DLI योजना के तहत समर्थित परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इनमें अब तक 16 टेप-आउट्स, 6 ASIC चिप्स, 10 पेटेंट और निजी निवेश में 3 गुना से अधिक की वृद्धि देखी गई है।
डिजाइन से संबद्ध प्रोत्साहन (DLI) योजना के बारे में
- शुरुआत: इसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने वर्ष 2021 में आरंभ किया था। इसे 'सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम' के तहत शुरू किया गया है।
- कार्यान्वयन एजेंसी: C-DAC (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग)।
- उद्देश्य: घरेलू स्टार्ट-अप्स एवं MSMEs को वित्तीय प्रोत्साहन और उन्नत डिजाइन अवसंरचना प्रदान करके एक मजबूत व आत्मनिर्भर चिप डिजाइन तंत्र तैयार करना।
- योजना के लाभ:
- यह योजना अग्रलिखित दो श्रेणियों में वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करती है: उत्पाद डिज़ाइन से संबद्ध प्रोत्साहन और परिनियोजन (Deployment) से संबद्ध प्रोत्साहन।
- डिजाइन अवसंरचना सहायता: स्वीकृत कंपनियों को ChipIN सेंटर के माध्यम से सहायता दी जाती है। इसमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- नेशनल इलेक्ट्रॉनिक डिजाइन ऑटोमेशन (EDA) टूल ग्रिड तक रिमोट एक्सेस;
- IP कोर रिपॉजिटरी तक पहुंच;
- प्रोटोटाइपिंग (MPW) और सिलिकॉन चरण के बाद चिप का सत्यापन संबंधी सहायता।
- DLI योजना के तहत पात्रता:
- स्टार्ट-अप्स और MSMEs सेमीकंडक्टर उत्पाद डिजाइन और परिनियोजन (Deployment) के लिए वित्तीय प्रोत्साहन तथा अवसंरचना सहायता के पात्र हैं।
- अन्य घरेलू कंपनियां सेमीकंडक्टर डिजाइन को परिनियोजित करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन की पात्र हैं।
