हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत दो और सेमीकंडक्टर निर्माण इकाइयों की स्थापना को मंजूरी दी।
- इनमें गुजरात के धोलेरा में गैलियम नाइट्राइड (GaN) तकनीक पर आधारित देश की पहली व्यावसायिक मिनी/माइक्रो-LED डिस्प्ले सुविधा शामिल है।
- गैलियम नाइट्राइड एक सेमीकंडक्टर है। यह ब्लू/ग्रीन माइक्रो-LED के लिए एक मुख्य निर्माण घटक है। यह उच्च शक्ति तथा उच्च-आवृत्ति वाले अनुप्रयोगों के लिए अधिक उपयोगी है।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के बारे में
- शुरुआत: इसे 2021 में एक प्रभावी सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले प्रणाली के निर्माण के लिए शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और डिजाइन के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
- संबंधित मंत्रालय: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय।
- चार उप-योजनाएं:
- सेमीकंडक्टर फैब योजना
- डिस्प्ले फैब योजना
- कंपाउंड सेमीकंडक्टर और ATMP योजना
- डिजाइन से संबद्ध प्रोत्साहन योजना।
Article Sources
1 sourceआर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने गुजरात के वाडिनार में एक अत्याधुनिक जहाज मरम्मत केंद्र के विकास को मंजूरी प्रदान की।
- इस परियोजना को दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित किया जाएगा।
- इसे एक ब्राउनफील्ड सुविधा के रूप में विकसित किया जाएगा।
- वाडिनार को चुनने का कारण: प्राकृतिक रूप से गहरा समुद्री तट (डीप ड्राफ्ट) उपलब्ध होना, प्रमुख बंदरगाहों के पास स्थित होना, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होना।
- महत्व: यहां 300 मीटर तक के बड़े जहाजों की देश में ही मरम्मत की जा सकेगी, तथा भारत के पश्चिमी तट पर बंदरगाह के टर्नअराउंड समय में सुधार होगा।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने रोम संविधि (Rome Statute) के तहत इकोसाइड (Ecocide) को अंतर्राष्ट्रीय अपराधों में शामिल करने का सुझाव दिया है।
- ध्यातव्य है कि अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) रोम संविधि द्वारा शासित होता है।
- वर्तमान में, रोम संविधि के तहत 4 अपराधों को मान्यता दी गई है: नरसंहार; मानवता के खिलाफ अपराध; युद्ध अपराध; और आक्रामकता का अपराध।
इकोसाइड के बारे में
- यह इंसानी गतिविधियों के कारण पर्यावरण को होने वाले बड़े पैमाने के नुकसान को दर्शाता है, खासकर जब यह औद्योगिक स्तर पर हो या बहुत बड़े क्षेत्र को प्रभावित करे।
- इस पद को 1970 में प्रोफेसर आर्थर डब्ल्यू. गैल्स्टन ने गढ़ा था। उन्होंने इसका उपयोग वियतनाम युद्ध के दौरान एजेंट ऑरेंज (एक शाकनाशी) के इस्तेमाल से हुए पर्यावरणीय नुकसान को समझाने के लिए किया था।
- वियतनाम के बाद, कई देशों ने इसे अपने देश के कानूनों में शामिल किया।
क्लीन कोर थोरियम एनर्जी (CCTE) ने इडाहो नेशनल लेबोरेटरी के एडवांस्ड टेस्ट रिएक्टर में अपने पेटेंट प्राप्त 'ANEEL' ईंधन के लिए हाई-बर्नअप विकिरण परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
ANEEL ईंधन के बारे में
यहां ANEEL से आशय है—एडवांस्ड न्यूक्लियर एनर्जी फॉर एनरिच्ड लाइफ।
- यह थोरियम और अल्प मात्रा में संवर्धित यूरेनियम (हाई एसे लो एनरिच्ड यूरेनियम) का एक अनूठा मिश्रण है।
- इस ईंधन का नाम भारत के महान परमाणु वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोडकर के सम्मान में रखा गया है।
ANEEL ईंधन का महत्व:
- परमाणु अपशिष्ट में उल्लेखनीय कमी होगी।
