विभिन्न क्षेत्रकों में बढ़ती मांगों के बीच 'बियॉन्ड-लिथियम' विकल्प बैटरियां उभर रही हैं | Current Affairs | Vision IAS

Upgrade to Premium Today

Start Now
मेनू
होम

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्रासंगिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विकास पर समय-समय पर तैयार किए गए लेख और अपडेट।

त्वरित लिंक

High-quality MCQs and Mains Answer Writing to sharpen skills and reinforce learning every day.

महत्वपूर्ण यूपीएससी विषयों पर डीप डाइव, मास्टर क्लासेस आदि जैसी पहलों के तहत व्याख्यात्मक और विषयगत अवधारणा-निर्माण वीडियो देखें।

करंट अफेयर्स कार्यक्रम

यूपीएससी की तैयारी के लिए हमारे सभी प्रमुख, आधार और उन्नत पाठ्यक्रमों का एक व्यापक अवलोकन।

अपना ज्ञान परखें

आर्थिक अवधारणाओं में महारत हासिल करने और नवीनतम आर्थिक रुझानों के साथ अपडेट रहने के लिए गतिशील और इंटरैक्टिव सत्र।

ESC

लिथियम आयन बैटरियों के अलावा सोडियम तथा फ्लोराइड आयन बैटरियां संभावना वाले विकल्प के रूप में सामने आ रही हैं।

सोडियम-आयन बैटरी के बारे में

  • अर्थ: यह बैटरी लिथियम-आयन बैटरी की तरह ही कार्य करती है, लेकिन इसमें चार्ज ले जाने के लिए सोडियम आयन (Na⁺) का उपयोग होता है। 
    • यह एक रिचार्जेबल बैटरी है। यह दो इलेक्ट्रोड्स; पॉजिटिव यानी धनात्मक इलेक्ट्रोड (कैथोड) और नेगेटिव यानी ऋणात्मक इलेक्ट्रोड (एनोड)  के बीच आयनों को स्थानांतरित करके  विद्युत उत्पन्न करती है।  
  • प्रमुख लाभ:
    • उपलब्धता: सोडियम प्रचुर मात्रा में, किफायती रूप से और विश्व स्तर पर उपलब्ध है।
    • अधिक सुरक्षित: चरम स्थितियों में संचालित होने पर लिथियम बैटरी की तुलना में आग लगने का जोखिम कम होता है।
    • ले जाने और भंडारण में: आमतौर पर लिथियम की तुलना में सुरक्षित।

फ्लोराइड-आयन बैटरी के बारे में

  • अर्थ: यह एक रिचार्जेबल बैटरी सिस्टम है। इसमें फ्लोराइड आयन (ऋणात्मक आयन) चार्ज को एक इलेक्ट्रोड से दूसरे इलेक्ट्रोड तक ले जाते हैं।
  • प्रमुख लाभ: 
    • उच्च ऊर्जा घनत्व: यह 2000 वाट-घंटा प्रति किलोग्राम (Wh/kg) से अधिक ऊर्जा दे सकती है, जो लिथियम-आयन बैटरियों (लगभग 500 वाट-घंटा प्रति किलोग्राम) से बहुत अधिक है।
    • अधिक उपलब्धता: फ्लोरीन, लिथियम की तुलना में बहुत अधिक मात्रा में उपलब्ध है। इससे इसकी आपूर्ति श्रृंखला भी बेहतर और किफायती हो सकती है। 

लिथियम-आयन बैटरी के बारे में

  • परिचय: यह रिचार्जेबल बैटरी है। इसका व्यापक रूप से पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक्स डिवाइसेज और इलेक्ट्रिक वाहनों में उपयोग किया जाता है।
    • इसमें एनोड और कैथोड लिथियम को स्टोर करते हैं। इलेक्ट्रोलाइट सेपरेटर के माध्यम से धनावेशित लिथियम आयन (Li⁺) को एनोड से कैथोड और फिर कैथोड से एनोड में वापस ले जाता है।
  • लाभ: लेड-एसिड बैटरी (लगभग 75 Wh/kg) और सोडियम-आयन बैटरी (100–160 Wh/kg) की तुलना में उच्च ऊर्जा देती है, रखरखाव की कम जरूरत पड़ती है; स्वतः डिस्चार्ज होने की दर कम  (प्रति माह 1.5-2%) है; इसमें विषाक्त लेड (सीसा) या कैडमियम नहीं होता है।
  • सीमाएँ: आयात पर अधिक निर्भरता और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान का खतरा (क्योंकि यह बैटरी दुर्लभ लिथियम, ग्रेफाइट, कोबाल्ट, निकल पर निर्भर है), धीमी चार्जिंग दर, आदि।
Watch Video News Today

Explore Related Content

Discover more articles, videos, and terms related to this topic

RELATED TERMS

3

ऊर्जा घनत्व (Energy Density)

यह किसी बैटरी की क्षमता को मापता है कि वह किसी दिए गए आयतन या द्रव्यमान में कितनी ऊर्जा संग्रहीत कर सकती है। उच्च ऊर्जा घनत्व का अर्थ है कि बैटरी छोटी या हल्की होने पर भी अधिक समय तक चल सकती है।

एनोड

बैटरी का ऋणात्मक इलेक्ट्रोड (Negative electrode) जो डिस्चार्ज के दौरान इलेक्ट्रॉनों को छोड़ता है और चार्ज के दौरान इलेक्ट्रॉनों को स्वीकार करता है।

कैथोड

बैटरी का धनात्मक इलेक्ट्रोड (Positive electrode) जो डिस्चार्ज के दौरान इलेक्ट्रॉनों को स्वीकार करता है और चार्ज के दौरान इलेक्ट्रॉन छोड़ता है।

Title is required. Maximum 500 characters.

Search Notes

Filter Notes

Loading your notes...
Searching your notes...
Loading more notes...
You've reached the end of your notes

No notes yet

Create your first note to get started.

No notes found

Try adjusting your search criteria or clear the search.

Saving...
Saved

Please select a subject.

Referenced Articles

linked

No references added yet