"राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम" का आंशिक कार्यान्वयन आरंभ हुआ | Current Affairs | Vision IAS
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

ESC

In Summary

  • राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 1 जनवरी, 2026 से राष्ट्रीय खेल सुरक्षा परिषद (एनएसबी), राष्ट्रीय खेल सुरक्षा परिषदों (एनएसबी) और राष्ट्रीय खेल सुरक्षा परिषद (एनएसटी) जैसे संस्थागत तंत्रों की स्थापना करता है।
  • एनएसबी सर्वोच्च नियामक निकाय है; एनएसबी में एनओसी, एनपीसी, एनएसएफ, आरएसएफ शामिल हैं; एनएसटी खेल विवादों को संभालता है।
  • इस अधिनियम में नैतिक ढांचा, सुरक्षित खेल नीति अनिवार्य की गई है और खेल निकायों को अधिकार क्षेत्र के तहत सार्वजनिक प्राधिकरणों के रूप में माना गया है।

In Summary

1 जनवरी, 2026 से इस अधिनियम के संस्थागत तंत्र जैसे कि राष्ट्रीय खेल निकायों की स्थापना प्रभावी हो गई है। इन खेल निकायों में राष्ट्रीय ओलंपिक समिति, राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति, राष्ट्रीय खेल महासंघ और क्षेत्रीय खेल महासंघ शामिल हैं।  

राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम (National Sports Governance Act) के मुख्य प्रावधानों पर एक नजर

  • संस्थागत संरचना 
    • राष्ट्रीय खेल बोर्ड (NSB) की स्थापना: इसे एक शीर्ष विनियामक संस्था के रूप में डिजाइन किया गया है। इसके पास राष्ट्रीय खेल निकायों को मान्यता देने, मान्यता का नवीनीकरण करने, निलंबित करने या रद्द करने का अधिकार होगा। इसके अन्य कार्यों में निम्नलिखित शामिल हैं:
      • राष्ट्रीय खेल निकायों का रजिस्टर बनाए रखना;
      • अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय खेल निकायों के साथ सहयोग करना आदि।
    • मान्यता प्राप्त खेल संगठनों के लिए राष्ट्रीय खेल शासी निकायों (NSBs) की स्थापना:
      • राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (NOC): यह भारत में ओलंपिक खेलों के लिए एकमात्र शासी निकाय है।
      • राष्ट्रीय पैरालंपिक समिति (NPC): यह पैरालंपिक खेलों के लिए एकमात्र शासी निकाय है।
      • अन्य निकाय: राष्ट्रीय खेल संघ (NSF), क्षेत्रीय खेल संघ (RSF) आदि।
    • राष्ट्रीय खेल अधिकरण (NST) की स्थापना: यह खेल से संबंधित विवादों का स्वतंत्र, त्वरित, प्रभावी और किफायती निपटान सुनिश्चित करेगा। हालांकि, इसके अधिकार क्षेत्र में निम्नलिखित शामिल नहीं हैं:
      • ओलंपिक खेलों, पैरालंपिक खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों आदि के दौरान उत्पन्न होने वाला कोई भी विवाद।
      • डोपिंग से संबंधित विवाद, जहां 'राष्ट्रीय डोपिंग रोधी अधिनियम, 2022' का अनन्य अधिकार क्षेत्र है।
    • राष्ट्रीय खेल निर्वाचन पैनल: यह खेल महासंघों में निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अनुभवी पूर्व निर्वाचन अधिकारियों का एक केंद्रीय रोस्टर होगा।
  • नैतिक और सुरक्षित खेल ढांचा: यह एक 'आचार संहिता' अपनाने और 'सुरक्षित खेल नीति' को बढ़ावा देने का आह्वान करता है। इससे खिलाड़ियों विशेष रूप से महिलाओं और नाबालिगों को उत्पीड़न, दुर्व्यवहार एवं भेदभाव से बचाया जा सकेगा।
  • जवाबदेही और पारदर्शिता
    • लोक प्राधिकरण (RTI): मान्यता प्राप्त खेल निकायों को आरटीआई अधिनियम, 2005 के तहत 'लोक प्राधिकरण' माना जाएगा।
    • वित्तीय निगरानी: NSB के खातों का लेखा-परीक्षण भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा किया जाएगा।
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

लोक प्राधिकरण (RTI)

सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत, ऐसे निकाय जिन्हें जनता को जानकारी प्रदान करने के लिए बाध्य किया जा सकता है। मान्यता प्राप्त खेल निकायों को इसके तहत लाया गया है।

नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG)

भारत का एक संवैधानिक प्राधिकरण जो सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के खातों का लेखा-परीक्षण करता है। यहां, NSB के खातों का ऑडिट करेगा।

राष्ट्रीय डोपिंग रोधी अधिनियम, 2022

यह अधिनियम डोपिंग से संबंधित विवादों के लिए एक विशेष अधिकार क्षेत्र स्थापित करता है, जो राष्ट्रीय खेल अधिकरण के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet