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INS सह्याद्री ने JAIMEX-25 के समुद्री चरण (Sea Phase) में हिस्सा लिया। INS सह्याद्री शिवालिक-क्लास गाइडेड मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट है और इसे भारत में ही निर्मित किया गया है। 

JAIMEX के बारे में

  • यह हर दो साल में होने वाला नौसैनिक युद्धाभ्यास है।
  • इसका उद्देश्य भारतीय नौसेना और जापान की नौसेना (जापान मेरीटाइम सेल्फ-डिफेन्स फाॅर्स- JMSDF) के बीच समुद्री सहयोग बढ़ाना है।
  • इस युद्धाभ्यास को दो चरणों में आयोजित किया जाता है:
    1. समुद्री चरण (Sea Phase); और 
    2. बंदरगाह चरण (Harbour Phase)।

एक अध्ययन में यह बताया गया है कि टैपिओका की फसलों में कीट नियंत्रण के लिए ततैया (wasp) का उपयोग सफल रहा है।

  • इसमें एक छोटे परजीवी ततैये (एनागाइरस लोपेज़ी) का उपयोग किया गया है। यह कैसावा मीलिबग (Cassava Mealybug) नामक हानिकारक कीट पर हमला करता है, जो टैपिओका फसल को नुकसान पहुंचाता है।

टैपिओका के बारे में

  • टैपिओका को कसावा (Cassava) भी कहा जाता है। यह एक उष्णकटिबंधीय कंद (tuber) फसल है। भारत में मुख्य रूप से केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में इसकी खेती की जाती है।
    • भारत में कुल टैपिओका उत्पादन क्षेत्र का लगभग 80% केरल और तमिलनाडु में मौजूद है।
  • जलवायु और मृदा संबंधी अनिवार्यता:
    • उष्णकटिबंधीय व उष्ण आर्द्र जलवायु जिसमें प्रति वर्ष 100 सेमी से अधिक वर्षा होती है।
    • अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी, लाल लैटेराइट दोमट मिट्टी इसके लिए बेहतर होती है।
  • उपयोग: इसका उपयोग सूत, वस्त्र और कागज उद्योग में स्टार्च निष्कर्षण, साबूदाना निर्माण आदि के लिए कच्चे माल के रूप में होता है।
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गूगल की विलो क्वांटम चिप ने हार्डवेयर पर वेरिफिएबल क्वांटम एडवांटेज हासिल करने वाला पहला एल्गोरिदम प्रदर्शित किया। इसे ‘क्वांटम इकोज़ एल्गोरिदम’ नाम दिया गया है।

क्वांटम इकोज़ एल्गोरिदम के बारे में

  • यह एक ऐसा एल्गोरिदम है, जो दुनिया के सबसे शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर्स की तुलना में 13,000 गुना तेज़ी से काम करता है और इसके परिणाम को सत्यापित किया जा सकता है।
    • क्वांटम वेरिफिएबिलिटी (Quantum Verifiability) का अर्थ है कि किसी क्वांटम कंप्यूटिंग का परिणाम बार-बार दोहराकर जांचा जा सकता है और हर बार वही सही परिणाम मिलता है। इसका अर्थ यह होता है कि परिणाम विश्वसनीय और सही है, जिसे सत्यापित किया जा सकता है।
  • यह तकनीक एक बहुत एडवांस्ड इको की तरह काम करती है। इसमें क्वांटम संकेत (सिग्नल) को आगे भेजा जाता है,  फिर एक क्यूबिट (qubit) को थोड़ा प्रभावित (perturb) किया जाता है। इसके बाद उस संकेत की प्रक्रिया को उल्टा या रिवर्स कर दिया जाता है, ताकि वह वापस आ सके। जब यह वापस आता है, तो उसे "इको" यानी echo कहा जाता है।
  • संभावित उपयोग: आणविक संरचनाओं का अध्ययन, दवा की खोज आदि।

ईरान ने आतंकवाद के वित्त-पोषण को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय अभिसमय का अनुसमर्थन किया। 

इस अभिसमय के बारे में

  • यह अभिसमय संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1999 में अपनाया गया था और यह 2002 में लागू (प्रभावी) हुआ था।
  • उद्देश्य:
    • आतंकवाद के वित्त-पोषण को अपराध घोषित करना।
    • ऐसे व्यक्तियों या संस्थाओं को जवाबदेह ठहराना, जो आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन या संसाधन उपलब्ध कराते हैं।
  • भारत ने भी इसका अनुसमर्थन किया है।

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने अपनी अंतर्राष्ट्रीय मीथेन उत्सर्जन वेधशाला (IMEO) द्वारा प्रकाशन का पांचवां संस्करण 'एन आई ऑन मीथेन: फ्रॉम मेजरमेंट टू मोमेंटम' जारी किया है।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर

