वैज्ञानिकों ने जनरेटिव AI का उपयोग करके पूरी तरह नए बैक्टीरियोफेज तैयार किए हैं। बैक्टीरियोफेज ऐसे वायरस होते हैं जो बैक्टीरिया को संक्रमित और नष्ट करते हैं।
AI सृजित वायरस/जीनोम के बारे में
- AI मॉडल ने ऐसे DNA अनुक्रम तैयार किए जो संभावित रूप से किसी वायरस के आनुवंशिक खाके के रूप में कार्य कर सकते हैं।
- वैज्ञानिकों ने AI को लाखों मौजूदा आनुवंशिक अनुक्रम उपलब्ध कराए।
- AI ने इन अनुक्रमों में मौजूद पैटर्न को सीखा। इसके बाद AI ने ऐसे नए DNA अनुक्रम तैयार किए जो प्रकृति में पहले उपस्थित नहीं थे।
- महत्व: यह तकनीक दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया के विरुद्ध विशेष रूप से तैयार किए गए वायरस विकसित करने की संभावनाएँ बढ़ा सकती है।
नासा के वॉयजर-2 मिशन को एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया।
वॉयजर-2 के बारे में
- वॉयेजर-2 नासा का एक अंतरग्रहीय अंतरिक्ष यान है, जिसे 1977 में बाहरी सौरमंडल और अंतरतारकीय अंतरिक्ष का अध्ययन करने के लिए प्रक्षेपित किया गया था।
- विशेष उपलब्धि: यह एकमात्र अंतरिक्ष यान है जिसने सौरमंडल के चारों विशाल ग्रहों—बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून—के निकट से उड़ान भरा है।
- यह यूरेनस और नेपच्यून के पास से उड़ान भरने वाला पहला अंतरिक्ष यान था।
- वर्तमान स्थिति: वॉयजर-2 वर्तमान में हेलियोपॉज से परे अंतरतारकीय अंतरिक्ष (Interstellar Space) का अवलोकन कर रहा है।
- यह वॉयजर-1 के बाद ऐसी उपलब्धि प्राप्त करने वाला दूसरा और एकमात्र अन्य अंतरिक्ष यान है। इसका उद्देश्य सूर्य के प्रभाव की बाहरी सीमा का अध्ययन करना है।
हेलियोपॉज के बारे में
- हेलियोपॉज हेलियोस्फीयर की बाहरी सीमा है। इस सीमा पर सौर पवन का प्रभाव कम हो जाता है और अंतरतारकीय अंतरिक्ष शुरू होता है।
अशोका विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने ACSCeND (AI-आधारित कैंसर स्टेम-जैसे सेल प्रोफ़ाइलर और नियोप्लाज़्म डिकनवोल्यूटर) नामक एक AI-आधारित तकनीक विकसित की है।
ACSCeND के बारे में
- यह तकनीक शरीर में उपस्थित छिपी हुई कैंसर स्टेम-जैसी कोशिकाओं (CSCs) की पहचान करने में मदद करती है।
- CSCs (कैंसर स्टेम जैसी कोशिकाएं) ट्यूमर कोशिकाओं का एक बहुत छोटा समूह होती हैं, जो उपचार के बाद भी जीवित रह सकती हैं और कैंसर के दोबारा होने, शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलने और दवाओं के प्रति प्रतिरोध जैसी समस्याओं का कारण बन सकती हैं।
- कार्यप्रणाली: यह एकल-कोशिकीय सीक्वेंसिंग से प्राप्त जानकारी का उपयोग करके बल्क ट्यूमर RNA सीक्वेंसिंग का विश्लेषण कर सकता है।
- ACSCeND का महत्व: मरीज के कैंसर के अनुसार अधिक लक्षित उपचार विकसित करने में सहायक, कैंसर के उपचार के लिए नई दवाओं के विकास में सहायता, बड़ी संख्या में मरीजों के नमूनों के विश्लेषण में, अधिक किफायती।
Article Sources
1 sourceसंसद ने केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 पारित कर दिया है। इसका उद्देश्य संविधान में राज्य का नाम “केरल” से बदलकर “केरलम” करना है।
संविधान का अनुच्छेद 3 के बारे में
- अनुच्छेद 3 के तहत संसद कानून बनाकर किसी वर्तमान राज्य का नाम, क्षेत्र या सीमा बदल सकती है। इसी अनुच्छेद के तहत नया राज्य बनाया भी जा सकता है।
नाम/सीमा परिवर्तन की प्रक्रिया
- राष्ट्रपति की अनुमति→ राज्य विधानमंडल को भेजना → संसद द्वारा पारित → राष्ट्रपति की सहमति।
प्रमुख प्रावधान
- ऐसा विधेयक संसद के किसी भी सदन में केवल राष्ट्रपति की अनुमति से ही प्रस्तुत किया जा सकता है।
- यदि प्रस्ताव से किसी राज्य के नाम, क्षेत्र या सीमा में परिवर्तन होता है, तो राष्ट्रपति उस विधेयक को संबंधित राज्य विधानमंडल के पास उसकी राय जानने के लिए भेजते हैं।
- राज्य विधानमंडल द्वारा दी गई राय संसद के लिए बाध्यकारी नहीं होती। संसद उस राय को स्वीकार या अस्वीकार कर सकती है।
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1 sourceउच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पारिस्थितिक संवेदनशील क्षेत्र (इको-सेंसिटिव जोन: ESZ) को 10 किलोमीटर से घटाकर 1 किलोमीटर किया जाएगा।
इको-सेंसिटिव जोन (ESZ) के बारे में
- पारिस्थितिक संवेदनशील क्षेत्र या इको-सेंसिटिव जोन पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों, विशेष रूप से संरक्षित क्षेत्रों के आसपास बनाया गया एक बफर/संक्रमण (ट्रांजीशन) क्षेत्र है। यहाँ विकास संबंधी गतिविधियों को नियंत्रित किया जाता है, ताकि पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
- ESZ को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा निम्न प्रावधानों के तहत अधिसूचित किया जाता है:
- पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 3(2)(v),
- पर्यावरण (संरक्षण) नियम, 1986 का नियम 5.
