इन नियमों को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत अधिसूचित किया गया था।
- SWM नियम, 2026 ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) नियम, 2016’ की जगह लागू होंगे।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रमुख प्रावधान:
- अनिवार्य चार-स्तरीय पृथक्करण: ठोस अपशिष्ट को इनके उत्पादन स्रोत पर ही अनिवार्य रूप से चार श्रेणियों में अलग-अलग किया जाएगा।
- ये चार श्रेणियां हैं; गीला अपशिष्ट (रसोई/आर्गेनिक), सूखा अपशिष्ट (प्लास्टिक, कागज, धातु), सैनिटरी अपशिष्ट (डायपर, टैम्पॉन) और विशेष निगरानी वाला अपशिष्ट (पेंट, दवाइयाँ, बल्ब)।
- थोक अपशिष्ट उत्पादकों (BWGs) की जवाबदेही: यदि अपशिष्ट उत्पादन के स्रोत पर अपशिष्ट का निस्तारण संभव नहीं हो तो विस्तारित थोक अपशिष्ट उत्पादक उत्तरदायित्व (Extended Bulk Waste Generator Responsibility-EBWGR) के तहत इन्हें EBWGR प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा।
- थोक अपशिष्ट उत्पादक (BWGs) वे इकाइयां हैं जिनका फ्लोर एरिया 20,000 वर्ग मीटर है, जल खपत 40,000 लीटर दैनिक है, या ये प्रतिदिन 100 किलोग्राम से अधिक अपशिष्ट उत्पन्न करती हैं।
- ‘प्रदूषक द्वारा भुगतान’ (Polluter Pays) सिद्धांत: यह सिद्धांत नियमों के उल्लंघन और अपशिष्ट के अनुचित प्रबंधन पर लागू होगा।
- केंद्रीकृत ऑनलाइन पोर्टल: अपशिष्ट उत्पादन से लेकर निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए।
- स्थानीय निकायों के कर्तव्य: 'मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी' (अपशिष्ट छंटाई केंद्रों) के समन्वय में ठोस अपशिष्ट का संग्रह, पृथक्करण और परिवहन करने में।
- ‘अपशिष्ट व्युत्पन्न ईंधन (Refuse Derived Fuel: RDF)’ का उपयोग: सीमेंट संयंत्रों जैसी औद्योगिक इकाइयों को ठोस ईंधन की जगह अपशिष्ट व्युत्पन्न ईंधन का उपयोग करना अनिवार्य किया गया है।
- लैंडफिल के उपयोग को सीमित करना: लैंडफिल का उपयोग अब केवल ऐसे अपशिष्टों के लिए सख्ती से सीमित कर दिया गया है, जिन्हें न तो पुनर्चक्रित किया जा सकता है और न ही जिनसे ऊर्जा उत्पादन हो सकता है। निष्क्रिय (नुकसान-रहित) अपशिष्ट पदार्थों को लैंडफिल में डालने की अनुमति है।
- पहाड़ी क्षेत्रों और द्वीपों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM): उदाहरण के तौर पर, स्थानीय निकाय पर्यटकों से उपयोगकर्ता शुल्क वसूल सकते हैं। ये संस्थाएं उपलब्ध अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं की क्षमता के आधार पर पर्यटकों के आगमन की संख्या निर्धारित कर सकती हैं।
भारत में ठोस अपशिष्ट उत्पादन
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