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हालिया अध्ययन से यह संकेत मिले हैं कि डार्क मैटर मिल्की वे के केंद्र में रहस्यमय गामा-रे चमक को समझा सकता है।

डार्क मैटर के बारे में:

  • अर्थ: इसे ब्रह्मांड को एक साथ बांधे रखने वाला अदृश्य पदार्थ माना जाता है, जो आकाशगंगाओं और आकाशगंगा समूहों में अधिकांश द्रव्यमान का निर्माण करता है।
    • नॉर्मल मैटर के विपरीत, यह विद्युत चुम्बकीय बल के साथ अंतःक्रिया नहीं करता अर्थात यह प्रकाश को न तो अवशोषित करता है, न परावर्तित करता है, और न ही उत्सर्जित करता है। इसलिए इसका पता लगाना अत्यधिक कठिन होता है।
  • वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ब्रह्मांड का लगभग 27% हिस्सा डार्क मैटर है।
  • महत्त्व: यह माना जाता है कि डार्क मैटर ब्रह्मांड को आकार प्रदान करता है। साथ ही, आकाशगंगाओं और खगोलीय पिंडों को व्यापक पैमाने पर व्यवस्थित करता है।

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) ने उत्तर प्रदेश और सिक्किम में जैव विविधता प्रबंधन समितियों को निधि जारी की। 

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) के बारे में

  • स्वरूप: यह पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक सांविधिक स्वायत्त निकाय है।
  • स्थापना: इसकी स्थापना जैव विविधता अधिनियम, 2002 के तहत 2003 में की गई थी।
  • मुख्यालय: चेन्नई, तमिलनाडु।
  • कार्य: यह जैव संसाधनों के संरक्षण व सतत उपयोग और उपयोग से होने वाले लाभों के न्यायसंगत एवं निष्पक्ष बँटवारे से जुड़े मुद्दों पर सुविधाप्रदायक, विनियामक एवं सलाहकारी कार्य करता है।
  • पूरक निकाय: जैव विविधता अधिनियम, 2002 और जैव विविधता नियम, 2004 के तहत, NBA के कार्यों में सहायता के लिए दो पूरक निकाय स्थापित किए गए हैं:
    • राज्य स्तर पर राज्य जैव विविधता बोर्ड (SBBs); तथा
    • स्थानीय ग्राम स्तर पर जैव विविधता प्रबंधन समितियां (BMCs)।

प्रधान मंत्री ने इस तथ्य का उल्लेख किया है कि भारतीय कॉफी की लोकप्रियता विश्व स्तर पर बढ़ रही है।

कॉफी के बारे में (भारत के संदर्भ में)

  • भारत अब दुनिया का 7वां सबसे बड़ा कॉफी उत्पादक है। उत्पादित कॉफी का 70% निर्यात किया जाता है। 2024-25 के दौरान कॉफ़ी निर्यात से 1.80 बिलियन अमेरिकी डॉलर की आय हुई थी।
  • मुख्य कॉफी उत्पादक क्षेत्र:
    • कर्नाटक: चिकमंगलूर, कूर्ग और हसन।
    • तमिलनाडु: पुलने, शेवराय, नीलगिरि और अन्नामलाई।
    • केरल: वायनाड, त्रावणकोर और मालाबार।
  • मिट्टी: कॉफी के लिए गहरी, उपजाऊ, जैविक पदार्थ से भरपूर, अच्छी जल निकासी वाली और हल्की अम्लीय (pH 6.0-6.5) मिट्टी चाहिए।
  • उगाने की परिस्थितियां:
    • ढलान: हल्की से मध्यम ढलान,
    • तापमान: 15°C से 30°C के बीच,
    • वर्षा: 1000 से 2500 मिमी तक उपयुक्त।
  • प्रकार: भारत में मुख्य रूप से रोबस्टा और अरेबिका प्रकार की कॉफी उगाई जाती है।
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सुबनसिरी लोअर HEP का परीक्षण किया गया।

सुबनसिरी लोअर HEP के बारे में

  • यह सुबनसिरी नदी (ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी) पर छोटे जलाशयों के साथ रन ऑफ द रिवर परियोजना है।
  • अवस्थिति: यह अरुणाचल प्रदेश और असम की सीमा पर उत्तर लखीमपुर के पास स्थित है।
  • इसका कार्यान्वयन राष्ट्रीय जलविद्युत ऊर्जा निगम लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।

प्रधान मंत्री ने नागरिकों से राष्ट्रीय गीत के 150वें वर्ष को यादगार बनाने का आग्रह किया, ताकि इसके मूल्यों को भविष्य की पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सके।