- देश में उपलब्ध थोरियम निक्षेप का उपयोग करके भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।
- यह तकनीक वर्तमान परमाणु रिएक्टरों से सुरक्षित तरीके से अधिक बिजली उत्पादन करने में मदद करती है, साथ ही उनके दैनिक संचालन व्यय को भी कम करती है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन (IOM) ने विश्व प्रवासन रिपोर्ट 2026 (World Migration Report 2026) जारी की।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
- वैश्विक प्रवासन: 2024 में लगभग 304 मिलियन लोग अपने जन्म वाले देश से बाहर रह रहे थे, जो वैश्विक आबादी का 3.7% है, जबकि 1990 में यह 2.9% था।
- शीर्ष प्रवास मार्ग: मैक्सिको-USA (पहला), अफगानिस्तान-ईरान (दूसरा), सीरिया-तुर्की (तीसरा), रूस-यूक्रेन (चौथा), भारत-UAE (पांचवां) और भारत-USA (छठा)।
- विकास को गति देने वाला प्रवासन: 2024 में वैश्विक स्तर पर विप्रेषण (Remittances) अनुमानतः 905 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें निम्न और मध्यम आय वाले देशों को भेजे गए 685 बिलियन डॉलर शामिल हैं।
- भारत से संबंधित:
- UAE में भारतीय प्रवासियों की संख्या 3 मिलियन से अधिक थी, जबकि USA में भारतीय प्रवासियों की संख्या लगभग 3.2 मिलियन (मैक्सिकन प्रवासियों के बाद दूसरी सबसे बड़ी संख्या) थी।
- भारत में पुरुष अप्रवासियों की तुलना में महिला अप्रवासियों की हिस्सेदारी अधिक थी।
- भारत से पुरुषों का प्रवासन मुख्य रूप से खाड़ी देशों आदि में श्रम प्रवासन के कारण हुआ है।
भारत-पाकिस्तान सीमा के पास थार के रेगिस्तान में दुर्लभ कैराकल (सियाह-गोश) प्रजाति देखी गई। इसे स्थानीय रूप से 'पड़ंग' कहा जाता है।
- भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के अनुसार, भारत में केवल लगभग 50 कैराकल प्रजाति ही बची हैं।
कैराकल के बारे में

- विशेषताएं: यह एक शर्मीला, निशाचर जीव है जो अपनी फुर्ती और उड़ने वाले पक्षियों का शिकार करने की क्षमता के लिए जाना जाता है।
- पर्यावास: यह जीव शुष्क सवाना और जंगली क्षेत्र, झाड़ियों, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी क्षेत्रों तथा रेगिस्तान में पाया जाता है।
- वितरण: अफ्रीका, मध्य-पूर्व, मध्य एशिया, पाकिस्तान और भारत के शुष्क क्षेत्र (राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश)।
- खतरा: पर्यावास का नुकसान, पर्यावास का विखंडित होना, और प्रतिशोध में की जाने वाली हत्याएं आदि।
- संरक्षण स्थिति:
- IUCN रेड लिस्ट: लीस्ट कंसर्न;
- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972: अनुसूची I
- संरक्षण के प्रयास: कैराकल को प्रजाति पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम के तहत क्रिटिकली एंडेंजर्ड प्रजाति के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
दो भारतीय पत्रकारों; आनंद आर.के. और सुपर्णा शर्मा ने भारत में साइबर अपराध को उजागर करने के लिए 'इलस्ट्रेटेड रिपोर्टिंग और कमेंट्री' श्रेणी में पुलित्जर पुरस्कार जीता।
पुलित्जर पुरस्कार के बारे में
- परिचय: यह पत्रकारिता, साहित्य और संगीत रचना के क्षेत्र में दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है। यह रिपोर्टिंग और स्टोरी-टेलिंग में उत्कृष्टता के लिए प्रदान किया जाता है।
- यह अमेरिका में पत्रकारिता का सर्वोच्च पुरस्कार है। यह प्रतिवर्ष 23 श्रेणियों में प्रदान किया जाता है।
- प्रशासक: कोलंबिया विश्वविद्यालय।
- स्थापना: इसे 1917 में हंगेरियन-अमेरिकी समाचार-पत्र प्रकाशक जोसेफ पुलित्जर की वसीयत के प्रावधानों के अनुसार शुरू किया गया था।
