शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम | Current Affairs | Vision IAS
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करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

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केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति ने 11 शहरों के लिए ‘शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम’ के तीसरे चरण को मंजूरी दी है।

शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम के बारे में

  • वित्तपोषण व्यवस्था: यह राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष (NDMF) के दिशानिर्देशों के अनुसार केंद्र और राज्यों के बीच लागत-साझेदारी (Cost-sharing) के आधार पर होगा। 
    • 90% खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी।
    • 10% खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
  • कार्यक्रम में शामिल शहर: भोपाल, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, जयपुर, कानपुर, पटना, रायपुर, त्रिवेन्द्रम, विशाखापत्तनम, इंदौर और लखनऊ
  • शहरी बाढ़ जोखिम शमन परियोजना में शामिल गतिविधियां इस प्रकार हैं:
    • संरचनात्मक उपाय (Structural measures): जलाशयों को आपस में जोड़कर वर्षा-जल प्रबंधन, बाढ़ सुरक्षा दीवार का निर्माण, मृदा का कटाव रोकना और प्राकृतिक समाधानों (NBS) से भूमि को स्थिर करना।
    • गैर-संरचनात्मक उपाय (Non-structural measures): बाढ़ की पूर्व-चेतावनी जारी करना, बाढ़ पर डेटा प्राप्त करना और विश्लेषण, क्षमता निर्माण, आदि।

हिमाचल प्रदेश में हिम तेंदुओं की आबादी 2021 की 51 से बढ़कर 2025 में 83 हो गई। यह 62% की वृद्धि है। 

हिम तेंदुए (Panthera uncia) के बारे में

  • पर्यावास: ये दुर्लभ विडाल (कैट)-वंशी प्रजाति एशिया के 12 देशों (भारत सहित) में पाई जाती हैं।
  • पहाड़ों में प्राकृतिक छलावरण के रूप में कार्य करने वाले इनके व्हाइट-ग्रे आवरण के कारण इन्हें "घोस्ट ऑफ माउंटेंस" भी कहा जाता है ।
  • संरक्षण की स्थिति:
    • IUCN रेड लिस्ट: वल्नरेबल,
    • CITES: परिशिष्ट-1,
    • वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972: अनुसूची-1
  • प्रोजेक्ट स्नो लेपर्ड: भारत में हिम तेंदुए और इसके पर्यावास के संरक्षण के लिए इसे 2009 में शुरू किया गया था।

एक अध्ययन में अमेजन की 'फ्लाइंग रिवर' पर वनों की कटाई के नकारात्मक प्रभाव के बारे में चेतावनी दी गई है। इसमें कहा गया है कि वनों की अत्यधिक कटाई से दक्षिण-पश्चिमी अमेज़न में सूखे की स्थिति और अधिक बदतर हो सकती है।

‘अमेजन की फ्लाइंग रिवर’ के बारे में

  • यह एक प्राकृतिक परिघटना है जिसमें नमी (जलवाष्प) का वायुमंडल में परिवहन और पुनर्चक्रण होता है। इसमें विशाल मात्रा में जलवाष्प अमेज़न बेसिन (क्षेत्र) के ऊपर प्रवाहित होती है।
  • यह जलवाष्प अटलांटिक महासागर में होने वाले वाष्पीकरण और अमेजन वन से 'वाष्पोत्सर्जन' (Evapotranspiration) द्वारा उत्पन्न होता है।
    • वाष्पोत्सर्जन उन सभी प्रक्रियाओं का योग है जिसके द्वारा जल, भूमि की सतह से वायुमंडल में प्रवेश करता है।  यह निम्नलिखित तरीकों से होता है–
      • वाष्पीकरण के माध्यम से: मृदा, आदि से; 
      • पौधों से जल का वाष्पोत्सर्जन (Transpiration)।
  • यह जलवाष्प भूमध्य रेखा के साथ पश्चिम की ओर बहने वाली स्थिर अंतर्देशीय व्यापारिक हवाओं द्वारा प्रवाहित होती है।
  • महत्त्व: यह प्रक्रिया अमेज़न क्षेत्र, खासकर उत्तर-पश्चिमी दक्षिण अमेरिका में एंडीज पर्वतों के पास, वर्षा को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाती है।

भारत ने सर क्रीक क्षेत्र में पाकिस्तान द्वारा सैन्य अवसंरचना विकास के मद्देनजर पाकिस्तान की आलोचना की है।

सर क्रीक के बारे में

  • यह गुजरात के कच्छ के रण और पाकिस्तान के बीच 96 किलोमीटर लम्बी ज्वारीय एस्चुअरी है। यह पाकिस्तान के सिंध प्रांत को गुजरात के कच्छ क्षेत्र से अलग करता है 
  • इसका नाम एक ब्रिटिश व्यक्ति के नाम पर रखा गया है और यह अरब सागर में फैला हुआ है 
  • विवाद:
    • भारत की स्थिति: भारत ने 1947 से ही सर क्रीक की सीमा को थालवेग सिद्धांत (Thalweg Principle) के आधार पर तय करने की मांग की है, जो नौगम्य जलमार्ग की मध्य रेखा के साथ सीमाएं निर्धारित करता है।
    • पाकिस्तान का पक्ष: पाकिस्तान का तर्क है कि सर क्रीक नौगम्य नहीं है, इसलिए यहाँ थालवेग सिद्धांत लागू नहीं होता है।

