भारत-श्रीलंका संयुक्त सैन्य अभ्यास मित्र शक्ति 2025 का 11वां संस्करण कर्नाटक के बेलगावी में शुरू हुआ।
मित्र शक्ति अभ्यास के बारे में
- यह भारतीय थल सेना और श्रीलंकाई थल सेना के बीच एक द्विपक्षीय वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास है।
- इसे बारी-बारी से भारत और श्रीलंका द्वारा आयोजित किया जाता है।
हाल ही में, दक्षिण कोरिया में आयोजित APEC (एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग) बैठक में, चीन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मानदंडों को शासित करने के लिए एक वैश्विक निकाय, WAICO का समर्थन किया।
WAICO के बारे में
- लक्ष्य: वैश्विक सहयोग के लिए वैश्विक मानकों को आकार देना।
- यह चीन की 2023 की वैश्विक AI गवर्नेंस पहल के सिद्धांतों को शामिल करता है। इसमें मानव-केंद्रित डिज़ाइन, डेटा संप्रभुता और एल्गोरिदम पारदर्शिता पर बल दिया गया है।
- घोषणा: इसकी घोषणा शंघाई में आयोजित विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलन, 2025 के दौरान की गई थी।
- प्रमुख उद्देश्य: AI गवर्नेंस की अंतर्राष्ट्रीय संरचना की पुनर्कल्पना करना, चीन को संयुक्त राज्य अमेरिका के विकल्प के रूप में स्थापित करना, और चीन की सॉफ्ट पावर का उपयोग करना।
केंद्र सरकार उद्योगों पर आदेशों के अनुपालन बोझ को कम करने तथा विनिर्माण और निर्यात को सुगम बनाने के लिए कुछ गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (QCOs) की आवश्यकताओं में ढील दे सकती है।
गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (QCOs) के बारे में
- कानूनी ढांचा: केंद्र सरकार, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से परामर्श करने के बाद QCO जारी करती है। यह आदेश BIS अधिनियम, 2016 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किया जाता है। इससे उत्पाद BIS अनिवार्य प्रमाणन के अंतर्गत आ जाते हैं।
- अनिवार्य प्रकृति:
- हालांकि, BIS प्रमाणन मूल रूप से स्वैच्छिक है, लेकिन जनहित, मानव, पशु या वनस्पतियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा, आदि के कारण कुछ उत्पादों के लिए BIS प्रमाणन अनिवार्य हो जाता है।
- QCOs के तहत ऐसे उत्पादों को BIS से लाइसेंस या अनुरूपता प्रमाण-पत्र (Certificate of Conformity - CoC) के तहत मानक चिह्न (Standard Mark) का अनिवार्य उपयोग करना पड़ता है।
भारत वित्त वर्ष 2027 के अंत तक अपने नियोडिमियम उत्पादन को 500 टन तक बढ़ाने की योजना बना रहा है। इसका उद्देश्य दुर्लभ भू-तत्वों (rare earth elements) में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
नियोडिमियम के बारे में
- श्रेणी: लैंथेनाइड धातु (Lanthanide Metal)।
- यह वैश्विक दुर्लभ-भू चुंबक उद्योग में एक महत्वपूर्ण घटक है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों, स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों और रक्षा प्रणालियों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
- स्वरूप: चमकीली व चांदी जैसे एवं पीले रंग की धातु है। वायु के संपर्क में आने से इसकी चमक तेजी से घटने लगती है।
- प्रमुख उपयोग:
- लौह व बोरॉन के साथ मिश्र धातु में बहुत मजबूत स्थायी चुंबक बनाने में उपयोग होता है।
- लेजर (lasers) बनाने में।
- आँख की और कॉस्मेटिक सर्जरी में, त्वचा कैंसर के उपचार में आदि।
- स्रोत: मोनाजाइट और बैस्टनेसाइट (अधिकांश लैंथेनाइड तत्वों की तरह)।
राष्ट्रीय पवन ऊर्जा संस्थान (NIWE) द्वारा प्रस्तावित 50-मेगावाट का एक पवन फार्म ग्रेटर फ्लेमिंगो अभयारण्य को प्रभावित कर सकता है।
- ये अफ्रीका, पश्चिमी एशिया और दक्षिणी यूरोप तक पाए जाते हैं।
- प्रजनन के मौसम के दौरान ये आमतौर पर उथली, लवणीय और क्षारीय (alkaline) आर्द्रभूमियों (wetlands) में पाए जाते हैं।
ग्रेटर फ्लेमिंगो अभयारण्य (GFS) के बारे में
- स्थापना: तमिलनाडु सरकार द्वारा धनुषकोडी में की गई है।
- उद्देश्य: मध्य एशियाई उड़ान मार्ग (Central Asian Flyway) में आने वाले प्रवासी पक्षियों के महत्वपूर्ण पर्यावासों की रक्षा करना।
- मध्य एशियाई उड़ान मार्ग: यूरेशिया को भारतीय उपमहाद्वीप से जोड़ने वाला एक प्रमुख प्रवासी पक्षी मार्ग।
- अवस्थिति: यह पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील मन्नार की खाड़ी बायोस्फीयर रिज़र्व में स्थित है।
हाल ही में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पश्चिमी अफ्रीका के मॉरितानिया और सेनेगल को प्रभावित करने वाले RVF के प्रकोप की पुष्टि की।
रिफ्ट वैली फीवर (RVF) के बारे में
- उत्पत्ति: इसका नाम केन्या की रिफ्ट वैली से लिया गया है, जहां 1930 के दशक की शुरुआत में इस रोग की पहचान की गई थी।
- कारण: यह फेनुविरिडे (Phenuiviridae) कुल से संबंधित एक विषाणु फ्लेबोवायरस (Phlebovirus) के कारण होता है।
- संचरण:
- यह मुख्य रूप से जानवरों को प्रभावित करता है (जैसे- मवेशी, आदि)।
- मनुष्य संक्रमित जानवरों के निकट संपर्क में आने से या संक्रमित मच्छरों के काटने से संक्रमित होते हैं।
- यह रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है।
- उपचार: वर्तमान में, कोई विशिष्ट एंटीवायरल उपचार उपलब्ध नहीं है। हालांकि, जानवरों के लिए टीके मौजूद हैं।