वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 पर FAC की सिफारिशें | Current Affairs | Vision IAS
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केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की वन सलाहकार समिति (FAC) ने वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम, 1980 के उल्लंघन पर दंडात्मक प्रावधानों में तर्कसंगतता और एकरूपता लाने की सिफारिश की है।

मुख्य सिफारिशें

  • दंडात्मक प्रतिपूरक वनीकरण: जिस वन क्षेत्र में उल्लंघन हुआ है, उसी के बराबर क्षेत्रफल पर दंडात्मक प्रतिपूरक वनीकरण किया जाना चाहिए। 
    • दंडात्मक प्रतिपूरक वनीकरण, उस कानूनी रूप से अनिवार्य प्रतिपूरक वनीकरण के अतिरिक्त होता है, जो किसी वन भूमि के गैर-वन उपयोग के कारण उस पर लागू होता है।
  • दंडात्मक प्रतिपूरक वनीकरण और दंडात्मक NPV उपायों के बीच तालमेल स्थापित करना
    • NPV (निवल वर्तमान मूल्य) का अर्थ है, वन क्षेत्र से मिलने वाली पर्यावरणीय सेवाओं का आर्थिक मूल्य, जिसे गैर-वन प्रयोजन के लिए वन भूमि के उपयोग के बदले चुकाया जाता है।

हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि विलंब के कारण निर्णय लेने में बाधा उत्पन्न होती है, तो माध्यस्थम् निर्णय (पंचाट) को रद्द किया जा सकता है। 

  • सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, यद्यपि विलंब अकेले किसी निर्णय को रद्द करने का स्वतंत्र आधार नहीं है, फिर भी यदि ऐसा विलंब निर्णय की गुणवत्ता, तर्क या निष्पक्षता को कमजोर करता है, तो यह निर्णय को नकारात्मक तरीके से प्रभावित कर सकता है। 

माध्यस्थम् और सुलह अधिनियम, 1996 के बारे में 

  • इसका उद्देश्य देशी माध्यस्थम्, अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्यिक माध्यस्थम् और विदेशी माध्यस्थम् संबंधी निर्णयों के प्रवर्तन से संबंधित कानून को समेकित तथा संशोधित करना है। 
  • यह संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय व्यापार विधि आयोग (UNCITRAL) द्वारा 1985 में अपनाए गए अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्यिक माध्यस्थम् विषयक आदर्श कानून पर आधारित है। 

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय (MSDE) ने PMKVY के 178 प्रशिक्षण भागीदारों को ब्लैकलिस्ट कर दिया।

प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के बारे में

  • यह कौशल प्रमाणन के लिए एक प्रमुख योजना है। इसे भारतीय युवाओं को बेहतर आजीविका प्राप्त करने हेतु उद्योग-संबंधी कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने में मदद करने के लिए शुरू किया गया है।
  • मंत्रालय: कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय।
  • आरंभ: 2015 में शुरू हुई थी।
  • वर्तमान स्थिति: वर्तमान में, इसका चौथा चरण यानी प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना 4.0 (PMKVY 4.0) लागू है।
  • घटक: इसमें अल्पकालिक प्रशिक्षण {राष्ट्रीय कौशल पात्रता फ्रेमवर्क (NSQF) के अनुरूप कोर्सेज़}, विशेष परियोजनाएं, और पूर्व अधिगम की मान्यता शामिल हैं।
  • भौगोलिक कवरेज: योजना के तहत आकांक्षी, पिछड़े, सीमावर्ती, जनजातीय और वामपंथी उग्रवाद (LWE) से प्रभावित जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

एयरलाइंस कंपनियों ने दिल्ली में GPS स्पूफिंग में वृद्धि की सूचना दी है। इसके कारण सरकार ने असामान्य नेविगेशन व्यवधानों की जांच शुरू कर दी है। 

GPS स्पूफिंग के बारे में 

  • यह एक प्रकार का साइबर हमला है, जो नेविगेशन सिस्टम को गुमराह करने के लिए गलत GPS (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) सिग्नल प्रसारित करता है। 
  • कार्यप्रणाली: यह GPS उपग्रहों के कमजोर संकेतों का फायदा उठाकर उन्हें नकली संकेतों से बदल देते हैं, जिससे रिसीवर गलत अवस्थिति दिखाता है। 
  • खतरे: यह विमानन, लॉजिस्टिक्स, दूरसंचार, ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रकों को बाधित कर सकता है।  