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने इस वर्ष 1 अक्टूबर तक 2.02 ट्रिलियन रुपये मूल्य के कैश शेयर बेचे हैं।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs) के बारे में

  • ये किसी भारतीय कंपनी की कुल पेड-अप इक्विटी पूंजी का अधिकतम 10% हिस्सा रख सकते हैं।
    • पेड-अप इक्विटी पूंजी से आशय शेयरों की बिक्री के बदले में कंपनी को शेयरधारकों से प्राप्त होने वाली राशि से है।  
  • यदि हिस्सेदारी 10% सीमा को पार कर जाती है, तो FPI को निम्नलिखित में से कोई एक विकल्प अपनाना होता है:
    • अतिरिक्त शेयरों को बेच देना; या
    • स्वयं को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के रूप में पुनर्वर्गीकरण करना।
  • FPI से FDI में पुनर्वर्गीकरण पर RBI और SEBI द्वारा जारी फ्रेमवर्क (2024) में निम्नलिखित प्रावधान किए गए हैं:
    • उन क्षेत्रकों में पुनर्वर्गीकरण की अनुमति नहीं दी जाएगी जिनमें FDI पर प्रतिबंध है, जैसे- कि चिट फंड्सगैम्बलिंग, आदि।
    • विशेष रूप से भारत से स्थलीय सीमा साझा करने वाले देशों से होने वाले FPI संबंधी निवेश के लिए सरकारी मंजूरी अनिवार्य है। ऐसे निवेश के लिए भारतीय कंपनी, जिसमें निवेश होना है, उसकी भी सहमति आवश्यक होती है।

केंद्र सरकार ने 'धार्मिक और आहार संबंधी' चिंताओं को देखते हुए पशु से प्राप्त प्रोटीन आधारित बायोस्टिमुलेंट्स के लिए अपनी मंजूरी वापस ले ली है।

बायोस्टिमुलेंट के बारे में

  • बायोस्टिमुलेंट एक ऐसा पदार्थ, सूक्ष्मजीव या मिश्रण है जो पौधों के प्राकृतिक जैविक प्रक्रियाओं को बढ़ावा देकर उनके विकास में मदद करता है। यह पौधों द्वारा पोषक तत्वों के अवशोषण और उपयोग की क्षमता में सुधार करता है तथा सूखा या गर्मी जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों को सहन करने की क्षमता बढ़ाता है।
    • उदाहरण के लिए; ह्यूमिक एसिड, सीवीड अर्क, तरल मैन्योर कम्पोस्टिंग (खाद बनाना) तथा लाभकारी बैक्टीरिया और कवक।
  • बायोस्टिमुलेंट पदार्थों को आधिकारिक तौर पर उर्वरकों और कीटनाशकों से अलग माना जाता है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बायोमेडिकल रिसर्च करियर प्रोग्राम, फेज-III को 2025-26 से 2030-2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है।

बायोमेडिकल रिसर्च करियर प्रोग्राम (BRCP) के बारे में

  • उद्देश्य: उत्कृष्ट वैज्ञानिक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना ताकि वे अत्याधुनिक बायोमेडिकल शोध कर सकें। साथ ही, बहु-विषयक (interdisciplinary) शोध को बढ़ावा देना ताकि शोध के नतीजों का सीधा उपयोग सामाजिक और स्वास्थ्य क्षेत्रक में किया जा सके।
    • इससे उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान को समर्थन देने वाली प्रणालियों को भी मजबूती मिलेगी तथा वैज्ञानिक क्षमता में क्षेत्रीय असमानताओं को कम किया जा सकेगा। इससे वैश्विक स्तर पर प्रभाव डालने वाले विश्वस्तरीय बायोमेडिकल शोध क्षमता का निर्माण होगा।
  • कार्यान्वयन: यह कार्यक्रम भारत सरकार के जैव-प्रौद्योगिकी विभाग (DBT), यूनाइटेड किंगडम की वेलकम ट्रस्ट (WT) और भारत की SPV, इंडिया एलायंस की साझेदारी में फेज-III के तहत लागू किया जाएगा।

भारत ने पैसिफिक रीच अभ्यास  2025 (XPR-25) में भाग लिया।

XPR-25 के बारे में

  • यह हर दो वर्ष में एक बार आयोजित होने वाला बहुराष्ट्रीय पनडुब्बी बचाव सैन्य अभ्यास है। इसमें 40 से अधिक राष्ट्र भाग लेते हैं।
  • मेजबान देश: सिंगापुर

कोलार (कर्नाटक) में निजी क्षेत्र से भारत की पहली हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन , 2027 में भारतीय निर्मित H125 हेलीकॉप्टरों को बाजार में उतारेगी।

  • एयरबस ने भारत में H125 के निर्माण के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के साथ साझेदारी की है।

H125 हेलीकॉप्टर के बारे में

  • एच125 एक बहुमुखी, एकल इंजन वाला हेलीकॉप्टर है।
  • यह एक हल्का बहु-भूमिका वाला हेलीकॉप्टर है , जो ऊँचे, गर्म और चरम वातावरण में भी काम कर सकता है।
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