भारत के नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने भारत के स्वर्ण बाजार को औपचारिक रूप देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGRs) की शुरुआत की।
- बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE), 2022 में EGR की शुरुआत करने वाला भारत का पहला स्टॉक एक्सचेंज बना था।
EGRs के बारे में
- ये डिमैट (डिमीटेरियलाइज्ड) प्रतिभूतियां होती हैं, जो भौतिक स्वर्ण के स्वामित्व का प्रतिनिधित्व करती हैं। यह स्वर्ण भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा मान्यता प्राप्त वॉल्ट्स में सुरक्षित रखा जाता है और डिपॉजिटरी के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखा जाता है।
- प्रत्येक EGR पूरी तरह भौतिक स्वर्ण द्वारा समर्थित होता है, जिसकी गुणवत्ता सुनिश्चित होती है, और इसे एक्सचेंज में खरीदा-बेचा जा सकता है—इससे स्वर्ण वित्तीय प्रणाली का हिस्सा बन जाता है।
- EGR को कभी भी भौतिक स्वर्ण के रूप में रिडीम (बदला) किया जा सकता है, जबकि गोल्ड ETF का आमतौर पर नकद में सेटलमेंट होता है।
- विनियामक: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI)।
- परिसंपत्ति की श्रेणी: प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम (SCRA), 1956 के तहत प्रतिभूतियां।
- EGR बाजार में भागीदार: खुदरा निवेशक, जौहरी, बुलियन व्यापारी आदि।
Article Sources
1 sourceएक विश्लेषण में मीथेन अलर्ट एंड रिस्पॉन्स सिस्टम (MARS) द्वारा मुंबई के कांजुरमार्ग लैंडफिल साइट को विश्व के शीर्ष 3 मीथेन उत्सर्जक स्थलों के रूप में चिन्हित किया गया। MARS के तहत अब कोयला खदानों और अपशिष्ट केंद्रों को भी शामिल किया जाएगा।
- अब तक, MARS के तहत उन देशों की तेल और गैस सुविधाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया था जो UNEP के 'ऑयल एंड गैस मीथेन पार्टनरशिप 2.0' का हिस्सा हैं।
मीथेन अलर्ट एंड रिस्पॉन्स सिस्टम के बारे में
- यह विश्व की पहली सार्वजनिक वैश्विक सैटेलाइट-आधारित अन्वेषण और सूचना प्रणाली है, जो विश्व भर में मीथेन के बहुत बड़े उत्सर्जन (सुपर-एमिटर्स) पर डेटा उपलब्ध कराती है।
- नोडल एजेंसी: संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) की अंतर्राष्ट्रीय मीथेन उत्सर्जन वेधशाला।
- शुरुआत: COP27 जलवायु शिखर सम्मेलन, शर्म अल-शेख, मिस्र (2022) में।
- यह 'वैश्विक मीथेन संकल्प' (Global Methane Pledge) के क्रियान्वयन में सहायता करता है। इस संकल्प का लक्ष्य 2030 तक वैश्विक मीथेन उत्सर्जन को 2020 के स्तर से कम-से-कम 30% तक कम करना है।
एक अध्ययन में ओडिशा के भितरकनिका वन्यजीव अभयारण्य (WLS) से एकत्र किए गए नमूनों वाले स्थलों से माइक्रोप्लास्टिक और विषाक्त भारी धातुओं की उपस्थिति का पता चला है।
- माइक्रोप्लास्टिक 5 मिलीमीटर से छोटे आकार के प्लास्टिक के कण होते हैं।
भितरकनिका वन्यजीव अभयारण्य (WLS) के बारे में
- अवस्थिति: केंद्रपाड़ा जिला, ओडिशा।
- भौगोलिक अवस्थिति: ब्राह्मणी, वैतरणी और महानदी के ज्वारनदमुख (एश्चुअरी) डेल्टा द्वारा निर्मित।
- पारिस्थितिकी तंत्र: यह पश्चिम बंगाल के सुंदरबन के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र है।
- दर्जा: यह एक राष्ट्रीय उद्यान और अंतर्राष्ट्रीय महत्व का रामसर आर्द्रभूमि स्थल है।
- प्राप्त प्रमुख जीव: खारे पानी के मगरमच्छ, दुर्लभ सफेद (एल्बिनो) मगरमच्छ आदि।
- गहिरमाथा तट ओलिव रिडले समुद्री कछुओं का सबसे बड़ा ज्ञात रूकरी (अरिबाडा) स्थल है। यहाँ ये कछुए बड़ी संख्या में एक साथ अंडे देने (मास नेस्टिंग) आते हैं।