यह रिपोर्ट 2025 में वैश्विक और राष्ट्रों के स्तर पर बिजली उत्पादन का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करती है। साथ ही, यह बताती है कि स्वच्छ ऊर्जा तेजी से बिजली की बढ़ती मांग को पूरा कर रही है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
- सौर ऊर्जा द्वारा मांग की पूर्ति: वर्ष 2025 में विश्व में बिजली की मांग में वृद्धि का लगभग 75% सौर ऊर्जा ने पूरा किया। इस तरह सौर ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा में मुख्य योगदानकर्ता बनकर उभरी।
- नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी: वर्ष 2025 में, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों ने वैश्विक बिजली उत्पादन में रिकॉर्ड 33.8% का योगदान दिया, जो कोयले (33.0%) के योगदान से भी अधिक है। ऐसा पिछली एक सदी में पहली बार हुआ है।
- जीवाश्म ईंधन स्रोतों के योगदान में गिरावट: जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन में -0.2% का आंशिक बदलाव दर्ज हुआ, जो इसमें ठहराव/गिरावट को दर्शाता है।
- चीन का प्रभुत्व: वैश्विक सौर ऊर्जा क्षमता वृद्धि में आधे से अधिक योगदान चीन का रहा। चीन में कुल बिजली उत्पादन में सौर और पवन ऊर्जा की हिस्सेदारी 22% तक पहुंच गई।
- रिपोर्ट में भारत से संबद्ध विशेष तथ्य:
- जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन में कमी: भारत में जीवाश्म ईंधन स्रोतों से बिजली उत्पादन में 3.3% की गिरावट दर्ज की गई। यह पुराने रुझानों के वनिस्पत एक बड़े बदलाव का संकेत है।
- स्वच्छ ऊर्जा का तेजी से विस्तार: नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में 24% की वृद्धि दर्ज की गई। भारत में अब सौर ऊर्जा, जलविद्युत को पीछे छोड़कर सबसे बड़ा स्वच्छ ऊर्जा स्रोत बन गई है।
- सौर ऊर्जा क्षमता का रिकॉर्ड: भारत ने 2025 में 38 गीगावाट (GW) सौर ऊर्जा क्षमता जोड़ी, और इस मामले में यह पहली बार संयुक्त राज्य अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया।
- विश्व स्तर पर प्रभाव बनाने में सफलता: चीन के साथ मिलकर भारत ने दुनिया भर में जीवाश्म ईंधन के बढ़ते इस्तेमाल को रोकने में मदद की।
स्वच्छ ऊर्जा में संवृद्धि के लिए उत्तरदायी कारक
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