यूनेस्को ने “चोरी हो चुकी सांस्कृतिक वस्तुओं का विश्व का पहला आभासी संग्रहालय” लॉन्च किया है। इसे MONDIACULT 2025 के दौरान लॉन्च किया गया है।
- MONDIACULT सांस्कृतिक नीतियों पर विश्व का सबसे बड़ा सम्मेलन है।
चोरी हो चुकी सांस्कृतिक वस्तुओं के आभासी संग्रहालय के बारे में:
- यह एक वैश्विक डिजिटल मंच है, जो सांस्कृतिक विरासत की अवैध तस्करी को उजागर करने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी का उपयोग करता है।
- यह 46 देशों से चोरी हो चुकी लगभग 240 वस्तुएं प्रदर्शित करेगा, जिनमें मूर्तियां, प्रतिमाएं, जीवाश्म और चित्रकारियां शामिल हैं।
- इसमें शामिल उल्लेखनीय भारतीय कलाकृतियां: महादेव मंदिर (पाली, छत्तीसगढ़) से 9वीं शताब्दी की दो बलुआ पत्थर की मूर्तियां:
- नटराज: भगवान शिव की तांडव नृत्य (cosmic dance) वाली प्रतिमा।
- ब्रह्मा: ललितासन में विराजमान, ज्ञान और सृजन का प्रतिनिधित्व करती प्रतिमा।
अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने IUCN विश्व धरोहर आउटलुक 4 रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट प्राकृतिक और मिश्रित विरासत स्थलों की संरक्षण स्थिति का आकलन करती है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
- सकारात्मक संरक्षण आउटलुक वाले स्थलों का प्रतिशत पहली बार काफी कम हो गया है।
- भारत से संबंधित निष्कर्ष:
- कंज़र्वेशन आउटलुक रेटिंग में केवल कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान को ‘गुड’ रेटिंग प्राप्त हुई।
- सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान: 2020-2025 तक इसके संरक्षण आउटलुक दर्जे में गिरावट देखी गई है। पहले इसे 'गुड विद सम कंसर्न’ रेटिंग दी गई थी, लेकिन अब इसे ‘सिग्निफिकेंट कंसर्न’ रैंकिंग दी गई है।
- मानस राष्ट्रीय उद्यान और पश्चिमी घाट भी 'सिग्निफिकेंट कंसर्न' श्रेणी में हैं।

फिलीपींस के नियंत्रण वाले थिटू द्वीप के पास चीन के जहाज और फिलीपींस के जहाज आपस में टकरा गए।
थिटू द्वीप के बारे में
- थिटू द्वीप (पग-आसा द्वीप) दक्षिण चीन सागर के स्प्रैटली द्वीप समूह में फिलीपींस के नियंत्रण वाला सबसे बड़ा द्वीप है ।
- फिलीपींस और चीन के बीच थिटू द्वीप को लेकर क्षेत्रीय विवाद रहा है।
महाराष्ट्र के पांच समुद्र तटों (Beaches) को प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय “ब्लू फ्लैग प्रमाणन” प्राप्त हुआ।
- ये समुद्र तट हैं- श्रीवर्धन, नागांव, परनाका, गुहागर और लाडघर।
ब्लू फ्लैग प्रमाणन के बारे में:
- आरंभ: इसकी शुरुआत 1985 में फ्रांस में हुई थी।
- प्रदान करने वाली संस्था: यह प्रमाणन डेनमार्क स्थित एक गैर-सरकारी संगठन फाउंडेशन फॉर एनवायरनमेंटल एजुकेशन (FEE) द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है।
- मानदंड: यह प्रमाणन उन समुद्र तटों को दिया जाता है, जो स्वच्छता, सुंदरता और पर्यावरणीय संधारणीयता से संबंधित 33 मानदंडों को पूरा करते हैं।
- महत्व:
- यह एक विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त इको-लेबल है। इसे समुद्र तटों, मरीनों (पत्तनों के निकट मनोरंजन गतिविधियों हेतु लघु जल क्षेत्र) और संधारणीय नौका विहार पर्यटन संचालकों को प्रदान किया जाता है।