राष्ट्रीय गीत (वंदे मातरम) के बारे में

  • रचना: यह गीत बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा संस्कृत भाषा में रचा गया था।
    • यह गीत बंकिमचंद्र के सबसे प्रसिद्ध उपन्यास आनंद मठ (1882) का एक हिस्सा है।
    • इसे जन-गण-मन (राष्ट्रीय गान) के साथ समान दर्जा प्राप्त है।
  • पहली बार गाया गया: इसे पहली बार 1896 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा गाया गया था।
  • इसे कब अपनाया गया: इसे 24 जनवरी 1950 को भारत की संविधान सभा द्वारा भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया गया था।

हाल ही में, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वैश्विक वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (Global Finance Stability Report: GFSR), अप्रैल 2025 जारी की। 

GFSR के बारे में

  • उद्देश्य: वैश्विक वित्तीय बाजारों का नियमित तौर पर आकलन करना तथा संकट उत्पन्न होने से पहले संभावित प्रणालीगत खामियों की पहचान करना।
  • इस रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
    • कठोर वैश्विक वित्तीय स्थितियां: वैश्विक वित्तीय स्थिरता जोखिमों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
    • प्रमुख भू-राजनीतिक जोखिम घटनाओं की भूमिका: विशेष रूप से सैन्य संघर्ष, स्टॉक की कीमतों में काफी गिरावट और संप्रभु रिस्क प्रीमियम में वृद्धि का कारण बन सकते हैं।
  • IMF की अन्य प्रमुख रिपोर्ट: विश्व आर्थिक परिदृश्य (World Economic Outlook), फिस्कल मॉनिटर आदि।

सरकार ने राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2025 की घोषणा की। यह विज्ञान, प्रौद्योगिकी और प्रौद्योगिकी-आधारित नवाचार के विविध क्षेत्रों में वैज्ञानिकों, प्रौद्योगिकीविदों एवं नवप्रवर्तकों द्वारा किए गए उत्कृष्ट एवं प्रेरणादायक योगदान के लिए सर्वोच्च सम्मान है।

राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार के बारे में

  • यह पुरस्कार चार श्रेणियों के तहत प्रदान किया जाता है:
    • विज्ञान रत्न (VR): यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी के किसी भी क्षेत्र में आजीवन उपलब्धियों और योगदान के लिए दिया जाता है।
    • विज्ञान श्री (VS): यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी के किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।
    • विज्ञान युवा-शांति स्वरूप भटनागर (VY-SSB): युवा वैज्ञानिकों को पहचानने और प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है।
    • विज्ञान टीम (VT): विज्ञान और प्रौद्योगिकी में असाधारण टीम वर्क के लिए दिया जाता है।

प्रमुख पुरस्कार विजेता

  • प्रो. जयंत विष्णु नार्लीकर (भौतिकी) को मरणोपरांत विज्ञान रत्न (VR) से सम्मानित किया गया।
    • उन्होंने हॉयल-नार्लीकर गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत को सह-विकसित किया था, जो आइंस्टीन के सामान्य सापेक्षता सिद्धांत का एक विकल्प है और व्यापक रूप से स्वीकृत बिग बैंग मॉडल का एक प्रतिवाद है।

केंद्र सरकार को लद्दाख में काराकोरम और चांगथांग अभयारण्यों की सीमाओं को फिर से निर्धारित करने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है।

काराकोरम वन्यजीव अभयारण्य (Karakoram WLS) के बारे में

  • स्थापना: 1987 में।
  • अवस्थिति: काराकोरम पर्वत श्रृंखला, लद्दाख।
  • जीव-जंतु: हिम तेंदुआ, हिमालयी भूरा भालू , हिमालयी भेड़िया, आइबेक्स (जंगली बकरी), जंगली नीली भेड़ (भरल), आदि।
  • वनस्पति: अल्पाइन वनस्पति, औषधीय पौधे, शीत मरुस्थल की वनस्पति, आदि।

चांगथांग वन्यजीव अभयारण्य (Changthang WLS) के बारे में

  • स्थान: लद्दाखी चांगथांग पठार, लेह जिला।
  • महत्व: इस क्षेत्र में सबसे ऊंचाई पर स्थित झीलें पाई जाती हैं, जैसे: त्सो मोरीरी, पैंगोंग त्सो और त्सो कार।
  • जीव-जंतु: हिम तेंदुआ, तिब्बती जंगली गधा, काली गर्दन वाला क्रेन (Dark-necked crane), आदि।
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