विश्व संसाधन संस्थान (WRI)-भारत ने प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के अनुरोध पर यह रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में भारत के लिए राष्ट्रीय शहरीकरण नीति (NUP) बनाने के लिए तथ्य-आधारित सुझाव दिए गए हैं।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर
शहरीकरण की समस्या | सुझाव/समाधान |
छिपा हुआ शहरीकरण:भारत में 7,428 छोटे शहर हैं। इनमें से कई जनगणना नगर (सेंसस टाउन) अभी भी ग्रामीण प्रशासन के अंतर्गत हैं। | शहरों के वर्गीकरण और नगर निकाय के गठन के मानदंडों को एक समान किया जाए। |
शहरों का बाहरी क्षेत्रों में विस्तार/परिनगरीय (पेरी-अर्बन विस्तार):शहरों का विकास नगर निगम की सीमाओं से बाहर हो रहा है। उदाहरण के लिए: बेंगलुरु में इलेक्ट्रॉनिक सिटी। | बाहरी शहरी क्षेत्रों के लिए शहर-क्षेत्र नियोजन (City-Region Planning) अपनाई जाए। |
अलग-अलग योजना बनाना:आवास, परिवहन और उद्योग की योजना अलग-अलग बनाई जाती है। | प्रादेशिक योजनाओं को भूमि उपयोग, आवास, परिवहन और अवसंरचना के लिए साझा आधार बनाया जाए। |
अवसंरचना की कमी:लगभग 17% अपशिष्ट एकत्र नहीं किया जाता, जबकि केवल 26% अपशिष्ट का उपचार होता है। | विशेषकर छोटे शहरों में एकीकृत अवसंरचना विकास को प्राथमिकता दी जाए। |
आवास की कमी:शहरी आवास की कमी 2012 में 1.878 करोड़ इकाइयों से बढ़कर 2018 में लगभग 2.9 करोड़ इकाइयाँ हो गई। | वहनीय, आवश्यक सुविधाओं से युक्त और जलवायु-अनुकूल आवास उपलब्ध कराया जाए। |
जलवायु संबंधी खतरा:3°C तापमान वृद्धि की स्थिति में भारत के 103 शहरों में वर्ष में 150 या उससे अधिक दिन तापमान 35°C से ऊपर रह सकता है। | जलवायु-अनुकूल और बहु-आपदा प्रबंधन योजना को शहरी नियोजन में शामिल किया जाए। |
प्रशासनिक विभागों में समन्वय की कमी:कई मंत्रालय और एजेंसियां अलग-अलग कार्य करती हैं। | मंत्रालयों के बीच समन्वय के लिए राष्ट्रीय शहरीकरण परिषद और राज्य शहरीकरण परिषद गठित की जाएँ। |
नगर निकायों की कमजोर वित्तीय स्थिति:74वें संविधान संशोधन के बाद भी पूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों का हस्तांतरण नहीं हुआ है। संपत्ति कर से केवल GDP का लगभग 0.15% प्राप्त होता है। | नगर निकायों को 3Fs — कार्य , धनराशि और कर्मचारी के माध्यम से सुदृढ़ किया जाए। |
शहर पर डेटा की कमी: शहरों के आसपास के क्षेत्रों में हो रहे विकास को सही तरीके से दर्ज नहीं किया जाता। | राष्ट्रीय शहरी डेटा प्रणाली और ज्ञान-साझाकरण नेटवर्क विकसित किया जाए। |
