नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर फ्यूज़न साइंस के शोधकर्ताओं ने प्रथम-सिद्धांत (First-principles) सूत्रीकरण प्रस्तुत किया है।
- यह सिद्धांत समझाता है कि क्वांटम इलेक्ट्रोडायनेमिक्स (QED) से पारंपरिक विद्युत-चुंबकीय क्षेत्र प्रत्यक्ष रूप से कैसे उत्पन्न होते हैं।
क्वांटम इलेक्ट्रोडायनेमिक्स (QED) के बारे में
- क्वांटम इलेक्ट्रोडायनेमिक्स (QED) विद्युत आवेशित कणों का एक सापेक्षिक क्वांटम सिद्धांत है। इसमें कणीय पदार्थ (पार्टिकल्स) फोटॉनों के आदान-प्रदान के माध्यम से परस्पर अभिक्रिया करते हैं।
- क्वांटम स्तर पर विद्युत-चुंबकीय बल की व्याख्या QED द्वारा की जाती है।
- वर्ष 1965 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से शिन-इतीरो टोमोनागा, जुलियन श्विंगर और रिचर्ड पी. फाइनमैन को “क्वांटम इलेक्ट्रोडायनेमिक्स में उनके मौलिक योगदान” के लिए प्रदान किया गया था।
- अनुप्रयोग: कणीय भौतिकी, क्वांटम ऑप्टिक्स, अर्धचालक (सेमीकंडक्टर) और लेजर प्रौद्योगिकियों, आदि में।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर ने भुगतान विनियामक बोर्ड (Payments Regulatory Board) की पहली बैठक की अध्यक्षता की।
भुगतान विनियामक बोर्ड के बारे में
- इसकी स्थापना 2025 में RBI द्वारा संदाय और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के अंतर्गत की गई।
- अधिदेश (मैंडेट): इलेक्ट्रॉनिक/गैर-इलेक्ट्रॉनिक, घरेलू और सीमा-पार (क्रॉस-बॉर्डर) जैसी सभी प्रकार की भुगतान प्रणालियों का विनियमन और पर्यवेक्षण करना।
- इस बोर्ड ने भुगतान और निपटान प्रणाली विनियमन एवं पर्यवेक्षण बोर्ड (BPSS) का स्थान लिया है।
- संरचना: इस बोर्ड की अध्यक्षता RBI का गवर्नर करते हैं। इसमें RBI के दो प्रतिनिधि और केंद्र सरकार द्वारा नामित तीन सदस्य शामिल होते हैं।
पुरातत्वविदों ने वर्तमान पाकिस्तान के तक्षशिला के पास एक यूनेस्को-विरासत स्थल से कुषाण काल के दुर्लभ सिक्के और सजावटी जवाहरात खोजे हैं।
- इन खोजों में लाजवर्द मणि (लैपिस लाजुली) जैसे बहुमूल्य जवाहरात भी शामिल हैं।
कुषाण वंश के बारे में
- इन्होंने पहली शताब्दी ईसा पूर्व से तीसरी शताब्दी ई. तक शासन किया।
- उत्पत्ति: कुषाण की उत्पत्ति मध्य एशिया की यू-ची (Yueh-chi) जनजाति से माना जाता है। इन्होंने कई क्षेत्रों में एक विशाल साम्राज्य स्थापित किया।
- कनिष्क प्रथम: वह सबसे महान कुषाण शासक था। उसने बौद्ध धर्म को संरक्षण दिया, चतुर्थ बौद्ध संगीति का आयोजन किया और रेशम मार्ग (सिल्क रूट) से व्यापार को मजबूत किया।
- प्रशासन: कुषाण साम्राज्य को क्षत्रपीय प्रणाली (प्रांतों) में विभाजित किया गया था, जिसका शासन क्षत्रपों द्वारा किया जाता था। इससे विकेंद्रीकृत शासन-व्यवस्था का संकेत मिलता है।
- साम्राज्य का विस्तार: उत्तर-पश्चिम भारत (गांधार, कश्मीर); मथुरा क्षेत्र; गंगा–यमुना दोआब के माध्यम से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ भाग तक।
- अर्थव्यवस्था: कुषाणों ने बड़ी संख्या में स्वर्ण सिक्के जारी किए। यह मुद्रा आधारित अर्थव्यवस्था और सुदूर व्यापारिक संबंधों की मजबूती का संकेत है।
डेनमार्क की प्रधानमंत्री ने ग्रीनलैंड पर अधिकार करने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को खारिज कर दिया।
ग्रीनलैंड का सामरिक महत्व

- सैन्य और सुरक्षा अवसंरचना:
- ग्रीनलैंड अपनी भौगोलिक अवस्थिति के कारण उत्तरी अमेरिका और नाटो (NATO) की सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
- यह संयुक्त राज्य अमेरिका की बैलिस्टिक मिसाइल प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली की स्थापना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- यह ध्रुवीय कक्षा (Polar-orbiting) वाले उपग्रहों की निगरानी के लिए स्थलीय स्टेशनों के लिए भी आदर्श स्थल है।
- ध्रुवीय कक्षा वाले उपग्रहों का उपयोग खुफिया, नेविगेशन आदि कार्यों में होता है।
- अति-महत्वपूर्ण (क्रिटिकल) खनिज और प्राकृतिक संसाधन:
- ग्रीनलैंड में दुर्लभ मृदा तत्वों (Rare Earth Minerals) के विशाल और बहुत-हद तक अप्रयुक्त निक्षेप (भंडार) मौजूद हैं।
- नया आर्कटिक-नौवहन मार्ग:
- बर्फ के पिघलने से ध्रुवीय क्षेत्र से होकर गुजरने वाले समुद्री मार्ग (Trans-polar Sea Route) खुल रहे हैं।
- ये मार्ग अटलांटिक और प्रशांत महासागरों के बीच यात्रा का समय काफी घटा सकते हैं और जहाज़ों को पनामा और स्वेज नहर जैसे भीड़भाड़ वाले समुद्री मार्गों से होकर नहीं जाना पड़ेगा।