भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार (National Archives of India: NAI) | Current Affairs | Vision IAS
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राष्ट्रीय अभिलेखागार ने राष्ट्रीय अभिलेखपाल समिति (National Committee of Archivists: NCA) की 50वीं स्वर्ण जयंती के अवसर पर आयोजित बैठक की सह-मेजबानी की।

  • राष्ट्रीय अभिलेखागार, पेशेवर अभिलेखपालों का अखिल भारतीय संगठन है। इसकी स्थापना 1953 में हुई थी। इसकी अध्यक्षता NAI के महानिदेशक करते हैं।
  • इसका कार्य देश के अलग-अलग अभिलेखागार विभागों के सामने आने वाली व्यावसायिक और तकनीकी समस्याओं के समाधान पर विचार करना है।

राष्ट्रीय अभिलेखागार (NAI) के बारे में

  • स्थापना: 1891 में कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) में इम्पीरियल रिकॉर्ड्स डिपार्टमेंट के रूप में।
  • मंत्रालय: केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय का संबद्ध कार्यालय।
  • वर्तमान अवस्थिति: नई दिल्ली।
    • क्षेत्रीय कार्यालय: भोपाल
    • तीन रिकॉर्ड केंद्र: भुवनेश्वर, जयपुर और पुडुचेरी। 
  • उद्देश्य: महत्त्वपूर्ण और स्थायी मूल्य वाले अभिलेखों का संरक्षण करना, जिनमें सार्वजनिक अभिलेख, निजी दस्तावेज, प्राच्य अभिलेख, मानचित्र संबंधी अभिलेख और माइक्रोफिल्म, आदि शामिल हैं।
  • अध्यक्षता: इसके अध्यक्ष को अभिलेखागार महानिदेशक (Director General of Archives) कहते हैं। वे लोक अभिलेख अधिनियम, 1993 और लोक अभिलेख नियम, 1997 को लागू करने के लिए जिम्मेदार हैं।

पूम्पुहार के तट पर दो दशकों से अधिक समय बाद समुद्र के अंदर पुरातात्विक सर्वेक्षण शुरू किया गया है।

पूम्पुहार के बारे में

  • बंदरगाह नगरी: यह एक प्राचीन चोल बंदरगाह नगर था। यह तमिलनाडु में कावेरी नदी के मुहाने पर स्थित था। यह चोल साम्राज्य की दूसरी राजधानी भी थी।
  • प्राचीन व्यापार: संगम काल में यह समुद्री व्यापार का एक प्रमुख केंद्र था। यह बंदरगाह दक्षिण भारत को विदेशी बाजारों से जोड़ता था।
    • यह बंदरगाह मोती, मसाले और वस्त्रों के निर्यात के लिए प्रसिद्ध था।
  • ऐसा माना जाता है कि प्राचीन नगर पूम्पुहार समुद्र में डूब गया था। इसका विस्तृत उल्लेख तमिल महाकाव्य मणिमेखलई में मिलता है।
    • तमिल महाकाव्य मणिमेखलई की रचना संगम काल के कवि सत्तनार ने की थी।

सुप्रीम कोर्ट ने विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) के तहत दो गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के पंजीकरण के नवीनीकरण को मंजूरी न देने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की है।

  • केंद्र सरकार ने FCRA की धारा 7 के उल्लंघन के आधार पर पंजीकरण के नवीनीकरण को खारिज कर दिया था।

विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 के बारे में

  • नोडल मंत्रालय: केंद्रीय गृह मंत्रालय।
  • उद्देश्य: विदेशी अंशदान और आतिथ्य को विनियमित और निगरानी करना,  तथा इन सुविधाओं या विदेशी फंड का राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में उपयोग करने से रोकना
  • FCRA की धारा 7: यह धारा किसी भी व्यक्ति या संगठन को, जिसने अधिनियम के तहत विदेशी अंशदान प्राप्त किया है, ऐसे फंड को किसी अन्य व्यक्ति या संगठन को हस्तांतरित करने पर प्रतिबंध लगाती है। 
    • अपवाद: किसी अनिवासी भारतीय द्वारा अपनी व्यक्तिगत बचत से, सामान्य बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से किए गए अंशदान को विदेशी अंशदान नहीं माना जाता है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर ने भारतीय रुपये के अंतर्राष्ट्रीयकरण के लिए CCIL से पारंपरिक डॉलर-रुपया फ्रेमवर्क निपटान प्रणाली के विकल्पों का पता लगाने का आग्रह किया है।

