नॉर्थ टेक सिंपोजियम को संबोधित करते हुए, रक्षा मंत्री ने उभरते क्षेत्रों की अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकियों में नवाचार को तेज करने की भारत की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।
रक्षा प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्र
- निर्देशित ऊर्जा हथियार (Directed Energy Weapons - DEWs): ये ऐसे हथियार होते हैं जो गतिज ऊर्जा (kinetic energy) की जगह संकेंद्रित विद्युत-चुंबकीय ऊर्जा (जैसे लेज़र, माइक्रोवेव या पार्टिकल बीम) का इस्तेमाल करते हैं।
- हाइपरसोनिक हथियार प्रणालियां: इनमें हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (HGVs) और हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल (HCMs) शामिल होते हैं, जो मैक 5 (ध्वनि की गति से 5 गुना) से अधिक गति से चलते हैं। ये उड़ान के दौरान अपना मार्ग बदल सकते हैं, जिससे इन्हें रोकना (इंटरसेप्ट करना) बहुत कठिन हो जाता है।
- उदाहरण के लिए: रूस की ओरेश्निक (Oreshnik) हाइपरसोनिक मिसाइल।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): इसका उपयोग निम्नलिखित में किया जाता है:
- साइबर सुरक्षा में उपयोग: असामान्य गतिविधियों को पहचानने और साइबर हमलों को रोकने में।
- पूर्वानुमान आधारित रखरखाव: विमान के पार्ट्स की स्थिति का पहले से आकलन करके खराबी को पहले ही दूर कर लिया जाता है, जिससे डाउनटाइम कम होता है।
- ट्रेनिंग सिमुलेशन: उन्नत और वास्तविक जैसे प्रशिक्षण के लिए स्मार्ट सिमुलेशन तैयार करने में।
- क्वांटम प्रौद्योगिकियां:
- क्वांटम कंप्यूटर: जटिल सैन्य लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखलाओं को अनुकूलित करने में मदद करता है।
- क्वांटम-की डिस्ट्रीब्यूशन (QKD): बेहद सुरक्षित संचार सुनिश्चित करता है, जिसे हैक करना लगभग असंभव होता है, और यदि कोई बीच में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करे तो तुरंत पता चल जाता है।
- क्वांटम सेंसर्स: पनडुब्बियों, समुद्री बारूदी सुरंगों (सी-माइंस), स्टेल्थ वाहनों और भूमिगत बंकरों का पता लगाने की क्षमता को बहुत बढ़ाते हैं।
उभरती रक्षा प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के लिए सरकारी पहलें
- iDEX (रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार): इसका उद्देश्य रक्षा और एयरोस्पेस में नवाचार और स्वदेशीकरण को बढ़ावा देना है।
- अदिति/ADITI (iDEX के साथ नवीन प्रौद्योगिकियों के विकास को गति देना): इसका उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करने के लिए 30 महत्वपूर्ण डीप-टेक और रणनीतिक प्रौद्योगिकियों का विकास करना है।
- प्रौद्योगिकी विकास कोष (TDF) योजना: यह स्वदेशी रक्षा और दोहरे उपयोग (सैन्य और असैन्य) वाली प्रौद्योगिकियों को विकसित करने के लिए उद्योगों, MSME, स्टार्टअप और शैक्षणिक संस्थानों को वित्तपोषित करती है।
- AI के लिए संस्थागत ढांचा: रक्षा AI परिषद (DAIC) और रक्षा AI परियोजना एजेंसी (DAIPA) के माध्यम से इसे बढ़ावा दिया जा रहा है।
- हाइपरसोनिक हथियार विकास: उदाहरण के लिए, ‘ध्वनि’ (Dhvani) हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल (स्वदेशी मॉडल) का विकास किया गया है।