  • वायुमंडलीय मीथेन कार्बन डाइऑक्साइड के बाद जलवायु परिवर्तन का दूसरा सबसे बड़ा कारण बनी हुई है। यह पृथ्वी के तापमान में बढ़ोतरी के लगभग एक-तिहाई हिस्से के लिए जिम्मेदार है।
  • उच्च प्रभाव वाली गैस: मीथेन की गर्मी बढ़ाने की क्षमता 20 वर्षों में CO₂ से 80 गुना अधिक होती है। हालांकि, यह वायुमंडल में कम समय (लगभग 7–12 वर्ष) तक बनी रहती है।
  • प्रमुख स्रोत: वर्तमान मीथेन उत्सर्जन का लगभग 60% मानवीय गतिविधियों से होता है। इसमें कृषि, जीवाश्म ईंधन और लैंडफिल कचरा सबसे बड़े योगदानकर्ता हैं।
  • प्राकृतिक स्रोत: प्राकृतिक प्रक्रियाओं का उत्सर्जन में लगभग 40% का योगदान है। इसमें आर्द्रभूमियां (वेटलैंड्स) सबसे बड़ी प्राकृतिक स्रोत हैं।

यह रिपोर्ट हेल्थ इफेक्ट्स इंस्टीट्यूट (HEI) और इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (IHME), संयुक्त राज्य अमेरिका ने जारी की है।

भारत में वायु प्रदूषण के बारे में मुख्य निष्कर्ष 

  • मृत्यु दर: 2023 में वायु प्रदूषण के कारण लगभग 20 लाख मौतें हुई थीं, जो 2000 की तुलना में 43% की वृद्धि दर्शाती है। यह वैश्विक स्तर पर होने वाली कुल मौतों का लगभग 52% है।
  • ओज़ोन प्रदूषण: ओज़ोन प्रदूषण के संपर्क में आने वाली आबादी के मामले में भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है।
  • संपर्क: 75% आबादी PM2.5 के उन स्तरों के संपर्क में है, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा निर्धारित सीमाओं से अधिक हैं।
  • प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY): मॉडलिंग स्टडीज से पता चला है कि यदि सभी PMUY परिवारों को अनन्य रूप से LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) के उपयोग वाले परिवारों में बदल दिया जाए, तो हर साल 1,50,000 से अधिक मौतों को रोका जा सकता है।

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने वनस्पति तेल उत्पाद, उत्पादन और उपलब्धता (विनियमन) आदेश, 2011 (VOPPA Order) में संशोधन किया।

मुख्य संशोधन पर एक नजर

  • खाद्य तेल की प्रोसेसिंग से संबंधित श्रृंखला (जैसे- उत्पादन, प्रसंस्करण, वितरण आदि) से जुड़े सभी हितधारकों को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
  • सभी पंजीकृत संस्थाओं को अपने मासिक उत्पादन और भंडार (स्टॉक) की जानकारी सरकार के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी।

भारत के खाद्य तेल क्षेत्रक के बारे में 

  • भारत खाद्य वनस्पति तेल के बाजार में दुनिया में संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और ब्राजील के बाद चौथे स्थान पर है।
  • भारत विश्व के कुल तिलहन उत्पादन में लगभग 5–6% का योगदान देता है।
  • इसके बावजूद, भारत को अपनी खाद्य तेल की 57% जरूरत आयात के ज़रिए पूरी करनी पड़ती है।

पवित्र 'जोड़े साहिब' को गुरु चरण यात्रा के माध्यम से नई दिल्ली से बिहार के पटना साहिब गुरुद्वारे तक ले जाया जा रहा है।

  • जोड़े साहिब गुरु गोबिंद सिंह जी (दसवें सिख गुरु) और उनकी पत्नी माता साहिब कौर जी की पवित्र चप्पलें हैं, जिनकी अत्यंत श्रद्धा से पूजा की जाती है।

पटना साहिब गुरुद्वारे के बारे में

  • अवस्थिति: पटना, बिहार। यह सिख धर्म के पांच तख्तों (सिख धार्मिक अधिकार के केंद्रों) में से एक है।
  • ऐतिहासिक महत्त्व: तख्त का निर्माण महाराजा रणजीत सिंह ने 18वीं शताब्दी में गुरु गोबिंद सिंह के जन्मस्थान के स्मरण में करवाया था।
  • स्थापत्यकला: स्वर्ण गुंबद और जटिल कलाकृतियों के साथ मुगल एवं सिख शैलियों का मिश्रण देखने को मिलता है।
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