीनियरिंग तकनीकों का इस्तेमाल करके भरोसेमंद व्यक्तियों या संस्थाओं (जैसे-बैंक कर्मचारियों या सरकारी अधिकारियों) के रूप में अपने आप को प्रस्तुत करते हैं तथा डर या जल्दी निर्णय लेने का माहौल बनाते हैं।
    • APK फ़ाइलें इंस्टॉल हो जाने के बाद, ठग पीड़ित की सहमति के बिना अनधिकृत वित्तीय लेन-देन कर सकते हैं, जिससे भारी वित्तीय नुकसान होता है।
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