CCIL के बारे में

  • स्थापना: इसकी स्थापना 2001 में, मुद्रा और सरकारी प्रतिभूति बाजारों में विश्वसनीय क्लियरिंग और निपटान सेवाएं प्रदान करने के लिए की गई थी।
    • क्लियरिंग: यह लेनदेन के विवरणों की पुष्टि करने की प्रक्रिया है।
    • निपटान: यह वह प्रक्रिया है जब मुद्रा और प्रतिभूतियों का वास्तविक लेनदेन होता है।
  • महत्त्व: यह प्रणालीगत रूप से महत्त्वपूर्ण वित्तीय बाज़ार अवसंरचना (FMI) है। इसे RBI द्वारा भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के तहत विनियमित किया जाता है।
  • भूमिका: यह एक सेंट्रल काउंटरपार्ट्स (CCP) के रूप में कार्य करता है। इसका अर्थ है कि यह निपटान की गारंटी देता है, भले ही एक पक्ष डिफ़ॉल्ट हो जाए। इस प्रकार यह निपटान से जुड़े जोखिम को कम करता है।
  • मान्यता: RBI द्वारा इसे क्वालीफाईड सेंट्रल काउंटरपार्ट्स (QCCP) का दर्जा दिया गया है।

पाकिस्तान और चीन द्वारा बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और मजीद ब्रिगेड को UN 1267 प्रतिबंध व्यवस्था के अंतर्गत सूचीबद्ध करने के प्रयास को अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने अवरुद्ध कर दिया।

UN 1267 समिति के बारे में

  • इस समिति का गठन 1999 में तालिबान, अल-कायदा और उनके सहयोगी समूहों/व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगाने की निगरानी के लिए किया गया था।
  • इसे ISIS और अल-कायदा प्रतिबंध समिति भी कहा जाता है।
  • इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के सभी स्थायी और अस्थायी सदस्य शामिल होते हैं।
  • मुख्य कार्य: प्रतिबंधित संगठनों और व्यक्तियों की संपत्ति फ्रीज करना, उनकी यात्रा पर प्रतिबंध लगाना, उन पर हथियारों के लेनदेन पर रोक लगाना, आदि।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने H-1B वीजा आवेदनों पर 100,000 डॉलर का वार्षिक शुल्क लगाने वाले प्रावधान पर हस्ताक्षर किए हैं।

H-1B वीजा के बारे में

  • यह संयुक्त राज्य अमेरिका का गैर-आप्रवासी वीजा है, जो कुशल कामगारों को विशेष व्यवसायों में अस्थायी रूप से कार्य करने की अनुमति देता है।
  • विशेष व्यवसाय: इनमें आमतौर पर IT, इंजीनियरिंग, और चिकित्सा पेशा शामिल हैं। इनके लिए स्नातक डिग्री या इसके बराबर के अनुभव की आवश्यकता होती है।
  • स्पोंसरशिप: इस वीजा के लिए नियोक्ता (कंपनियों) का स्पोंसरशिप अनिवार्य है।
  • वैधता: यह शुरुआत में 3 साल के लिए वैध होता है। हालांकि इसे  6 साल तक बढ़ाया जा सकता है।
  • वार्षिक सीमा:  हर साल 65,000 वीज़ा जारी किए जाते हैं, और एडवांस्ड-डिग्री धारकों के लिए अतिरिक्त 20,000 वीजा उपलब्ध होते हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने फेंटेनाइल बनाने में काम आने वाले कच्चे रसायनों की तस्करी से जुड़े भारतीयों पर वीजा प्रतिबंध लगाया।

फेंटेनाइल के बारे में

  • यह एक शक्तिशाली सिंथेटिक ओपिओइड है। इसका उपयोग दर्द निवारक और एनेस्थीसिया के लिए किया जाता है।
  • यह दर्द निवारक के रूप में मॉर्फिन से लगभग 100 गुना और हेरोइन से 50 गुना अधिक असरदार है।
  • स्वास्थ्य पर प्रभाव: अन्य ओपिओइड की तरह, यह मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को बदल देता है। इसकी वजह से इसकी लत लग जाती है। 
  •  इसके सेवन से कई हानिकारक प्रभाव सामने आते हैं; जैसे- सुस्ती (ड्राउजनेस), दृष्टि-बाधा आदि। 
    • इसका उच्च मात्रा में सेवन करने से प्राणघातक स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं या मृत्यु हो सकती है।

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने घोषणा की है कि इंडिया AI मिशन के तहत देशभर में 500 डेटा लैब स्थापित किए जाएंगे।

इंडिया AI मिशन के बारे में

  • शुरुआत: इसे 2024 में MeitY ने लॉन्च किया था।
  • लक्ष्य: कंप्यूटिंग तक सबकी पहुंच सुनिश्चित करके, डेटा की गुणवत्ता बढ़ाकर, और स्वदेशी AI क्षमताओं को विकसित करके AI इनोवेशन को बढ़ावा देना।
  • कार्यान्वयन एजेंसी: इंडियाAI, जो MeitY के तहत एक स्वायत्त व्यावसायिक प्रभाग है।
  • आधार: यह सात स्तंभों पर आधारित है, जैसे इंडियाAI इनोवेशन सेंटर, इंडियाAI कंप्यूट क्षमता, आदि।
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