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के बारे में
- यह असम के गोलाघाट, नागांव और बिस्वनाथ जिलों में विस्तृत है।
- यह ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे स्थित है।
- यहाँ विस्तृत घास के मैदान, आर्द्रभूमि और वन पाए जाते हैं।
- इसे 1985 में प्राकृतिक विरासत की श्रेणी के तहत यूनेस्को विश्व विरासत स्थल सूची में शामिल किया गया था।
- काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व, दोनों है।
हाल ही में यूरोप के कुछ हिस्सों में पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) दिखाई दिया।
पूर्ण सूर्य ग्रहण के बारे में
- पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) तब होता है जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है तथा सूर्य के दृश्य भाग (Visible Disc) को पूरी तरह ढक लेता है।
- मुख्य विशेषता: पूर्ण ग्रहण के दौरान सूर्य का बहुत मद्धिम बाहरी वायुमंडल, जिसे 'कोरोना' कहा जाता है, दिखाई देने लगता है।
- वैज्ञानिक महत्व: पूर्ण सूर्य ग्रहण वैज्ञानिकों को सूर्य के कोरोना, सौर चुंबकीय क्षेत्र और संबंधित सौर गतिविधियों का अध्ययन करने का विशेष अवसर प्रदान करता है।
- इसमें कोरोनल मास इजेक्शन (CME) जैसी सौर गतिविधियों का अध्ययन भी किया जा सकता है, जो उपग्रहों, GPS और संचार प्रणालियों को प्रभावित कर सकती हैं।
जनजातीय नेताओं ने अंडमान और निकोबार द्वीप प्रशासन पर शोम्पेन जनजाति को “आधुनिक जीवनशैली” अपनाने की ओर धकेलने का आरोप लगाया है।
शोम्पेन जनजाति के बारे में
- शोम्पेन भारत के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (Particularly Vulnerable Tribal Groups) में शामिल हैं।
- ये मुख्य रूप से ग्रेट निकोबार द्वीप के घने उष्णकटिबंधीय वर्षावनों में रहते हैं।
- इन्हें सामान्यतः मंगोलाइड समूह से संबंधित माना जाता है।
- 2011 की जनगणना के अनुसार, शोम्पेन की अनुमानित जनसंख्या 229 थी।
- ये मुख्य रूप से शिकारी और खाद्य-संग्रहकर्ता हैं।
- परंपरागत रूप से ये जंगली सूअर, अजगर, मॉनिटर छिपकली, मगरमच्छ आदि का शिकार करते रहे हैं।
- शोम्पेन अर्ध-घुमंतू जीवन जीते हैं। ये किसी एक स्थान पर स्थायी रूप से बसाए नहीं गए हैं और किसी निश्चित आरक्षित वन क्षेत्र में इनका स्थायी उपनिवेशीकरण नहीं हुआ है।
RBI ने नई ऋण ब्याज दर व्यवस्था का प्रस्ताव दिया, जिसमें फ्लोटिंग ब्याज दर वाले ऋणों के लिए नियम सख्त होंगे।
फ्लोटिंग ब्याज दर वाले ऋण के बारे में
- ऐसा ऋण जिसमें ब्याज दर समय-समय पर किसी आधार-दर (बेंचमार्क) के अनुसार बदलती रहती है।
- बेंचमार्क से संबद्ध: यह ऋण किसी आधार दर से जुड़ा होता है, जैसे RBI की रेपो दर, ट्रेजरी बिल की यील्ड या अन्य स्वीकृत बाहरी बेंचमार्क।
- ऋण लेने वालों पर प्रभाव: ब्याज दर बढ़ने या घटने से EMI और/या ऋण की अवधि बदल सकती है।
- मौद्रिक नीति का प्रभाव: बाहरी बेंचमार्क से संबद्ध ब्याज दर व्यवस्था के कारण RBI की नीतिगत दरों में बदलाव का प्रभाव शीघ्र ऋण लेने वालों तक पहुँचता है।
Article Sources
1 sourceकेंद्रीय आयुष मंत्रालय और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने ‘वन हर्ब वन स्टैंडर्ड’ पहल को लागू करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) को नवीनीकृत किया है।
‘वन हर्ब वन स्टैंडर्ड’ पहल के बारे में
- शुरुआत: यह पहल 2022 में शुरू की गई थी और शुरुआत में इसकी अवधि 3 वर्ष रखी गई थी।
- उद्देश्य: इसका उद्देश्य एक ही हर्ब यानी औषधीय पादप के लिए वर्तमान अलग-अलग मानकों को मिलाकर एक समान और सामंजस्यपूर्ण मानक तैयार करना है।
- यह समझौता भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी के लिए फार्माकोपिया आयोग (PCIM&H) (आयुष मंत्रालय) और भारतीय फार्माकोपिया आयोग (केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय) के बीच हुआ।
- महत्व:
- पारंपरिक दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद करता है।
- पारंपरिक औषधियों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को बढ़ाता है।
- भारत की जैव विविधता और पारंपरिक औषधीय विरासत को संरक्षित करने में मदद करता है।