भारतीय दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड (IBBI) ने दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC) और धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के बीच विवादों को दूर करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि संकटग्रस्त कंपनियों के लिए शीघ्र समाधान सुनिश्चित किए जा सकें। 

मुख्य दिशा-निर्देशों पर एक नजर

  • दिवाला-समाधान पेशेवर (Insolvency professionals) प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों को मुक्त कराने के लिए दिवालियापन मामलों से निपटने वाले राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT) की बजाय विशेष PMLA अदालतों में जा सकते हैं। 

IBC और PMLA

  • IBC का उद्देश्य परिसंपत्ति वसूली मूल्य को अधिकतम करना और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। इसके विपरीत, PMLA का उद्देश्य अपराधियों को आपराधिक आय से वंचित करना है। 
  • PMLA और IBC दोनों कानूनों में अध्यारोही (overriding) प्रभाव वाले प्रावधान हैं। PMLA में यह प्रावधान धारा 71 में, जबकि IBC में धारा 238 में यह प्रावधान किया गया है।
  • अधिनियम का अध्यारोही प्रभाव होने का अर्थ है- इस अधिनियम के उपबंधों का तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में उनसे असंगत किसी बात के होते हुए भी प्रभाव होगा।  

हाल ही में, भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने अधिक केंद्रीकरण के लिए दो नए विशेष संवर्गों (cadres) के सृजन को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसमें केंद्रीय राजस्व लेखा परीक्षा (CRA) संवर्ग और केंद्रीय व्यय लेखा परीक्षा (CEA) शामिल हैं। 

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के बारे में

  • प्रकृति: संविधान के अनुच्छेद 148 के तहत स्थापित संवैधानिक निकाय। 
  • नियुक्ति: राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर एवं मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा नियुक्त करता है।  
  • अवधि: 6 वर्ष या 65 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो)।
  • पद से हटाना: राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है। इसे पद से केवल उसी रीति से और उन्ही आधारों पर हटाया जा सकता है, जिस रीति से तथा जिन आधारों पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाया जाता है। 
  • वेतन व सेवा की शर्तें: CAG का वेतन और सेवा शर्तें संसद द्वारा तय किए जाते हैं। साथ ही, उसकी नियुक्ति के बाद इन शर्तों में उसके अहित के लिए कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता।  
  • व्यय: प्रशासनिक लागत, वेतन, भत्ते और पेंशन भारत की संचित निधि से दिए जाते हैं।

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने “स्टेट ऑफ द क्लाइमेट अपडेट फॉर COP-30” रिपोर्ट जारी की।

रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर

  • वर्ष 2025 अब तक दर्ज दूसरा या तीसरा सबसे गर्म वर्ष रहने की संभावना है। 
    • वर्ष 2025 सहित पिछले 11 वर्ष मानव इतिहास के सबसे गर्म 11 वर्ष रहे हैं।
  • यह दर्शाता है कि दुनिया पेरिस समझौते के जलवायु लक्ष्यों को हासिल करने की राह पर नहीं है।
  • वर्ष 2015 से 2025 तक का समय पिछले 176 वर्षों में सबसे गर्म 11 सालों की अवधि रही। 
  • कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), मीथेन (CH₄) और नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O) की वायुमंडलीय सांद्रता 2024 में अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी और 2025 में भी बढ़ रही है।
  • नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार हो रहा है और जलवायु कार्रवाई योजनाएं अब विज्ञान आधारित जलवायु सेवाओं पर अधिक निर्भर होती जा रही हैं।

हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति ने पुष्टि की है कि कजाकिस्तान अब्राहम अकॉर्ड्स का हिस्सा होगा।

अब्राहम अकॉर्ड्स के बारे में

  • उद्देश्य: इजरायल और विविध तथाकथित उदारवादी अरब देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाकर मध्य पूर्व में तनाव को कम करना, ताकि इजरायल के साथ इन देशों के औपचारिक राजनयिक, व्यापारिक व सुरक्षा संबंध सुनिश्चित हो सकें। 
    • इस समझौते का नाम बाइबिल के अब्राहम के नाम पर रखा गया है, जिसे यहूदी और अरब दोनों ही अपना साझा पूर्वज एवं बंधुत्व का प्रतीक मानते हैं। 
  • उत्पत्ति: अब्राहम समझौता पर सितंबर 2020 में इज़रायल, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और बहरीन ने हस्ताक्षर किए थे। बाद में मोरक्को भी इस समझौते में शामिल हुआ। 
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