
माधव गाडगिल (1942–2026)
प्रसिद्ध पारिस्थितिकीविद् माधव गाडगिल का निधन हो गया।
- उनका जन्म 1942 में पुणे में हुआ था।
- वे पारिस्थितिकी और पर्यावरण के संरक्षण पर भारत की सबसे सशक्त आवाज़ों में से एक थे।
प्रमुख योगदान:
- उन्होंने 1982 में भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु में सेंटर फॉर इकोलॉजिकल साइंसेज की स्थापना की।
- उनके प्रयासों से 1986 में नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित (बायोस्फियर रिज़र्व) की स्थापना हुई।
- 2010 में पश्चिमी घाट विशेषज्ञ पारिस्थितिकी कार्यदल (WGEEP) के अध्यक्ष रहे। इस कार्यदल ने पूरे पश्चिमी घाट को वर्गीकृत रूप से पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (Ecologically sensitive) अधिसूचित करने की सिफारिश की।
- वे प्रधानमंत्री की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सलाहकार परिषद के सदस्य भी रहे।
- वे भारत के जैव विविधता अधिनियम के प्रमुख निर्माताओं में से एक थे। वे वन अधिकार अधिनियम (FRA) के क्रियान्वयन में भी शामिल रहे।
- प्रमुख पुरस्कार और सम्मान: पद्म श्री, पद्म भूषण, पर्यावरणीय उपलब्धि के लिए टाइलर पुरस्कार, वोल्वो पर्यावरण पुरस्कार, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) का ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार।