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करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

ड्यूक यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन ने आंत में एक नए "सेंस" (इंद्रिय) का सुझाव दिया है। इसका संबंध माइक्रोबायोम से बताया गया है। 

  • माइक्रोबायोम बैक्टीरिया, कवक, वायरस और आर्किया का एक समुदाय है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता, पाचन और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।

फ्लैगेलिन के बारे में

  • इस माइक्रोबायोम के भीतर, बैक्टीरिया के फ्लैगेलाफ्लैगेलिन नामक एक प्राचीन प्रोटीन उत्सर्जित करता है।
    •  फ्लैगेला में गति के लिए पूंछ जैसी संरचनाएं होती हैं। 
  • कार्यप्रणाली:
    • न्यूरोपॉड नामक आंत की कुछ विशेष कोशिकाएं TLR5 रिसेप्टर का उपयोग करके फ्लैगेलिन का पता लगाती हैं।
    • इसके बाद, ये न्यूरोपॉड वेगस तंत्रिका के माध्यम से मस्तिष्क को संकेत भेजते हैं। वेगस शरीर की सबसे लंबी स्वायत्त तंत्रिका है,
    • यह प्रक्रिया भूख को नियंत्रित करने में मदद करती है।
  • महत्त्व:
    • इस खोज से मोटापा, अवसाद और चिंता जैसी बीमारियों के लिए नए उपचार विकसित करने का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।

डार्विन ट्री ऑफ लाइफ (DTOL) प्रोजेक्ट का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है।

डार्विन ट्री ऑफ लाइफ (DTOL) प्रोजेक्ट के बारे में

  • इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य ब्रिटेन और आयरलैंड में पाई जाने वाली 70,000 यूकैरियोटिक प्रजातियों के जीनोम का अनुक्रमण करना है।
  • DTOL, अर्थ बायोजीनोम प्रोजेक्ट (EBP) की कई पहलों में से एक है।
    • EBP एक वैश्विक नेटवर्क द्वारा कार्यान्वित की जा रही है, जिसमें शोधकर्ता, संस्थान और संबद्ध प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
    • EBP का लक्ष्य दस वर्षों की अवधि में पृथ्वी पर मौजूद सभी यूकैरियोटिक प्रजातियों के जीनोम का अनुक्रमण, वर्गीकरण और लक्षण वर्णन करना है।
      • यूकैरियोटिक एक प्रकार की कोशिका होती है जिसमें केंद्रक और अन्य झिल्ली-बद्ध कोशिकांग (Organelles) होते हैं।

दुनिया में अब तक अज्ञात एक नए दुर्लभ रक्त समूह की खोज की गई।

क्रोमर (CR) रक्त समूह के बारे में

  • CR रक्त समूह लाल रक्त कोशिकाओं पर पाए जाने वाले एंटीजन का समूह है। ये एंटीजन डिके-एक्सेलेरेटिंग फैक्टर (Decay-Accelerating Factor - DAF) या CD55 पर मौजूद होते हैं।
    • रक्त समूह एंटीजन वे अणु होते हैं जो लाल रक्त कोशिकाओं की सतह पर पाए जाते हैं।
  • इस रक्त समूह प्रणाली में 12 हाई-प्रेवलेन्स और तीन लो-प्रेवलेन्स एंटीजन होते हैं।
  • इसकी उत्पत्ति को मान्यता देते हुए, इस नए रक्त समूह को आधिकारिक तौर पर 'CRIB' नाम दिया गया है। इसमें CR का मतलब क्रोमर और IB का मतलब इंडिया, बेंगलुरु है।
  • दुर्लभ रक्त प्रकार: किसी व्यक्ति का रक्त प्रकार तब दुर्लभ माना जाता है जब वह केवल 0.1% आबादी में मौजूद हो। 

राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग ने मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को सभी मरीजों के लिए रोगी पंजीकरण के साथ-साथ आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा/ABHA) ID दर्ज करने का निर्देश दिया है।

आभा ID के बारे में

  • यह 14 अंकों की संख्या है जो भारत की डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली में मरीजों की विशिष्ट पहचान प्रदान करती है।
  • इसे देश भर के स्वास्थ्य-देखभाल सेवा प्रदाताओं द्वारा स्वीकार किया जाएगा।
  • स्वैच्छिक ऑप्ट-आउट: मरीज अपनी इच्छा से इसमें भाग ले सकते हैं और किसी भी समय वे अपने ABHA नंबर को स्थायी रूप से हटाने या अस्थायी रूप से निष्क्रिय करने का अनुरोध कर सकते हैं।

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के बारे में

उद्देश्य: देश के एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना को समर्थन देने के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना विकसित करना। 

रामसर कन्वेंशन पर पक्षकारों का 15वां सम्मेलन (COP-15) जिम्बाब्वे में आयोजित हुआ। इस सम्मेलन के साथ आर्द्रभूमि संरक्षण और पुनरुद्धार के लिए IBRRI कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

भारत-बर्मा रामसर क्षेत्रीय पहल (IBRRI) के बारे में

  • उद्देश्य: रामसर कन्वेंशन की रणनीतिक योजना के उद्देश्यों को लागू करने में मदद करना। IBRR का सचिवालय IUCN में स्थित है।
  • यह IUCN की ब्रिज/BRIDGE (बिल्डिंग रिवर डायलॉग एंड गवर्नेंस) परियोजना द्वारा समर्थित है।
  • सदस्य देश: कंबोडिया, लाओस, म्यांमार, थाईलैंड और वियतनाम।
  • COP15 में ‘रणनीतिक योजना 2025-2030’ का शुभारंभ: इसका उद्देश्य सदस्य देशों में आर्द्रभूमि के नुकसान को रोकना और आर्द्रभूमियों को पुनः उनकी प्राकृतिक स्थिति में लाना है।  

ब्रिज/BRIDGE (बिल्डिंग रिवर डायलॉग एंड गवर्नेंस) के बारे में

  • उद्देश्य: साझा जल संसाधनों के संधारणीय प्रबंधन और विकास को बढ़ावा देना, जल सुरक्षा सुनिश्चित करना, जैव विविधता का संरक्षण करना और देशों के बीच शांतिपूर्ण सहयोग को बढ़ावा देना।

हाल ही में, भारतीय नौसेना को एडवांसड गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट हिमगिरि सौंपा गया। यह नीलगिरि क्लास (प्रोजेक्ट 17A) का तीसरा पोत है।

  • फ्रिगेट्स का उद्देश्य बेड़े के अन्य जहाजों को समुद्री खतरों, विशेषकर पनडुब्बियों से रक्षा करना होता है।

प्रोजेक्ट 17A के बारे में

  • यह शिवालिक-क्लास (परियोजना 17) की अगली कड़ी है।
  • इस परियोजना के तहत सात फ्रिगेट मझगांव डॉक (मुंबई) और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) कोलकाता द्वारा स्वदेशी रूप से बनाए जा रहे हैं। 
  • स्टील्थ और आधुनिक युद्ध के लिए तैयार: ये पोत ब्लू-वॉटर अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे पारंपरिक और अपारंपरिक, दोनों प्रकार के खतरों से निपटा जा सके।
  • इस श्रेणी के पोत ब्रह्मोस सुपरसोनिक, बराक 8 मिसाइल प्रणाली, आदि से लैस है। 

भारत के राष्ट्रपति, भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालयों में अपर न्यायाधीशों की नियुक्ति करते हैं।

अपर न्यायाधीशों के बारे में

  • संविधान के अनुच्छेद 224 के तहत अपर न्यायाधीश की नियुक्ति अधिकतम दो वर्ष की अवधि के लिए की जाती है और नियुक्त न्यायाधीश 62 वर्ष की आयु तक ही पद पर बने रह सकते हैं।
  • नियुक्ति के कारण: जब किसी उच्च न्यायालय में कार्यभार में अस्थायी वृद्धि हो या लंबित मामलों की संख्या अधिक हो, तब इनकी नियुक्ति की जाती है। 
  • भारत के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से, उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या को स्थायी और अतिरिक्त न्यायाधीशों में 75:25 के अनुपात में विभाजित किया जाता है।

लोक-सभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता करने के लिए एक सांसद को लोक-सभा अध्यक्ष पैनल में नामित किया है।

अध्यक्षों के पैनल के नामांकन के बारे में 

  • लोक सभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली की धारा 9 में कहा गया है कि:
    • सत्र के आरंभ में या आवश्यकतानुसार, लोक-सभा अध्यक्ष अधिकतम 10 सांसदों को अध्यक्ष के पैनल के रूप में नामित कर सकते हैं।
    • अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति में पैनल में नामित कोई भी सदस्य सदन की अध्यक्षता कर सकता है।
      • ऐसा तभी किया जा सकता है जब लोक-सभा अध्यक्ष द्वारा अनुरोध किया गया हो या, यदि अध्यक्ष अनुपस्थित हों, तो उपाध्यक्ष द्वारा अनुरोध किया गया हो।
    • नामित अध्यक्ष तब तक पद पर बने रहते हैं जब तक कि नया पैनल नियुक्त नहीं हो जाता।
    • यदि सत्र के दौरान पैनल का कोई सदस्य भी उपस्थित न हो, तो सदन द्वारा निर्धारित कोई अन्य सदस्य लोक-सभा का कार्यवाहक अध्यक्ष की भूमिका निभाता है।
    • यदि लोक-सभा अध्यक्ष या उपाध्यक्ष का पद रिक्त हो, तो पैनल के सदस्य सदन की अध्यक्षता नहीं कर सकते; ऐसे में राष्ट्रपति किसी सदस्य को अस्थायी अध्यक्ष के रूप में नियुक्त करते हैं। 
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