मिशन फॉर एडवांसमेंट इन हाई-इम्पैक्ट एरियाज (MAHA)-मेडटेक मिशन लॉन्च किया गया | Current Affairs | Vision IAS
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ANRF द्वारा शुरू किए गए महा-मेडटेक मिशन का उद्देश्य पर्याप्त वित्त पोषण और समर्थन पहल के साथ भारत के तेजी से बढ़ते 14 बिलियन डॉलर के मेडटेक क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना, आयात को कम करना और सस्ती चिकित्सा प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना है।

In Summary

MAHA-मेडटेक मिशन को अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) ने शुरू किया है। इसे भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और गेट्स फाउंडेशन के सहयोग से आरंभ किया गया है।

  • ANRF की स्थापना ANRF अधिनियम, 2023 के माध्यम से की गई है। इसकी स्थापना राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिशों के अनुसार वैज्ञानिक अनुसंधान को उच्च-स्तरीय रणनीतिक दिशा प्रदान करने के लिए एक शीर्ष निकाय के रूप में की गई है।

MAHA-मेडटेक मिशन के बारे में

  • उद्देश्य: भारत के चिकित्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्रक में नवाचार को गति प्रदान करना; महंगे आयातों पर निर्भरता को कम करना; तथा वहनीय एवं उच्च गुणवत्ता युक्त चिकित्सा प्रौद्योगिकियों तक समान पहुंच को बढ़ावा देना।
  • वित्त-पोषण: इसके तहत शैक्षणिक और अनुसंधान एवं विकास संस्थानों, अस्पतालों, स्टार्ट-अप्स, MSMEs, तथा मेडटेक उद्योग एवं संस्थाओं के बीच सहयोग सहित विभिन्न प्रकार की संस्थाओं को वित्त-पोषण सहायता प्रदान की जाएगी। 
    • प्रति परियोजना 5-25 करोड़ रुपये का माइलस्टोन-लिंक्ड वित्त-पोषण प्रदान किया जाएगा। साथ ही, असाधारण मामलों में 50 करोड़ रुपये तक का वित्त-पोषण प्रदान किया जाएगा। 
  • समर्थन तंत्र: इसमें पेटेंट मित्र (बौद्धिक संपदा संरक्षण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण), मेडटेक मित्र (विनियामक मार्गदर्शन और मंजूरी), क्लिनिकल ट्रायल नेटवर्क (नैदानिक सत्यापन और साक्ष्य निर्माण के लिए) जैसी राष्ट्रीय पहलों के माध्यम से मदद की जाएगी।
  • प्रौद्योगिकी क्षेत्र: इसमें अभिनव चिकित्सा उपकरण और IVD (इन विट्रो डायग्नोस्टिक्स), जिसमें उच्च स्तरीय अग्रणी प्रौद्योगिकियां (इमेजिंग, रेडियोथेरेपी उपकरण, रोबोटिक्स, मिनिमम इनवैसिव टेक्नोलॉजी, प्रत्यारोपण, AI/ML सक्षम प्लेटफॉर्म्स और टूल्स जैसी डीप टेक्नोलॉजी) शामिल हैं।

भारत का मेडटेक क्षेत्रक

  • इसे एक सनराइज सेक्टर के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। वर्तमान में इस क्षेत्रक का आकार लगभग 14 बिलियन डॉलर है तथा 2030 तक इसके 30 बिलियन डॉलर तक बढ़ने की उम्मीद है।
    • भारत का चिकित्सा उपकरणों का निर्यात 4 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है।
  • भारत एशिया में जापान, चीन और दक्षिण कोरिया के बाद चौथा सबसे बड़ा चिकित्सा उपकरण बाजार है।
  • सरकारी नीतियां: इसमें उत्पादन से संबद्ध प्रोत्साहन (PLI PIL) योजना; फार्मा मेडटेक क्षेत्रक में अनुसंधान व नवाचार को बढ़ावा देना (PRIP) योजना; राष्ट्रीय चिकित्सा उपकरण नीति, मेडिकल डिवाइस पार्क आदि शामिल हैं।
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