राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) 2025 | Current Affairs | Vision IAS
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हाल ही में, केंद्र सरकार द्वारा NIRF रैंकिंग 2025 जारी की गई।

NIRF रैंकिंग 2025 के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर

  • समग्र श्रेणी में आईआईटी मद्रास को शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ।
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु ने विश्वविद्यालयों की श्रेणी में पहला स्थान प्राप्त किया।

NIRF के बारे में

  • शुरुआत: इसे केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा भारतीय शैक्षिक संस्थानों को रैंक देने के लिए 2015 में लॉन्च किया गया।
    • यह रैंकिंग विद्यार्थियों, अभिभावकों और नीति निर्माताओं के लिए कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन करने हेतु पारदर्शी और विश्वसनीय प्रणाली प्रदान करती है।
  • मूल्यांकन मापदंड: रैंकिंग के लिए अलग-अलग भारांश वाले निम्नलिखित 5 व्यापक श्रेणियों का उपयोग किया जाता है:
    • शिक्षण, लर्निंग और संसाधन (0.30)
    • अनुसंधान और व्यावसायिक अभ्यास (0.30)
    • स्नातक परिणाम (0.20)
    • आउटरीच और समावेशिता (0.10)
    • धारणा (0.10)

भारत ने खेलों में अत्याधुनिक एंटी-डोपिंग परीक्षण के लिए दुर्लभ  रेफरेंस मटेरियल  ‘मेथेंडिएनोनन लॉन्ग-टर्म मेटाबोलाइट’ विकसित की है । 

मेथेंडिएनोन लॉन्ग-टर्म मेटाबोलाइट के बारे में

  • यह नेशनल डोप टेस्टिंग लेबोरेटरी (NDTL) और NIPER-गुवाहाटी द्वारा विकसित किए जा रहे रेफरेंस मटेरियल (RMs) में से एक है।
    • रेफरेंस मटेरियल दवा रसायनों या उनके मेटाबोलाइट्स के अत्यधिक शुद्ध और वैज्ञानिक रूप से विशेषीकृत रूप होते हैं, जो सटीक विश्लेषणात्मक परीक्षण के लिए आवश्यक होते हैं।
    • ये उन 450 से अधिक पदार्थों की पहचान में मदद करते हैं, जो वर्तमान में वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) द्वारा प्रतिबंधित हैं।
  • इससे उन एथलीटों की पहचान करने में मदद मिलती है जिन्होंने मेथेंडिएनोन जैसे स्टेरॉयड का सेवन किया है।

हाल ही में केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और उग्रवादी समूहों (कुकी-ज़ो, जोमी और हमार) के बीच त्रिपक्षीय "सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन" (SoO) समझौता नवीनीकृत किया गया।

समझौते के बारे में

  • लागू हुआ: यह समझौता 22 अगस्त, 2008 को लागू हुआ था।
  • उद्देश्य: राजनीतिक वार्ता शुरू करके दुश्मनी खत्म करना और भारत के संविधान के दायरे में रहते हुए राजनीतिक समाधान खोजना।

पूर्वोत्तर भारत में अन्य शांति समझौते

  • NLFT(SD) समझौता (2019): यह त्रिपुरा के नेशनल लिबरेशन फ्रंट के साथ हस्ताक्षरित हुआ था।
  • बोडो समझौता (2020): यह असम के बोडो समूहों के साथ हुआ था। यह समूह मार्च 2020 तक भंग कर दिया गया।
  • कार्बी समझौता (2021): यह असम के कार्बी समूहों के साथ हुआ था। इसके तहत 1,000 से अधिक कैडर मुख्यधारा में शामिल हुए।

भारतीय मौसम-विज्ञान विभाग (IMD) जम्मू और कश्मीर में मिशन मौसम के तहत चार अतिरिक्त रडार स्थापित करने की योजना बना रहा है।

मिशन मौसम के बारे में:

  • इसे 2024 में केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) द्वारा शुरू किया गया।
  • इसका कार्यान्वयन भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र (NCMRWF) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) द्वारा किया जाता है।
  • उद्देश्य: मौसम और जलवायु संबंधी सेवाओं में सुधार करना; कृषि, आपदा प्रबंधन और ग्रामीण विकास सहित कई क्षेत्रों के लिए समय पर एवं सटीक अवलोकन, मॉडलिंग और पूर्वानुमान संबंधी जानकारी प्रदान करना।

भारत सरकार ने संशोधित मानक के तहत चांदी के आभूषणों के लिए स्वैच्छिक हॉलमार्किंग यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID)-आधारित हॉलमार्किंग शुरू की है। इससे आभूषणों की शुद्धता सुनिश्चित होगी। यह सोने की हॉलमार्किंग प्रणाली के अनुरूप है।

हॉलमार्किंग के बारे में 

  • हॉलमार्किंग किसी भी बहुमूल्य धातु से बनी वस्तु में उस धातु की मात्रा को सटीक रूप से निर्धारित करने और आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया है।
  • यह उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण के साथ-साथ आभूषणों और वस्तुओं की प्रामाणिकता, गुणवत्ता और सही पहचान सुनिश्चित करती है।
  • भारत में इसे भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा विनियमित किया जाता है।

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के बारे में

  • इसका  मुख्यालय नई दिल्ली में है। 
  • यह केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय मानक निकाय है। 
  • इसकी स्थापना भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 1986 के तहत की गयी है और अब यह BIS अधिनियम 2016 के तहत संचालित होता है।
  • इसके मुख्य कार्य हैं: मानक निर्धारित करना, उत्पादों को प्रमाणित करना (जैसे ISI मार्क और हॉलमार्किंग), और परीक्षण प्रयोगशालाओं का संचालन करना।

कोयला और लिग्नाइट खानों के लिए स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह में L.I.V.E.S. और ARTHA का अनावरण किया गया।

  • L.I.V.E.S. एक व्यापक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है। इसे वैश्विक सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों के अनुरूप खान को बंद करने के लिए जिम्मेदार और संधारणीय  बेंचमार्क तरीकों के रूप में कार्य करने के लिए तैयार किया गया है।
  • ARTHA एक प्रकार का ग्रीन फाइनेंसिंग फ्रेमवर्क है। इसका उद्देश्य पुराने खनन भूक्षेत्रों को उत्पादक और पर्यावरण अनुकूल परिसंपत्तियों में बदलने के लिए निवेश आकर्षित करना है।

FSSAI और केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने हाल ही में 'आयुर्वेद आहार' उत्पादों की एक निश्चित सूची जारी की है।

आयुर्वेद आहार

  • यह खाद्य सुरक्षा और मानक (आयुर्वेद आहार) विनियम, 2022 का हिस्सा है।
  • यह आयुर्वेदिक खाद्य उत्पाद बनाने वाले खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs) के लिए नियमों का प्रावधान करता है। इससे उपभोक्ताओं को यह जानने में मदद मिलेगी कि उत्पाद प्रामाणिक और सुरक्षित हैं।
  • ये फॉर्मूलेशन शास्त्रीय आयुर्वेदिक ग्रंथों से लिए गए हैं।
  • खाद्य उत्पादों में अंगारकरकटी (बेक्ड गेहूँ के गोले), कृशरा (खिचड़ी), पानक (फलों के पेय), दधि (दही-आधारित), और गुलकंद (गुलाब की पंखुड़ियों का जैम) जैसे उत्पाद निर्माण शामिल हैं।
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