सीमा सड़क संगठन (BRO) के प्रोजेक्ट विजयक ने कारगिल (लद्दाख) में अपना 15वां स्थापना दिवस मनाया।
प्रोजेक्ट विजयक के बारे में:
- इसे 2010 में शुरू किया गया। इसे कारगिल और जांस्कर क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रदान करने की जिम्मेदारी दी गई, जो पहले प्रोजेक्ट हिमांक के अंतर्गत आते थे।
- इस प्रोजेक्ट का नाम ऑपरेशन विजय (1999 के कारगिल युद्ध) से लिया गया है।
- इस परियोजना ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास सुरक्षा अवसंरचना मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।
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1 sourceखगोलविदों ने ‘एक्सट्रीम न्यूक्लियर ट्रांजिएंट्स (ENTs)’ नामक एक नई प्रकार की परिघटना की पहचान की है।
एक्सट्रीम न्यूक्लियर ट्रांजिएंट्स के बारे में:
- यह परिघटना तब घटित होती है जब सूर्य से कम से कम तीन गुना बड़े सितारे सुपरमैसिव ब्लैक होल द्वारा नष्ट कर दिए जाते हैं।
- जब कोई सितारा ब्लैक होल के इवेंट होराइज़न के पास पहुंचता है, तो उसकी प्रबल गुरुत्वीय शक्तियां (tidal forces) उसे लंबा और पतला, स्पेगेटी जैसी आकृति में बदल देती हैं।
- इस प्रक्रिया में बहुत बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक ऊर्जा उत्पन्न है, और यही उत्सर्जन एक्सट्रीम न्यूक्लियर ट्रांजिएंट्स कहलाता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका, अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस पर फिर से नियंत्रण प्राप्त करने के लिए अफगानिस्तान के साथ बातचीत कर रहा है।
बगराम एयरबेस के बारे में
- यह अफगानिस्तान का सबसे बड़ा एयरबेस है। यह राजधानी काबुल के उत्तर में स्थित है।
- इसे मूल रूप से 1950 के दशक में सोवियत संघ द्वारा विकसित किया गया था। सोवियत सेना के पीछे हटने के बाद 1990 के दशक में यह तालिबान और नॉर्दर्न अलायंस के बीच संघर्ष का केंद्र बन गया।
- अमेरिका पर 2001 के आतंकवादी हमले के बाद यह अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ अमेरिकी युद्ध का मुख्य केंद्र बन गया।
- 2021 में अमेरिकी और नाटो सैनिकों ने बगराम एयरबेस को खाली कर दिया था।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति (Expert Appraisal Committee) सावलकोट परियोजना को पर्यावरणीय मंजूरी देने हेतु इसका परीक्षण करेगी।
सावलकोट परियोजना के बारे में:
- यह रन-ऑफ-द-रिवर प्रोजेक्ट है। यह चिनाब नदी पर प्रस्तावित है।
- अवस्थिति: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के रामबन और उधमपुर जिले।
- कार्यान्वयन एजेंसी: नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (NHPC)। यह भारत सरकार का मिनी रत्न श्रेणी-1 का सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है।
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1 sourceएक अध्ययन में पाया गया है कि अगर श्रीलंका का भूभाग न होता, तो दक्षिणी महासागर से आने वाली स्वेल्स वेव्स भारत के पूर्वी तट से टकरा सकती थी। इससे बाढ़ और तटीय कटाव की समस्या उत्पन्न हो सकती थी।
स्वेल्स वेव्स के बारे में
- ये दीर्घ तरंगदैर्ध्य वाली समुद्री लहरें हैं जो अपने उद्गम स्थल से बहुत दूर तक यात्रा करती हैं।
- ये मुख्य रूप से तूफानों या तीव्र वायु-धाराओं से उत्पन्न होती हैं।
- ये स्थानीय पवनों या धाराओं से कम प्रभावित होती हैं। इनकी आवृत्ति बहुत कम होती है और इनमें सतह पर झाग (whitecaps) नहीं दिखते, इसलिए सैटेलाइट्स में इनकी तस्वीरें नहीं आ पाती हैं।
- भारत में इन्हें "कल्लक्कडल तरंगें" कहा जाता है।
- अब ‘कल्लक्कडल’ शब्दावली को यूनेस्को द्वारा वैज्ञानिक उपयोग के लिए मंज़ूरी दे दी गई है।
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1 sourceदिल्ली सरकार ने सड़कों पर 'स्मॉग ईटिंग' फोटोकैटेलिटिक कोटिंग्स के उपयोग का अध्ययन करने का आदेश दिया है।
'स्मॉग ईटिंग' फोटोकैटेलिटिक कोटिंग्स के बारे में
- उद्देश्य: सार्वजनिक स्थलों पर नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2) और हानिकारक हाइड्रोकार्बन की मात्रा कम करके वायु और जल की गुणवत्ता में सुधार करना।
- कार्यप्रणाली:
- फोटोकैटेलिटिक क्रियाविधि: यह प्रकाश ऊर्जा का उपयोग करके हानिकारक प्रदूषकों और आर्गेनिक अपशिष्ट को तोड़कर हानिरहित पदार्थों में बदल देती है।
- आमतौर पर इसमें फोटोकैटलिसिस के रूप में टाइटेनियम डाइऑक्साइड (TiO₂) की कोटिंग्स का उपयोग किया जाता है, जो पराबैंगनी (UV) प्रकाश में नाइट्रोजन डाइऑक्साइड को विघटित करता है।
- फोटोकैटेलिटिक क्रियाविधि: यह प्रकाश ऊर्जा का उपयोग करके हानिकारक प्रदूषकों और आर्गेनिक अपशिष्ट को तोड़कर हानिरहित पदार्थों में बदल देती है।
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1 sourceकेंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने IPRS 3.0 लॉन्च किया।
‘औद्योगिक पार्क रेटिंग सिस्टम 3.0’ के बारे में:
- इसके तहत औद्योगिक पार्क्स को अलग-अलग संकेतकों में उनके प्रदर्शन के आधार पर मानकीकृत तथा लीडर्स , चैलेंजर्स और एस्पायरर्स श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा।
- विकासकर्ता: इसे भारत सरकार के उद्योग संवर्द्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने एशियाई विकास बैंक (ADB) के सहयोग से विकसित किया है।
- मुख्य नए तत्व: इसमें नए मानदंड शामिल हैं; जैसे-सस्टेनेबिलिटी , ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी, डिजिटाइजेशन, स्किल लिंकेज और टैलेंट फीडबैक।
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1 sourceसूचना और प्रसारण मंत्रालय ने अभिनेता मोहनलाल को वर्ष 2023 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार देने की घोषणा की है।
दादासाहेब फाल्के पुरस्कार के बारे में
- यह भारतीय सिनेमा में आजीवन योगदान के लिए भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला वार्षिक पुरस्कार है।
- यह भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान है। भारत के राष्ट्रपति पुरस्कार विजेता को पुरस्कार प्रदान करते हैं।
- शुरुआत: इसकी शुरुआत 1969 में हुई थी। यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा के जनक दादासाहेब फाल्के की जन्म शताब्दी के अवसर पर आरंभ किया गया था।
- पुरस्कार के प्रथम विजेता: देविका रानी।