- प्रमाणन कार्यक्रम सुगम्यता, शिक्षा, पर्यावरण प्रदर्शन, जिम्मेदार व्यवहार, सुरक्षा, सेवाएं, हितधारक सहभागिता और जल गुणवत्ता के क्षेत्रों में कठोर आवश्यकताओं पर आधारित है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने पहली बार भारतीय भेड़िये (Indian Wolf) का मूल्यांकन कैनिस वंश के भीतर एक संभावित अलग प्रजाति के रूप में किया।
- इस वंश की वर्तमान में IUCN द्वारा मान्यता प्राप्त सात प्रजातियां हैं। भारतीय भेड़िये को शामिल करने के बाद, यह आठवीं मान्यता प्राप्त प्रजाति बन जाएगी।
भारतीय भेड़िये के बारे में
- पर्यावास: यह कांटेदार व सामान्य झाड़ियों वाले जंगलों, तथा शुष्क और अर्ध-शुष्क घासभूमियों में पाया जाता है। कुछ पाकिस्तान में भी पाए जाते हैं।
- यह भारत के अर्ध-शुष्क कटिबंध में कृषि-पशुपालन क्षेत्रों में पाए जाने वाले सामान्य बड़े मांसाहारी जानवरों में से एक है।
- खतरे: पर्यावास क्षति, मनुष्यों के साथ संघर्ष और बीमारियां।
- संरक्षण स्थिति: वल्नरेबल (IUCN)।
काजीरंगा के निदेशक को राष्ट्रीय उद्यानों में नवाचार के लिए IUCN के “केंटन आर. मिलर पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले वे पहले भारतीय हैं।
केंटन आर. मिलर पुरस्कार के बारे में
- इसका गठन विश्व संरक्षित क्षेत्र आयोग (WCPA) ने किया है।
- WCPA अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) के 6 तकनीकी आयोगों में से एक है।
- यह पुरस्कार राष्ट्रीय उद्यानों में नवाचार और संरक्षित क्षेत्र संधारणीयता के लिए 2006 में शुरू किया गया था।
- यह उन व्यक्तियों को सम्मानित करता है, जिन्होंने राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों के संरक्षण में नवाचार किया हो एवं नेतृत्वकारी भूमिका निभाई हो।
- यह पुरस्कार प्रत्येक दो वर्षों में एक बार IUCN-WCPA द्वारा प्रदान किया जाता है।
अग्रणी 6G गठबंधनों और अनुसंधान संस्थानों ने नई दिल्ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस के साथ आयोजित अंतर्राष्ट्रीय भारत 6G संगोष्ठी 2025 के दौरान नई दिल्ली घोषणा-पत्र जारी किया।
घोषणा-पत्र के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
- घोषणा-पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि 6G को ग्लोबल पब्लिक गुड के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।
- यह 6G के लिए एक साझा दृष्टिकोण को स्पष्ट करता है जो ओपननेस, समावेशिता और संधारणीयता को प्राथमिकता देता है।
6G के बारे में
- 6G (छठी पीढ़ी की वायरलेस तकनीक) 5G सेलुलर तकनीक का अगला चरण है।
- 5G की तुलना में 6G के लाभों में उच्च डेटा प्रेषण गति, कम विलंबता, संचार एवं संवेदन क्षमताओं का एकीकरण आदि शामिल हैं
Article Sources
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विवादित डूरंड रेखा पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर संघर्ष शुरू हो गया।
डूरंड रेखा के बारे में
- डूरंड रेखा अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 2,640 किलोमीटर लंबी अंतर्राष्ट्रीय स्थलीय सीमा है।
- यह रेखा 1893 में ब्रिटिश भारत के विदेश सचिव सर हेनरी मोर्टिमर डूरंड और अफगानिस्तान के अमीर अब्दुर रहमान खान के बीच एक समझौते द्वारा स्थापित की गई थी।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास ऑस्ट्राहिंद 2025 का चौथा संस्करण ऑस्ट्रेलिया में शुरू हुआ।
- यह एक वार्षिक सैन्य अभ्यास है, जिसका उद्देश्य सैन्य सहयोग को बढ़ाना, इंटरऑपरेबिलिटी क्षमता में सुधार करना आदि हैं।